विश्वेंद्र सिंह का डोटासरा पर हमला, निकम्मों को बांटे टिकट, भरतपुर आने की हिम्मत की तो भारी पड़ेगा
Mukesh Sharma | Sept 30, 2026, 12:43 IST
पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह
पूर्व कैबिनेट मंत्री महाराजा विश्वेंद्र सिंह ने गोविंद सिंह डोटासरा को लेकर कड़े शब्दों में बयान दिए हैं, जिसमें उन्होंने कांग्रेस की हालिया चुनावी हार के लिए जिलाध्यक्षों को जिम्मेदार ठहराया। डोटासरा का प्रदेश अध्यक्ष बने रहना भी उन्होंने गलत ठहराया और इस्तीफे की मांग की। साथ ही, उन्होंने शिक्षा मंत्री रहते हुए डोटासरा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने से भी नहीं चूके।
राजस्थान सरकार में पूर्व में कैबीनेट मंत्री और भरतपुर के पूर्व महाराजा विश्वेंद्र सिंह ने अपने ही पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने डोटासरा को चेतावनी दी है कि यदि भरतपुर आने की हिमाकत की तो डॉ.चंद्रभान से भी भारी स्वागत करुंगा।
उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट में सवाल उठाया है कि भरतपुर-डीग में कांग्रेस का बंटाधार-जिम्मेदार कौन ?
नगर निकाय में कांग्रेस की हार का एक ही कारण है - दोनों जिलाध्यक्षों ने चहेतों को टिकट बांटे और असली कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया। जनता ने सबक सिखा दिया। पहले निकाय चुनावों में जनता को इन लोगों ने कब्र में दफ़नाया था,लेकिन जनता भी तैयार बैठी है,इस बार चुनाव में जनता इन दोनों जिलाध्यक्षों और इनको बचाने वाले प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को उसी कब्र में दफनाने के लिए तैयार है।
ये CM का गृह जिला है, यहाँ कांग्रेस मजबूत होनी चाहिए थी, पर इन लोगों ने पार्टी को डुबो दिया और प्रदेश अध्यक्ष मूक-बधिर बना बैठा है। जब तक ये दोनों कुर्सी पर हैं, कांग्रेस का उठना नामुमकिन है। प्रदेश नेतृत्व होश में आओ!
द सूत्र से फोन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि डीग नगर पालिका के 40 सदस्यों में से मात्र 4 को टिकट दिए और कुम्हेर में मात्र दो। बयाना में बहुमत होने के बावजूद बोर्ड नहीं बना पाए। यह इसलिए हुआ क्यों कि निक्कमे और आधारहीन लोगों को जिला अध्यक्ष बनाया गया है। मैंने पहले भी पार्टी में डोटासरा से लेकर महासचिव तक को आगाह किया था,लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर बरसते हुए विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि भरतपुर जिला अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह सूपा के पिता अच्छे इंसान थे। उन्हें मेरे दिवंगत पिता ने सरपंच से दो बार विधायक बनवाया था। उनके पिता की मूर्ति के अनावरण समारोह में पूर्व सीएम अशोक गहलोत की उपस्थिति में डोटासरा ने कहा था कि भरतपुर तो ऐसी जगह है जहां लोग रास्ता बताने के भी पैसे लेते हैं। जब पार्टी सीएम के गृह जिले में ही ना मजबूती से चुनाव लड़ी ना बोर्ड बना पाई तो फिर काहे के प्रदेशाध्यक्ष हैं ?
विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि डोटासरा के शिक्षा मंत्री रहते हुए उनके रिश्तेदारों के इंटरव्यू में 80—80 नंबर कैसे आए ? वर्तमान सरकार को बने हुए ढाई साल हो चुके हैं लेकिन मुख्यमंत्री ने आज तक कोई जांच क्यों नहीं करवाई है?
