डंपिंग यार्ड में खुले में बिखरे गोवंश के शव, लोगों में भारी आक्रोश
Jageshwar prasad | May 25, 2026, 12:00 IST
Photograph: (the sootr)
जैसलमेर के बड़ाबाग स्थित नगरपरिषद के डंपिंग यार्ड में बड़ी संख्या में गोवंश के शव खुले में बिखरे पाए गए। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। नगरपरिषद ने ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी कर शवों को दफनाने का काम शुरू करवाया।
News In Short
- जैसलमेर के डंपिंग यार्ड में गोवंश के शव खुले में बिखरे मिले, लोगों में आक्रोश।
- नगरपरिषद प्रशासन की लापरवाही सामने आने के बाद, ठेकेदार को नोटिस जारी।
- मृत पशुओं को उठाने का ठेका बाड़मेर के गोपाराम को 18 लाख रुपए में दिया गया था।
- नगरपरिषद ने कहा- संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ठेका निरस्त व धरोहर राशि जब्त की जाएगी।
- जेसीबी मशीन से गड्ढे खुदवाकर शवों को दफनाने का काम शुरू करवाया गया।
News In Detail
स्थानीय बाशिंदों ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नगरपरिषद की कार्यशैली पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि एक ओर गोसंरक्षण और स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर मृत गोवंश के सम्मानजनक निस्तारण तक की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
भीषण गर्मी में खुले में पड़े शवों से दुर्गंध फैलने और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही के साथ-साथ अमानवीय संवेदनहीनता करार दिया है।
हरकत में आया प्रशासन, ठेकेदार को नोटिस
परिषद ने ठेकेदार को निर्देश दिए हैं कि वह नोटिस के संबंध में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करे तथा भविष्य में ऐसी लापरवाही न बरते। नगरपरिषद प्रशासन की तरफ से नोटिस जारी होने के बाद ठेकेदार की ओर से आनन-फानन में मशीनरी और वाहन मौके पर लगाए गए।
जेसीबी से गड्ढे खुदवाकर शवों को दफनाया गया
आयुक्त के निर्देश पर डंपिंग यार्ड में तुरंत जेसीबी मशीनें लगवाई गईं। जेसीबी के माध्यम से बड़े और गहरे गड्ढे खुदवाकर खुले में पड़े सभी गोवंश व अन्य मृत पशुओं के शवों को मिट्टी डलवाकर ससम्मान दफनाया गया, जिससे क्षेत्र में फैल रही बदबू और दूषित वातावरण से लोगों को राहत मिल सके।
जिला कलक्टर ने भी लिया संज्ञान
जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने बताया कि बड़ाबाग डंपिंग यार्ड में मृत गोवंश को खुले में फेंके जाने का मामला जानकारी में आने के बाद संबंधित अधिकारियों से बात की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए। इस मामले में ठेकेदार की गलती रही है, उसे नोटिस जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह संवेदनशील मामला है और नगरपरिषद अधिकारियों की भी मॉनिटरिंग में कमी रही है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
ठेका निरस्त और धरोहर राशि जब्त करने की चेतावनी
आयुक्त लजपाल सिंह सोढा ने कहा कि डंपिंग यार्ड में मृत पशुओं को खुले में फेंकने की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि ठेकेदार का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो ठेका निरस्त कर उसे ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी और धरोहर राशि जब्त होगी।
पशुपालन विभाग का क्या कहना है?
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. उमेश वरगंटीवार का कहना है कि ये सभी पशु एक दिन के नहीं हैं। एक माह तक करीब चार-पांच पशु प्रति दिन लाए गए हैं। यहां लाए गए मृत पशुओं में जैसलमेर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के भी पशु शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पशुओं में कोई बीमारी नहीं फैली है और गोवंश की मौतें प्राकृतिक व स्वाभाविक या अन्य शारीरिक समस्याओं से हुई हैं।
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