CGST अधिकारी सांवलराम समेत दो बिचौलियों ने रिश्वत के लिए बनायी व्यवस्था, क्या है ACB की अगली रणनीति?

Jyoti Mahender Bhardwaj | Sept 30, 2026, 14:20 IST
Share
3.12 करोड़ के नोटिस पर 60 लाख की डील<br>
3.12 करोड़ के नोटिस पर 60 लाख की डील

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने CGST अधीक्षक और दो बिचौलियों को रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने 3.12 करोड़ रुपए के नोटिस को कम करने के लिए 60 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। पहले चरण में 25 लाख रुपये की रकम लेते समय बिचौलियों को पकड़ लिया गया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • 3.12 करोड़ के नोटिस पर 60 लाख की डील
  • 25 लाख की पहली किश्त लेते दो दलाल गिरफ्तार
  • सीजीएसटी अधीक्षक भी एसीबी के शिकंजे में
  • घर की तलाशी में नकदी और जेवर बरामद
  • पेट्रोल पंप से टायर शोरूम तक रिश्वत नेटवर्क
राजसमंद। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने CGST के 3.12 करोड़ रुपए के शो-कॉज नोटिस की राशि कम करने के बदले 60 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने पहली किश्त के 25 लाख रुपए लेते दो बिचौलियों सुशील पारीक और अनिल पारीक को गिरफ्तार किया है। वहीं, उदयपुर के CGST अधीक्षक सांवलराम को कोटा के सुकेत से पकड़ा गया।

कार्रवाई के बाद एसीबी ने मुख्य आरोपी सांवलराम के आवास की तलाशी ली। यहां से 17 लाख 30 हजार रुपए नकद और सोने-चांदी के जेवर बरामद किए गए हैं। तीनों आरोपियों को एसीबी की विशेष अदालत में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।

3.12 करोड़ के नोटिस को कम करने के बदले मांगे 60 लाख

एसीबी राजसमंद के एएसपी हिम्मत सिंह चारण के अनुसार, एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि उसके पिता के नाम से तीन फर्म संचालित हैं। इन फर्मों से जुड़े मामले में केंद्रीय माल एवं सेवा कर विभाग की ओर से 3.12 करोड़ रुपए का शो-कॉज नोटिस जारी किया गया था।

शिकायतकर्ता ने नोटिस की राशि कम करवाने के लिए उदयपुर स्थित CGST कार्यालय में संपर्क किया। इसी दौरान राजसमंद में उसकी मुलाकात अनिल पारीक से हुई। आरोप है कि नोटिस की राशि कम करवाने के बदले उससे रिश्वत की मांग की गई।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया।

फोन पर अधिकारी से हुई बात, 60 लाख में तय हुआ सौदा

सत्यापन के दौरान शिकायतकर्ता ने अनिल पारीक से संपर्क किया। आरोप है कि अनिल पारीक ने मोबाइल फोन पर CGST अधीक्षक सांवलराम से बात की।बातचीत के बाद 60 लाख रुपए की रिश्वत तय होने की बात सामने आई। पहली किश्त के तौर पर 25 लाख रुपए देने पर सहमति बनी। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप की पूरी योजना तैयार की।

टायर शोरूम पर पहुंची 25 लाख की पहली किश्त

29 सितंबर की दोपहर शिकायतकर्ता 25 लाख रुपए लेकर राजसमंद की 100 फीट रोड पहुंचा। इसी दौरान अनिल पारीक ने उसे फोन पर बताया कि वह केलवा पेट्रोल पंप के पास है और रकम 100 फीट रोड स्थित टायर शोरूम पर उसके भतीजे सुशील पारीक को दे दी जाए। शिकायतकर्ता ने तय रकम सुशील पारीक को सौंप दी। जैसे ही रकम दी गई, एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए सुशील पारीक को कथित रिश्वत की रकम के साथ पकड़ लिया।

इसके बाद एसीबी की दूसरी टीम ने केलवा पेट्रोल पंप से अनिल पारीक को गिरफ्तार किया। वहीं, एसीबी की तीसरी टीम ने कार्रवाई करते हुए CGST अधीक्षक सांवलराम को कोटा के सुकेत से हिरासत में लिया।

2 लाख असली और 23 लाख डमी नोट

एसीबी की ट्रैप कार्रवाई में 25 लाख रुपए की रकम रखी गई थी। इसमें 2 लाख रुपए असली और 23 लाख रुपए डमी राशि बताई गई है। एसीबी ने ट्रैप की रकम को जब्त कर लिया है। कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को राजसमंद एसीबी कार्यालय लाया गया, जहां उनसे रिश्वत के पूरे नेटवर्क को लेकर पूछताछ की गई। इसके बाद आरोपियों का मेडिकल कराया गया।

अधिकारी के घर से 17.30 लाख रुपए और जेवर मिले

कार्रवाई के बाद एसीबी ने CGST अधीक्षक सांवलराम के आवास की भी तलाशी ली। तलाशी के दौरान 17 लाख 30 हजार रुपए नकद बरामद किए गए।इसके अलावा सोने और चांदी के जेवर भी मिले हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इनमें करीब 75 हजार रुपए कीमत के चांदी के जेवर शामिल हैं। एसीबी अब बरामद नकदी और जेवर के स्रोत की भी जांच कर रही है।