पेपर लीक के मुद्दे पर विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि हमारी सरकार के समय में करीब 17 पेपर लीक हुए थे। इस संबंध में मैंने कैबीनेट में भी सवाल उठाया था। लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई थी और अब वर्तमान मुख्यमंत्री भजनलाल भी कुछ नहीं कर रहे हैं जबकि इनके कार्यकाल में भी करीब 4—5 बार पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं। ना ही हमारी सरकार के समय में जो पेपर लीक हुए उनके संबंध में अब तक इस सरकार ने कुछ किया है। यह जनता के साथ भारी अन्याय है। मैं तो मुख्यमंत्री नहीं था इसलिए पुलिस मेरे अधीन नहीं थी,लेकिन भजनलाल शर्मा तो गृह मंत्री भी हैं और पूरा पुलिस अमला उनके अधीन है। फिर भी वह कुछ क्यों नहीं कर रहे हैं ?
विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि डोटासरा को प्रदेशाध्यक्ष बने हुए छह साल से ज्यादा हो चुके हैं। नगर निकाय चुनाव में उनकी परफार्मेंस सामने आ चुकी है। इसलिए उन्हें अब इस्तीफा देना चाहिए और पार्टी को किसी दूसरे को प्रदेशाध्यक्ष बनाना चाहिए।
विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि किसी को इस गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि मैं भाजपा में जा रहा हूं। जब भी भाजपा में जाना होगा खुलेआम धडल्ले से होगा। मैं पहले भी भाजपा में रह चुका हूं इसलिए कोई परेशानी नहीं है। लेकिन,प्रदेशाध्यक्ष की कार्यप्रदणाली को लेकर मैं राहुल गांधी को पत्र लिखूंगा।
उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट में सवाल उठाया है कि भरतपुर-डीग में कांग्रेस का बंटाधार-जिम्मेदार कौन ?
नगर निकाय में कांग्रेस की हार का एक ही कारण है - दोनों जिलाध्यक्षों ने चहेतों को टिकट बांटे और असली कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया। जनता ने सबक सिखा दिया। पहले निकाय चुनावों में जनता को इन लोगों ने कब्र में दफ़नाया था,लेकिन जनता भी तैयार बैठी है,इस बार चुनाव में जनता इन दोनों जिलाध्यक्षों और इनको बचाने वाले प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को उसी कब्र में दफनाने के लिए तैयार है।
ये CM का गृह जिला है, यहाँ कांग्रेस मजबूत होनी चाहिए थी, पर इन लोगों ने पार्टी को डुबो दिया और प्रदेश अध्यक्ष मूक-बधिर बना बैठा है। जब तक ये दोनों कुर्सी पर हैं, कांग्रेस का उठना नामुमकिन है। प्रदेश नेतृत्व होश में आओ!
निक्कमे और आधारहीन हैं
काहे के प्रदेशाध्यक्ष हैं फिर
सीएम डोटासरा की जांच क्यों नहीं करवा रहे?
न हमारी सरकार ने किया ना भजनलाल कर रहे
इस्तीफा देना चाहिए अब
नहीं जा रहा भाजपा में
मध्य प्रदेश में सरप्लस उत्पादन फिर भी महंगी बिजली खरीदेगी सरकार, कांग्रेस ने उठाए सवाल
By Sanjay Sharma
पहले शिकायत, फिर नियुक्ति और अब विदाई! डिप्टी सीएम देवड़ा के यहां किसकी चली? OSD की नियुक्ति की फाइलों पर सवाल
By Ramanand Tiwari
27% ओबीसी आरक्षण: हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस की चूक गिनाई, अब भाजपा का रास्ता क्या?
By Ramanand Tiwari
OBC आरक्षण पर हाई कोर्ट का फैसला: CM मोहन यादव की पहली प्रतिक्रिया, बोले- कानूनी परीक्षण कर आगे की कार्रवाई करेगी सरकार
By Sumit Kumar
जबलपुर में 4 पटवारियों के अपहरण का दावा, मझौली से पटवारी लापता! कलेक्टर बोले पुलिस के पास जाएं
By Neel Tiwari
घर से वोट डालने की तैयारी, लेकिन पहचान और गोपनीयता की गारंटी कौन देगा?, डिजिटल मतदान की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
By Ramanand Tiwari
कटनी के बहोरीबंद SDM पर 4 पटवारियों को बंधक बनाने का आरोप, मोबाइल जब्त कर जबरन काम कराने की शिकायत लेकर थाने पहुंचा संघ
By Neel Tiwari