डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन विवि में बड़ी कार्रवाई: छात्राओं के प्रदर्शन के बाद लेक्चरर अजीत चारण बर्खास्त

The Sootr | Oct 10, 2026, 15:19 IST
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अजीत चारण बर्खास्त
अजीत चारण बर्खास्त

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद विश्वविद्यालय में छात्रों के खिलाफ उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर अब कठोर कदम उठाए गए हैं। कुलपति प्रोफेसर गोविंद शुक्ल सहाय ने आरोपी व्याख्याता डॉ. अजीत चारण को बर्खास्त कर दिया गया है। छात्राओं ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और अपनी मांगें पेश की हैं।

नेरश रमेश @ जोधपुर

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद विश्वविद्यालय में छात्राओं के उत्पीड़न के मामले में सख्त कदम उठाया गया है। विश्वविद्यालय के योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा कॉलेज की छात्राओं ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किया था। इसके बाद कुलपति प्रोफेसर गोविंद शुक्ल सहाय ने आरोपी व्याख्याता डॉ. अजीत चारण को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। इस कार्रवाई की पूरे परिसर में चर्चा है।

आयुर्वेद विश्वविद्यालय का क्या है पूरा मामला

व्याख्याता डॉ. अजीत चारण पर लंबे समय से गंभीर आरोप लग रहे थे। छात्राओं का आरोप है कि वे उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। परीक्षा में फेल करवाने की धमकियां भी दी जाती थीं।

छात्राओं के मुताबिक आरोपी शिक्षक अपनी पहुंच का रौब दिखाकर उन्हें परेशान करता था। भविष्य बर्बाद करने की धमकी भी दी जाती थी। परेशान होकर छात्राओं ने आखिरकार खुलकर विरोध किया और न्याय की मांग की।


छात्राओं का प्रदर्शन, मौके पर पहुंचे कुलपति

छात्राओं के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही कुलपति प्रोफेसर गोविंद शुक्ल सहाय ने मामले को गंभीरता से लिया। वे बिना देरी किए कॉलेज पहुंचे। वहां उन्होंने सीधे छात्र-छात्राओं से बात की। छात्राओं ने उन्हें अपनी पूरी आपबीती बताई।

15-20 छात्राओं की लिखित शिकायत

प्रदर्शन के दौरान करीब 15 से 20 छात्राओं ने एकजुट होकर लिखित शिकायत दी। इन शिकायतों में आरोपी व्याख्याता के व्यवहार का पूरा ब्योरा दर्ज था। एक या दो नहीं, बल्कि 15 से 20 छात्राओं का एक साथ सामने आना मामले की गंभीरता दिखाता है।

अभिभावक जैसी जिम्मेदारी

कुलपति गोविंद शुक्ल सहाय ने इस मौके पर अभिभावक की तरह बात की। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से बेटियां यहां पढ़ने आती हैं। उनके अभिभावक सबसे ज्यादा उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। कुलपति के मुताबिक विद्यार्थियों की देखभाल और उनके हितों की रक्षा हर शिक्षक का पहला नैतिक कर्तव्य है।

हाई पावर कमेटी जांच

छात्राओं के प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत हरकत में आया। आरोपी व्याख्याता की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। इसके साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक हाई पावर कमेटी बनाई गई है।

डीन और दो प्राचार्य करेंगे जांच

कमेटी में आयुर्वेद संकाय के डीन और दो वरिष्ठ प्राचार्य शामिल हैं। इन्हें दो दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। यह हाई पावर कमेटी जांच ही आगे की कार्रवाई की दिशा तय करेगी।

पंजीकरण रद्द करने की मांग

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस आचरण को चिकित्सा पेशे के लिए गंभीर माना है। प्रशासन ने राज्य सरकार को पत्र लिखा है। इसमें मांग की गई है कि आरोपी का चिकित्सक के रूप में पंजीकरण हमेशा के लिए रद्द किया जाए।

