वायुशक्ति-2026: भारत-पाक बॉर्डर पर वायुसेना दिखाएगी ताकत, गरजेंगे राफेल और तेजस

राजस्थान के पोकरण में 24 से 27 फरवरी तक 'वायुशक्ति-2026' अभ्यास में वायुसेना अपनी ताकत का प्रदर्शन करेगी। इस अभ्यास में C-295 एयरक्राफ्ट की पहली बार नाइट असॉल्ट लैंडिंग होगी। राफेल और तेजस जैसे विमान भी नजर आएंगे।

author-image
Purshottam Kumar Joshi
New Update
airforce 2026

Photograph: (the sootr)

News in Short

  • 'वायुशक्ति-2026' भारतीय वायुसेना का बड़ा अभ्यास है। इसमें C-295 एयरक्राफ्ट की पहली बार नाइट असॉल्ट लैंडिंग होगी।

  • इस अभ्यास में 12,000 किलो बारूद का इस्तेमाल होगा। 77 फाइटर जेट्स और 43 हेलिकॉप्टरों के साथ बड़ी सैन्य कार्रवाई की जाएगी।

  • मानवरहित विमानों (RPA) का प्रदर्शनहोगा, जो युद्धों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

  • स्वदेशी विमान 'तेजस' और 'प्रचंड' सहित अन्य अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन।

  • पाकिस्तान सीमा के पास NOTAM जारी कर हवाई क्षेत्र को सुरक्षित किया गया और एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय किया गया।

News in Detail

राजस्थान के रेगिस्तानी धोरों में वायुसेना करीब 12 हजार किलोग्राम गोला बारूद से युद्धाभ्यास करेगी। पोकरण में मंगलवार 24 फरवरी से वायुशक्ति 2026 का अभ्यास शुरू होगा। यह अभ्यास 27 फरवरी तक किया जाएगा। इसमें पहली बार C-295 एयरक्राफ्ट की नाइट लैंडिंग होगी। राफेल, तेजस और अन्य अत्याधुनिक विमान इस युद्धाभ्यास में नजर आएंगे। 

'वायुशक्ति-2026' में वायुसेना का शक्ति प्रदर्शन

भारत-पाक सीमा के निकट जैसलमेर के पोकरण में आयोजित होने वाला यह युद्धाभ्यास भारतीय वायुसेना के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें पहली बार C-295 एयरक्राफ्ट द्वारा नाइट असॉल्ट लैंडिंग की जाएगी, जिससे यह साबित होगा कि भारतीय वायुसेना अंधेरे में भी दुश्मन की सीमा के करीब सटीक प्रहार कर सकती है। इसके साथ ही, C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान भी इसमें हिस्सा लेंगे, जो भारतीय वायुसेना के विशेष दस्ते 'गरुड़ कमांडो' को सीधे वॉर जोन में उतारेंगे।

12,000 किलो बारूद से गूंजेगा पोकरण का इलाका

इस सैन्य अभ्यास के दौरान 12,000 किलो गोला-बारूद का उपयोग किया जाएगा, जो इसके विशाल पैमाने को दर्शाता है। 77 लड़ाकू जेट और 43 हेलिकॉप्टरों के साथ भारतीय वायुसेना एक साथ कई मोर्चों पर प्रभावी कार्रवाई करने की क्षमता का प्रदर्शन करेगी। इस युद्धाभ्यास में राफेल, तेजस, सुखोई-30 MKI, मिराज-2000 और जगुआर जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों का प्रयोग किया जाएगा।

रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (RPA) का प्रदर्शन

इस अभ्यास में रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (RPA) या मानवरहित विमानों का प्रदर्शन किया जाएगा। भविष्य के युद्धों में ड्रोन और RPA की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस अभ्यास में कामिकेज ड्रोन, काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम (C-UAS) जैसे आधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो दुश्मन के ड्रोन को निष्क्रिय करने में सक्षम होंगे।

स्वदेशी हथियारों का प्रदर्शन

'वायुशक्ति-2026' अभ्यास भारतीय वायुसेना के आत्मनिर्भर भारत अभियान को और मजबूत करेगा। इसमें स्वदेशी 'तेजस' और 'प्रचंड' विमानों के अलावा, लोइटरिंग म्यूनिशन (कामिकेज ड्रोन) का प्रदर्शन भी किया जाएगा। यह दिखाएगा कि भारतीय वायुसेना अब नई तकनीक और स्वदेशी रक्षा उपकरणों के माध्यम से तेजी से आत्मनिर्भर बन रही है।

पाकिस्तान सीमा के पास हाई अलर्ट

इस अभ्यास के दौरान पाकिस्तान सीमा के पास उच्च सुरक्षा उपायों को अपनाया गया है। NOTAM (Notice to Airmen) जारी कर हवाई क्षेत्र को सुरक्षित किया गया है, और एंटी-ड्रोन सिस्टम एवं एयर डिफेंस की कई परतें सक्रिय की गई हैं ताकि किसी भी संभावित घुसपैठ को रोका जा सके।

खबरें यह भी पढ़िए...

Weather Update: राजस्थान में बढ़ेगी गर्मी, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज, जानें

आमजन हम से उम्मीद करता है, राजस्थान का क्षेत्रफल 126 देशों से बड़ा-जस्टिस भाटी

प्रधानमंत्री का राजस्थान दौरा 28 को,सांसद हनुमान बेनीवाल ने खोला मोर्चा

राजस्थान की साप्ताहिक चिट्ठी: न्याय की मुहर, सदन में संग्राम और सादगी की मिसाल

ड्रोन तेजस पोकरण जैसलमेर वायुशक्ति-2026 वायुसेना राजस्थान
Advertisment