डोटासरा बोले- विपक्ष को डंडों से पीटा; जूली ने सरकार पर लगाए गुंडागर्दी के आरोप, ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा

Jyoti Mahender Bhardwaj | Oct 08, 2026, 15:59 IST
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग<br>
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

कांग्रेस ने SIR में कथित गड़बड़ी को लेकर प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया। जयपुर में पार्टी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, कांग्रेस नेताओं ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में एक बड़ा प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इस दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया गया और नारेबाजी भी की गई।

समझें क्या है पूरा मामला

  • कांग्रेस ने SIR में कथित गड़बड़ी और कथित वोट चोरी के खिलाफ प्रदेशभर में प्रदर्शन किया।
  • जयपुर में शहर कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
  • पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने 10 अक्टूबर को दिल्ली कूच का आह्वान किया।
  • डोटासरा ने दावा किया कि राजस्थान से 50 हजार कार्यकर्ता दिल्ली जाएंगे।
  • बूंदी जिला मुख्यालय पर कांग्रेस ने काला दिवस मनाया और कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) में कथित गड़बड़ी और कथित वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस ने प्रदेशभर में प्रदर्शन किया। यह कांग्रेस के देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा रहा। राजस्थान के जिला मुख्यालयों पर कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे।

जयपुर कांग्रेस प्रदर्शन SIR पर शहर कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पर किया। प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठी। नेताओं ने 10 अक्टूबर को दिल्ली कूच का आह्वान भी किया।

जयपुर कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस का प्रदर्शन

जयपुर में शहर कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इसमें समाजवादी पार्टी और वामदलों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। प्रदर्शन में पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और प्रभारी पुखराज पाराशर मौजूद रहे। पूर्व मंत्री बीडी कल्ला और विधायक रफीक खान समेत कई नेता भी शामिल हुए। करीब डेढ़ घंटे तक केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी हुई। इससे कलेक्ट्रेट के आसपास जाम लग गया। सवाल यह है कि नेताओं ने प्रदर्शन में क्या मांग रखी और किस पर निशाना साधा?

डोटासरा ने क्या कहा?

डोटासरा ने कहा कि दिल्ली में आंदोलन कर रहे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं हो रहा। उनके मुताबिक राहुल गांधी सिर्फ वोट चोरी की जांच और दोषियों को हटाने की मांग कर रहे हैं।

डोटासरा ने कहा कि इंडिया गठबंधन के सांसदों के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने जा रहे नेताओं को मिलने नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो कांग्रेस गांधीवादी तरीके से आंदोलन करेगी।

डोटासरा ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने अंग्रेजों को देश से भगाया है, तो मोदी-शाह क्या हैं। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन इतना बड़ा होगा कि प्रधानमंत्री को इस्तीफा तक देना पड़ सकता है। ये डोटासरा के बयान हैं।

टीकाराम जूली चुनाव आयुक्त बयान: क्या सवाल उठाया?

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि देश के नेता प्रतिपक्ष को सड़कों पर घसीटा जा रहा है। उनके अनुसार नेता प्रतिपक्ष के साथ मारपीट हो रही है। जूली ने पूछा, क्या चुनाव आयुक्त विदेशी हैं, जो उनसे नहीं मिल सकते? उन्होंने कहा कि देश का आम जनप्रतिनिधि और आम आदमी भी चुनाव आयोग जाकर मिल सकता है।

जूली ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि चारों तरफ पुलिस का पहरा लगा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि संविधान ने विरोध करने का अधिकार दिया है। उनका कहना था कि सरकार जब लोगों की नहीं सुनेगी तो लोगों को सड़कों पर उतरना पड़ेगा।

पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि पहले ऐसा नहीं देखा कि नेता प्रतिपक्ष को सड़कों पर घसीटा जाए और उनके साथ धक्का-मुक्की हो। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।

खाचरियावास ने यह भी कहा कि सरकार को किसी मंत्री को राहुल गांधी से बात करने भेजना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को खुद राहुल गांधी से बात करनी चाहिए।

कांग्रेस 10 अक्टूबर दिल्ली कूच की तैयारी में

डोटासरा और जूली ने 10 अक्टूबर को दिल्ली कूच का आह्वान किया है। डोटासरा के अनुसार जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन होगा। उन्होंने दावा किया कि इसमें राजस्थान से 50 हजार कार्यकर्ता जाएंगे। खाचरियावास ने कहा कि जंतर-मंतर पर किसी को खड़ा नहीं होने दिया जा रहा। उन्होंने इसे देश की लड़ाई बताया। दिल्ली कूच की यह संख्या कांग्रेस का दावा है।

बूंदी कांग्रेस काला दिवस: क्या हुआ?

SIR को लेकर चुनाव आयोग पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए बूंदी जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। बूंदी कांग्रेस काला दिवस मनाते हुए कांग्रेस कार्यालय से रैली निकली। रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।

रैली में शहर और ग्रामीण के पदाधिकारी झंडे और तख्तियां लेकर शामिल हुए। जिलाध्यक्ष महावीर मीणा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सांसदों के साथ जा रहे थे, उन्हें रोका गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार हुआ।

मीणा ने कहा कि सवालों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देना चाहिए। उन्होंने अनुच्छेद 326 का वाचन किया। अनुच्छेद 326 वयस्क मताधिकार से जुड़ा संविधान का प्रावधान है। पीसीसी सदस्य चमेश शर्मा ने कहा कि विपक्षी सांसदों से खराब बर्ताव बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की सत्यता पर सवाल उठा है। देवराज गोचर, अंकित बुलीवाल, शैलेश सोनी और रामकरण मीणा समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

अब नजर इस पर रहेगी कि 10 अक्टूबर को दिल्ली कूच में राजस्थान से कितने कार्यकर्ता पहुंचते हैं। यह भी देखना होगा कि चुनाव आयोग और सरकार की ओर से इन आरोपों पर क्या जवाब आता है।

यह खबर क्यों जरूरी है
मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की बुनियाद है। इसलिए SIR पर उठे सवाल सीधे हर मतदाता से जुड़ते हैं। कांग्रेस के आरोपों की जांच और चुनाव आयोग का पक्ष जानना जरूरी है। प्रदेशभर में हुए प्रदर्शन दिखाते हैं कि यह मुद्दा अब सड़कों तक पहुंच गया है। 10 अक्टूबर का दिल्ली कूच इस आंदोलन का अगला बड़ा पड़ाव है। पाठक के लिए यह समझना जरूरी है कि क्या आरोप हैं और क्या पुष्ट है।

FAQs:

  1. कांग्रेस ने SIR में कथित गड़बड़ी के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?
    कांग्रेस ने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) में कथित गड़बड़ी और वोट चोरी के खिलाफ प्रदेशभर में प्रदर्शन किया है, जिसमें जयपुर में कलेक्ट्रेट पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई।
  2. 10 अक्टूबर को कांग्रेस द्वारा दिल्ली कूच का आदेश क्यों दिया गया है?
    कांग्रेस ने 10 अक्टूबर को दिल्ली कूच का आह्वान किया है, जिसमें राजस्थान से 50 हजार कार्यकर्ताओं के भाग लेने की उम्मीद है, ताकि वे मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ आंदोलन कर सकें।
  3. बूंदी में कांग्रेस का काला दिवस क्या था और उसमें क्या मुद्दा उठाया गया?
    बूंदी में कांग्रेस ने काला दिवस मनाया, जिसमें कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और राहुल गांधी के साथ अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष महावीर मीणा ने लोकतांत्रिक तरीके से सवालों का जवाब देने की मांग की।
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