जमीनों के हड़पने का मामला उलझा, अब दूसरे पक्ष ने दर्ज कराई एफआईआर, जानें क्या लगाए आरोप

राजस्थान के भीलवाड़ा में जमीनों को हड़पने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हैं। दोनों पक्ष ने एक-दूजे पर फर्जीवाड़ा कर जमीनों को हथियाने का आरोप लगाया है। इस मामले में दोनों पक्षों ने एफआईआर दर्ज कराई है।

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Ashish Bhardwaj
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Photograph: (the sootr)

News In Short

  • राजस्थान के भीलवाड़ा में जमीनों के खेल में दो पक्ष आए आमने-सामने।
  • अब दूसरे पक्ष से रफीक मोहम्मद ने छह लोगों के खिलाफ दर्ज कराई रिपोर्ट।
  • इससे पहले सरफुद्दीन दर्ज करा चुका है पत्रकार समेत 11 लोगों के खिलाफ केस। 
  • रफीक का दावा, पंचवटी क्षेत्र में तय प्रक्रिया में खरीदे पांच भूखंड।
  • नींव खुदाई के समय आरोपियों ने धमकी दी और निर्माण रोकने को कहा।  

News In Detail

राजस्थान के भीलवाड़ा शहर में जमीनों के फर्जीवाड़े का मामला अब पेचीदा हो गया है। कोतवाली पुलिस ने पंचवटी क्षेत्र के भूखंड़ों से जुड़े इस मामले में दूसरे पक्ष की एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने इस एफआईआर में महेश सोनी, दिनेश पुरी, नरेश काबरा, सरफुद्दीन, भैरोलाल काबरा और बबलू लाहोटी को आरोपी बनाया है। इससे पहले सरफुद्दीन और महेश सोनी ने मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें 11 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था।।

रफीक ने बताई पूरी खरीद प्रक्रिया

रफीक मोहम्मद की ओर से दर्ज कराई नई एफआईआर में बताया है कि उन्होंने भीलवाड़ा में पंचवटी क्षेत्र के भोपालपुरा स्थित कृषि आराजी नंबर 2412 एवं 2413 के कुल 5 भूखंड खरीदे थे। इनका क्षेत्रफल 8938 वर्गफीट है। उन्होंने दावा किया कि इन भूखंडों की खरीद तय प्रक्रिया से हुई थी।

ये भूखंड अपंजीकृत विक्रय इकरार के जरिए सिराजुद्दीन सोरगर से खरीदे। सिराजुद्दीन सोरगर ने यह भूमि अपंजीकृत विक्रय पत्र से जुबैदा बानू पत्नी स्व. फरीद मोहम्मद छीपा और इकबाल मोहम्मद छीपा निवासी कांकरोली से खरीदी थी। रफीक का कहना है कि इन भूखंडों से संबंधित संपूर्ण लेन-देन प्रॉपर चैनल से किया गया।

निर्माण शुरू करते ही पहुंचे आरोपी

रिपोर्ट के अनुसार 14 दिसंबर 2025 को जब रफीक अपने खरीदे भूखंड पर निर्माण के लिए नींव खुदवा रहे थे, तभी दिनेश पुरी और सरफुदीन मौके पर पहुंचे। उन्होंने निर्माण कार्य रोकने के लिए धमकाया।

रिपोर्ट में बताया कि दोनों ने विवाद करते हुए कहा कि ये भूखंड महेश सोनी, नरेश काबरा, भैरूलाल काबरा एवं बबलू लाहोटी के हैं। इनको कोई नहीं खरीद सकता है। मौके पर ही दोनों ने मोबाइल फोन से महेश सोनी से बात कराई, जिसने फोन पर धमकी दी कि यदि निर्माण कार्य नहीं रोका गया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

झूठा मुकदमा दर्ज करने का दावा

शिकायतकर्ता रफीक ने रिपोर्ट में बताया कि जब उन्होंने पुलिस में इस धमकी के बारे में शिकायत की तो उनसे जांच के लिए असल दस्तावेज मांगे गए। बाद में इन लोगों ने सरफूदीन और महेश सोनी के माध्यम से उनके साथी पत्रकार मनीष जैन, यूआईटी कर्मचारी नरेश खटीक सहित अन्य लोगों के खिलाफ झूठा केस दर्ज करा दिया, जिनका इस भूमि से कोई संबंध नहीं है।

तीन दशक से सक्रिय होने के आरोप

रिपोर्ट के अनुसार महेश सोनी व उसके साथी कांग्रेस के नाम और अपने पूर्व पद का इस्तेमाल कर लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीनों पर कब्जा करने का काम कर रहे हैं। ये लोग कई भूखंडों के ग़ैर क़ानूनी स्टाम्प तैयार कर यूआईटी से मुआवज़े के रूप में करोड़ों रुपए अर्जित कर चुके हैं।

सरफुद्दीन भी दर्ज करा चुके हैं एफआईआर

इससे पहले पुलिस ने यूआईटी कर्मचारी समेत 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसमें सरफुद्दीन शेख और महेश सोनी ने आरोप लगाया था कि भास्कर के पत्रकार मनीष जैन और रफीक पठान ने यूआईटी कर्मचारी नरेश खटीक के साथ मिलकर पंचवटी क्षेत्र के भूखंड़ों की मूल फाइलें चोरी करवाईं। इसके बाद उन फाइलों के आधार पर जाली दस्तावेज तैयार किए गए, जिससे जमीन पर मालिकाना हक जताया जा सके।

पुलिस कर रही है जांच

सिटी कोतवाली में दर्ज मामले में थानाधिकारी शिवराज गुर्जर इस मामले की जांच कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस इनके यूआईटी और नगर परिषद में उठाए गए मुआवज़ों का भी रिकार्ड तलब कर चुकी है। यह रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पंचवटी क्षेत्र के भूखंडों का मामला पेचीदा हो गया है।

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रिपोर्ट एफआईआर पत्रकार जमीनों के खेल भीलवाड़ा
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