विश्वेंद्र सिंह का डोटासरा पर हमला, निकम्मों को बांटे टिकट, भरतपुर आने की हिम्मत की तो भारी पड़ेगा
30 Sept 2026 ,
By Mukesh Sharma
पूर्व कैबिनेट मंत्री महाराजा विश्वेंद्र सिंह ने गोविंद सिंह डोटासरा को लेकर कड़े शब्दों में बयान दिए हैं, जिसमें उन्होंने कांग्रेस की हालिया चुनावी हार के लिए जिलाध्यक्षों को जिम्मेदार ठहराया। डोटासरा का प्रदेश अध्यक्ष बने रहना भी उन्होंने गलत ठहराया और इस्तीफे की मांग की। साथ ही, उन्होंने शिक्षा मंत्री रहते हुए डोटासरा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने से भी नहीं चूके।
पूर्व कैबिनेट मंत्री महाराजा विश्वेंद्र सिंह ने गोविंद सिंह डोटासरा को लेकर कड़े शब्दों में बयान दिए हैं, जिसमें उन्होंने कांग्रेस की हालिया चुनावी हार के लिए जिलाध्यक्षों को जिम्मेदार ठहराया। डोटासरा का प्रदेश अध्यक्ष बने रहना भी उन्होंने गलत ठहराया और इस्तीफे की मांग की। साथ ही, उन्होंने शिक्षा मंत्री रहते हुए डोटासरा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने से भी नहीं चूके।

चाचा-भतीजे थे दोनों बिचौलिए

मामले में गिरफ्तार अनिल पारीक और सुशील पारीक आपस में चाचा-भतीजे हैं। अनिल पारीक केलवा में पेट्रोल पंप संचालित करता है, जबकि सुशील कुमार पारीक राजसमंद की 100 फीट रोड पर टायर शोरूम चलाता है।

एसीबी अब यह जांच कर रही है कि दोनों की CGST अधिकारी से किस तरह की बातचीत थी और 3.12 करोड़ रुपए के नोटिस को कम करने के मामले में उनकी भूमिका क्या थी।

अब पूरे नेटवर्क की जांच

इस कार्रवाई के बाद एसीबी की जांच सिर्फ 25 लाख रुपए की पहली किश्त तक सीमित नहीं रहेगी। जांच एजेंसी अधिकारी और दोनों बिचौलियों के बीच संपर्क, कथित लेन-देन और अन्य मामलों में उनकी भूमिका की जानकारी जुटा रही है।

एसीबी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इसी तरह अन्य मामलों में भी बिचौलियों के जरिए रकम की मांग या लेन-देन किया गया था। फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
Tags:
  • भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो
  • एएसपी हिम्मत सिंह चारण
  • 60 लाख रुपए की रिश्वत
  • सुशील पारीक
  • अनिल पारीक
  • CGST अधीक्षक सांवलराम
  • ACB
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में दिग्विजय सिंह पर क्यों भड़क गई सोनिया गांधी? जानें वजह...

By Amresh Kushwaha

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में दिग्विजय सिंह पर क्यों भड़क गई सोनिया गांधी? जानें वजह...
दोबारा बनेगी एसआई पुलिस भर्ती की मेरिट लिस्ट, 2013 की भर्ती में हो गया था बड़ा खेल

By Neel Tiwari

दोबारा बनेगी एसआई पुलिस भर्ती की मेरिट लिस्ट, 2013 की भर्ती में हो गया था बड़ा खेल
सुसाइड से पहले दिल्ली गए थे बंटी नागर, 25 करोड़ की जमीन ली, मौत का कारण व्यक्तिगत

By Sanjay Gupta

सुसाइड से पहले दिल्ली गए थे बंटी नागर, 25 करोड़ की जमीन ली, मौत का कारण व्यक्तिगत
फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह और टीआई महेश लिल्हारे के भाई से था गहरा रिश्ता? पुलिस ने की पूछताछ

By Manya Jain

फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह और टीआई महेश लिल्हारे के भाई से था गहरा रिश्ता? पुलिस ने की पूछताछ
क्या एसओजी रीडर जसवंत राव ने 2 करोड़ की रिश्वत स्वीकार की? एसीबी की जांच में नई बातें उभरकर आ रही हैं

By Jyoti Mahender Bhardwaj

क्या एसओजी रीडर जसवंत राव ने 2 करोड़ की रिश्वत स्वीकार की? एसीबी की जांच में नई बातें उभरकर आ रही हैं
विश्वेंद्र सिंह का डोटासरा पर हमला, निकम्मों को बांटे टिकट, भरतपुर आने की हिम्मत की तो भारी पड़ेगा

By Mukesh Sharma

विश्वेंद्र सिंह का डोटासरा पर हमला, निकम्मों को बांटे टिकट, भरतपुर आने की हिम्मत की तो भारी पड़ेगा
मुझे नचनिया कहा,अब चुप क्यों? माता सीता के किरदार पर साध्वी हर्षा रिछारिया का संतों से सवाल

By Aman Vaishnav

मुझे नचनिया कहा,अब चुप क्यों? माता सीता के किरदार पर साध्वी हर्षा रिछारिया का संतों से सवाल