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Photograph: (the sootr)
News in Short
- सीजीएसटी ने दिनेश खोड़निया के डबोक स्थित दफ्तर पर कार्रवाई की।
कार्रवाई में दस्तावेज जब्त किए गए, जांच जारी है।
खोड़निया कांग्रेस के अहम सदस्य और पूर्व जिलाध्यक्ष रहे हैं।
खोड़निया का ज्वेलरी और रियल एस्टेट कारोबार है।
राजनीतिक दबाव में कार्रवाई का आरोप खोड़निया ने लगाया है।
- पेपर लीक के आरोपी बाबूलाल कटारा से नाम जुड़ने पर सेंट्रल जीएसटी की कार्रवाई ।
News in Detail
राजस्थान में पेपरलीक के आरोपी बाबूलाल कटारा से नाम जुड़ने के बाद उदयपुर में कांग्रेसी नेता दिनेश खोड़निया के घर और ऑफिस पर सेंट्रल जीएसटी की टीम ने छापा मारा है। खोड़निया के उदयपुर-चित्तौड़गढ़ हाइवे पर डबोक इलाके में ऑफिस पर कार्रवाई की जा रही है। खोड़निया डूंगरपुर में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष और एआईसीसी सदस्य भी हैं।
ज्वेलरी कारोबारी खोड़निया
दिनेश खोड़निया के डबोक स्थित दफ्तर पर गुड्स एंड सर्विस टैक्स (सीजीएसटी) उदयपुर की टीम ने गुरुवार देर रात कार्रवाई की। यह कार्रवाई गोपनीय रखी गई है। सीजीएसटी की टीम ने सर्च के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। खोड़निया का कारोबार ज्वेलरी और रियल एस्टेट में फैला हुआ है। खोड़निया के बेटे आदिश खोड़निया ग्रुप का संचालन करते हैं।
सीजीएसटी ने जब्त किए दस्तावेज
सीजीएसटी की टीम ने केआरई अरिहंत नामक फर्म के दफ्तर पर छापा मारा, जिसके संचालक दिनेश खोड़निया के बेटे आदिश खोड़निया हैं। टीम ने सर्च के दौरान दस्तावेज जब्त किए और कर्मचारियों से पूछताछ की। कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी की गई और जांच जारी है। इस कार्रवाई में सीजीएसटी की हिरणमगरी उदयपुर टीम के अधिकारी शामिल थे।
दिनेश खोड़निया का कारोबार
दिनेश खोड़निया ने कांग्रेस पार्टी में अहम भूमिका निभाई है। वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य रहे हैं। वे डूंगरपुर के कांग्रेस जिलाध्यक्ष रह चुके हैं । उनके भाई नरेंद्र खोड़निया सागवाड़ा नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं। खोड़निया का बड़ा ज्वेलरी और रियल एस्टेट कारोबार है। वे डूंगरपुर जिले के कई स्थानों पर काम करते हैं, जिनमें सागवाड़ा, उदयपुर और एयरपोर्ट के पास की जमीन शामिल है।
ईडी और पेपर लीक केस से जुड़ा नाम
पहले 13 अक्टूबर 2023 को ईडी ने डूंगरपुर में खोड़निया के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसी दौरान पेपर लीक केस में उनका नाम जुड़ा था। कांग्रेस नेता खोड़निया का नाम पेपर लीक के आरोपी बाबूलाल कटारा से जोड़ा गया था। हालांकि खोड़निया ने आरोपों को निराधार बताया था।
खोड़निया की कटारा की नियुक्ति में भूमिका
जानकारी में सामने आया है कि 2024 में ईडी ने डूंगरपुर के सागवाड़ा में उनके घर और ऑफिस पर छापेमारी की थी। ईडी ने अपनी चार्जशीट में दावा किया है कि पेपरलीक से जुड़े बाबूलाल कटारा की आरपीएससी में नियुक्ति में खोरड़िया ने भूमिका निभाई थी और बदले में राशि प्राप्त की थी।
राजनीतिक दबाव में कार्रवाई का आरोप
कांग्रेस नेता दिनेश खोड़निया ने कहा कि जहां टीम पहुंची थी, वहां फर्म खोले सिर्फ डेढ़ साल ही हुआ था और निर्माण कार्य चल रहा था। उनका कहना था कि टीम द्वारा मांगी गई सभी जानकारी दी गई, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण बार-बार उनकी जगह पर कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले भी ईडी और जीएसटी की टीम उनके यहां कार्रवाई कर चुकी है, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं मिला।
दिनेश खोड़निया कौन हैं?
दिनेश खोड़निया एक प्रमुख कांग्रेस नेता हैं जो पहले डूंगरपुर के कांग्रेस जिलाध्यक्ष रहे हैं। वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य भी हैं। खोड़निया का ज्वेलरी और रियल एस्टेट में बड़ा कारोबार है। डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा और उदयपुर में उनका व्यापार फैला हुआ है। वे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी नेता माने जाते हैं। राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं। खोड़निया का नाम पेपर लीक केस में भी जुड़ा है। इसमें आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा की नियुक्ति में सहयोग करने का आरोप है।
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