फर्जी दस्तावेज़ बना हड़प लिए 58 लाख का बीमा क्लेम, आरोपियों में बीमा कंपनी के दो कर्मचारी भी

राजस्थान में एक बीमा कंपनी में फर्जी पॉलिसियों के जरिए बीमा क्लेम में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोपियों ने 58 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा किया है। तीन आरोपियों में बीमा कंपनी के दो कर्मचारी भी हैं।

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Ashish Bhardwaj
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Photograph: (the sootr)

News In Short 

  • डूंगरपुर में पुलिस ने बीमा ठगी का बड़ा खुलासा किया, तीन आरोपी गिरफ्तार।
  • आरोपी बीमा पॉलिसियों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर रकम हड़प रहे थे।
  • गिरोह ने 18 बीमा पॉलिसियों के जरिए 58 लाख रुपये का गबन किया।
  • आरोपियों ने मृतक या गंभीर रूप से बीमार पॉलिसी धारकों को निशाना बनाया।
  • पुलिस ने फर्जी चेकबुक, आधार कार्ड और जाली मोहरे बरामद किए।

News In Detail

राजस्थान पुलिस ने डूंगरपुर जिले में एक बीमा कंपनी में ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस की स्पेशल टीम ने पाया कि यह गिरोह फर्जी दस्तावेज तैयार कर बीमा पॉलिसियों की रकम हड़प रहा था। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बीमा कंपनी के दो कर्मचारी भी हैं। इन्होंने देशभर में 18 बीमा पॉलिसियों के जरिए लगभग 58 लाख रुपये का गबन किया।

बीमा कंपनी के कर्मचारियों  ही कर रहे थे ठगी

पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि एडलवाइस निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के फ्रॉड कंट्रोल यूनिट अधिकारी विजय गिरी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया। रिपोर्ट में बताया गया था कि डूंगरपुर और उदयपुर शाखा के कुछ कर्मचारी पुराने पॉलिसी धारकों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बीमा क्लेम की राशि निकाल रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डूंगरपुर शहर के शास्त्री मार्ग स्थित इंश्योरेंस कंपनी के कार्यालय पर छापा मारा।

आरोपियों की गिरफ्तारी

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से दस्तावेज, कंप्यूटर, और मोबाइल जब्त किए। पूछताछ में डूंगरपुर शाखा में कार्यरत कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव सूरज कुमार श्रीवास्तव ने कबूल किया कि उसने उदयपुर शाखा के अपने साथियों मयंक और जगदीश के साथ मिलकर ठगी की थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

कैसे की गई ठगी 

जांच में सामने आया कि आरोपी ऐसे बीमा पॉलिसी धारकों को निशाना बनाते थे जिनकी मृत्यु हो चुकी थी जो गंभीर रूप से बीमार थे या जिनके क्लेम लंबे समय से लंबित थे। आरोपी कंपनी के सिस्टम में लॉगिन कर पॉलिसी धारकों के मोबाइल नंबर, बैंक खाते और केवाईसी विवरण बदल देते थे। फिर असली धारकों से मिलते-जुलते नामों पर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक तैयार कर बीमा क्लेम की राशि फर्जी खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे और आपस में बांट लेते थे।

विभिन्न राज्यों के लोगों को बनाया निशाना  

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कंप्यूटर, मोबाइल फोन, प्रिंटर, फर्जी चेकबुक, नकली आधार कार्ड और जाली मोहरें बरामद की हैं। जांच से पता चला है कि इस गिरोह ने राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम और बिहार के 18 लोगों को निशाना बनाकर कुल 58 लाख रुपये का गबन किया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है।

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