राजस्थान पंचायत चुनाव: संविदाकर्मी और आशा सहयोगी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिली छूट | Rajasthan Panchayat Elections: Contract workers and Asha Sahayogi cannot contest, Anganwadi workers get exemption
राजस्थान: पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे संविदाकर्मी और आशा सहयोगी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मिली छूट
10 Oct 2026 ,
By Saurabh Mishra
राजस्थान में संविदा कर्मचारी और आशा सहयोगी नौकरी करते हुए पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। चुनाव लड़ने के लिए उन्हें पहले इस्तीफा देना होगा। वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बिना वेतन छुट्टी लेकर चुनाव लड़ सकेंगी। राशन डीलरों को भी चुनाव लड़ने की छूट दी गई है। विद्या संबल योजना के कर्मचारियों और प्रशासक बनाए गए सरपंचों के मामले में नौकरी की शर्तें देखकर फैसला होगा।
राजस्थान में संविदा कर्मचारी और आशा सहयोगी नौकरी करते हुए पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। चुनाव लड़ने के लिए उन्हें पहले इस्तीफा देना होगा। वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बिना वेतन छुट्टी लेकर चुनाव लड़ सकेंगी। राशन डीलरों को भी चुनाव लड़ने की छूट दी गई है। विद्या संबल योजना के कर्मचारियों और प्रशासक बनाए गए सरपंचों के मामले में नौकरी की शर्तें देखकर फैसला होगा।

आरोपी का पक्ष अभी सामने नहीं

हालांकि इस मामले में डॉ. अजीत चारण का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों पर अंतिम तस्वीर साफ होगी। सवाल यह भी है कि अगर आरोप लंबे समय से थे, तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

जयपुर में अनुभव प्रमाणपत्र विवाद: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से भर्ती प्रक्रिया पर सवाल | Jaipur Experience Certificate Dispute: Strike by Sanitation Workers Raises Questions on Recruitment Process
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10 Oct 2026 ,
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जयपुर नगर निगम के किशनपोल जोन में अनुभव प्रमाणपत्र जारी करने में देरी से नाराज सफाई कर्मचारी हड़ताल पर उतर आए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि आवेदन के बावजूद समय पर प्रमाणपत्र नहीं मिल रहे हैं। वहीं, नगर निगम प्रशासन का कहना है कि दस्तावेजों और कर्मचारियों के रिकॉर्ड की जांच के बाद ही प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे।
जयपुर नगर निगम के किशनपोल जोन में अनुभव प्रमाणपत्र जारी करने में देरी से नाराज सफाई कर्मचारी हड़ताल पर उतर आए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि आवेदन के बावजूद समय पर प्रमाणपत्र नहीं मिल रहे हैं। वहीं, नगर निगम प्रशासन का कहना है कि दस्तावेजों और कर्मचारियों के रिकॉर्ड की जांच के बाद ही प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे।

जीरो टॉलरेंस का संदेश

इस कार्रवाई से साफ है कि विश्वविद्यालय परिसरों में उत्पीड़न पर अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। Ayurveda University Rajasthan में हुई इस कार्रवाई को दूसरे संस्थानों के लिए भी एक संदेश माना जा रहा है। lecturer terminated होने की यह खबर छात्राओं की हिम्मत की भी कहानी है।

अगर आप या आपके परिचित किसी कॉलेज में ऐसी परेशानी झेल रहे हैं, तो चुप न रहें। संस्थान की शिकायत समिति या प्रशासन तक लिखित शिकायत पहुंचाना पहला कदम है। क्या दूसरे संस्थान भी इतनी तेजी से कार्रवाई करेंगे?

जल जीवन मिशन इंजीनियर अनिल कच्छावा: 30 बैंक खाते, 253% ज्यादा संपत्ति, 5.84 करोड़ की दौलत का खुलासा | Jal Jeevan Mission Engineer Anil Kachhawa: 30 Bank Accounts, 253% More Property, 5.84 Crore Wealth Revealed
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अनिल कच्छावा के बैंक खातों की संख्या 30 से अधिक है, और उन्होंने करोड़ों की एफडी भी जमा की है। एसीबी ने उनकी संपत्तियों और बैंक खातों की गहन जांच शुरू कर दी है। जल जीवन मिशन के नाम पर रिश्वत की मांग करने के चलते उन्हें रंगे हाथ पकड़ा गया। उन्होंने 50 लाख का लोन लिया था, जिसे उन्होंने नौ महीने में चुका भी दिया।
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