किसानों का आंदोलन: हनुमान बेनीवाल का 24 घंटे का अल्टीमेटम, पानी की मांग को लेकर हो रहा है महापड़ाव

Ashish Bhardwaj | Oct 11, 2026, 17:55 IST
घड़साना किसान आंदोलन
श्रीगंगानगर में किसान आंदोलन शुरु हो गया है। ये आंदोलन किसान चार प्रमुख मांगों को लेकर कर रहे हैं। ये मांगें पानी के वितरण और फसल के नुकसानों के मुआवजे से संबंधित हैं। शनिवार रात किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 911 को अवरुद्ध कर दिया। रविवार को किसानों की एक बड़ी सभा और प्रशासन के साथ बातचीत की उम्मीद की जा रही है।

श्रीगंगानगर जिले के घड़साना में सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। रविवार को 12 एमडी स्थित घड़साना टोल प्लाजा पर बड़ी किसान सभा हो रही है। इसमें हजारों किसान जुटे हैं और उनके पहुंचने का सिलसिला जारी है। भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर है।



किसानों की है चार मांगें

किसानों की पहली मांग अनूपगढ़ शाखा में सिंचाई पानी का स्थायी रेगुलेशन है। रेगुलेशन यानी नहर में पानी छोड़ने और बंटवारे का तय क्रम। दूसरी मांग चार में से दो समूहों को पर्याप्त पानी देने की है। तीसरी मांग संबंधित अफसरों पर कार्रवाई की है।



चौथी मांग फसल खराबे से जुड़ी है। किसान चाहते हैं कि फसल खराबे की विशेष गिरदावरी (पटवारी द्वारा फसल नुकसान का सर्वे) कराई जाए। इसके आधार पर बीमा क्लेम और उचित मुआवजा दिया जाए।




बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े किसान

इससे पहले शनिवार रात आरएलपी (RLP – Rashtriya Loktantrik Party) के संयोजक और नागौर सांसद Hanuman Beniwal के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने कूच किया। किसान श्रीगंगानगर की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने 12 एमडी टोल नाके पर बैरिकेडिंग कर काफिले को रोकने की कोशिश की। लेकिन किसान बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए।



नेशनल हाईवे 911 जाम

शनिवार रात करीब 1 बजे किसानों ने पतरोड़ा के पास नेशनल हाईवे 911 जाम कर दिया। किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के आसपास सड़क पर बैठ गए। बेनीवाल ने भी किसानों के साथ वहीं रात गुजारी।



रात 3 बजे वार्ता विफल

रात करीब 3 बजे प्रशासनिक अधिकारी समझाइश के लिए पहुंचे। इनमें एसडीएम दीपक चंदन, एएसपी नीलम चौधरी और डीएसपी जयप्रकाश बेनीवाल शामिल थे। लेकिन वार्ता में सहमति नहीं बन पाई।



24 घंटे का अल्टीमेटम

वार्ता विफल होने पर बेनीवाल ने सरकार को मांगें मानने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं, तो पूरे प्रदेश में हाईवे जाम किए जाएंगे। इसके बाद उन्होंने उसी 12 एमडी टोल प्लाजा पर रविवार को सभा का ऐलान कर दिया। यह वही जगह है, जहां से किसान बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े थे।



टोल पर भारी पुलिस बल

रविवार सुबह से ही किसान 12 एमडी टोल प्लाजा पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने यहां बैरिकेडिंग कर रखी है। मौके पर आरएसी (RAC – Rajasthan Armed Constabulary) की 3 कंपनियां तैनात हैं। पुलिस के करीब 550 जवान भी मौके पर मौजूद हैं।



पुलिस ने किये रास्ते डायवर्ट

टोल प्लाजा पर चक्का-जाम के चलते यातायात बदला गया है। घड़साना से अनूपगढ़ जाने वाले वाहन कुपली रोड की ओर मोड़े गए हैं। कुपली चौक पर बीकानेर की ओर से आने वाले वाहन भी वैकल्पिक रास्तों से निकाले जा रहे हैं। अगर आप इन रास्तों से सफर कर रहे हैं, तो डायवर्जन का ध्यान रखें।




10 सितंबर से जारी है आंदोलन

किसानों ने चार सूत्री मांगों को लेकर 10 सितंबर को आंदोलन शुरू किया था। समाधान नहीं होने पर 18 सितंबर से घड़साना उपखंड कार्यालय के सामने किसान महापड़ाव डाल दिया गया। तब से धरना लगातार जारी है।



किसान प्रतिनिधियों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की वार्ता हुई। लेकिन किसानों के मुताबिक अब तक अंतिम सहमति और लिखित समझौता नहीं हो सका।




बिजाई पर असर

किसानों का कहना है कि पर्याप्त पानी नहीं मिलने से बिजाई प्रभावित हो रही है। आगे फसल पकने के समय भी पानी की कमी का खतरा है। किसान चाहते हैं कि पानी के बंटवारे की व्यवस्था ऐसी हो, जिससे बार-बार आंदोलन न करना पड़े। अब सभा के फैसले और सरकार की वार्ता की पहल पर आंदोलन की दिशा तय होगी।



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