झालावाड़ स्कूल हादसा: सरकार का बड़ा एक्शन, जिला शिक्षा अधिकारी समेत पांच बड़े अफसर निलंबित
राजस्थान में झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव के सरकारी स्कूल के भवन की छत गिरने से सात बच्चों की मौत के बाद सरकार ने बड़ा एक्शन किया है। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी समेत पांच अफसरों को निलंबित कर दिया गया है। यह कदम जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उठाया है।
यह हादसा दो दिन पहले हुआ था। इसमें सात स्कूली बच्चों की मौत हो गई, जबकि 28 बच्चे घायल हो गए थे। इस हादसे के बाद स्कूल भवनों की जर्जर हालत को लेकर सरकार की जमकर किरकिरी हुई थी। सरकार ने इस मामले में जांच कमेटी भी गठित की थी।
यह खबरें भी पढ़ें...
झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद जागी सरकार, जर्जर स्कूलों की अब प्राथमिकता से होगी मरम्मत
Rajasthan News | मासूम बच्चे म*र गए, पर इनकी राजनीति नहीं गई | अभी कई 'झालावाड़ हादसे' कतार में ?
झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद हरकत में सरकार, बनाई विशेषज्ञों की समिति, 5 दिन में देगी रिपोर्ट
झालावाड़ स्कूल हादसा: राजस्थान में 8,000 ऐसे स्कूल, जहां हो सकती है पिपलोदी जैसी घटना
स्कूल स्टाफ भी हो चुका निलंबित
सरकार ने हादसे के दिन ही पिपलोदी की कार्यवाहक प्रधानाध्यापिका मीना शर्मा, प्रबोधक बद्रीलाल लोधा, शिक्षक कन्हैया लाल सुमन, राम बिलास लववंशी तथा जावेद अहमद को घटना का प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया था। इस एक्शन के बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि बच्चों के जीवन के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जर्जर भवनों पर खर्च हो सकेगी 20 प्रतिशत राशि
उधर, घटना के बाद हरकत में आई भजनलाल शर्मा सरकार ने प्रदेश के जर्जर सरकारी स्कूल इमारतों को दुरुस्त करने के लिए कई कदम उठाए हैं। क्षेत्रीय विकास बोर्ड अब 15 प्रतिशत की बजाय 20 प्रतिशत राशि जर्जर भवन को सही कराने पर खर्च कर सकेंगे। इसी तरह विधायक भी अपनी निधि का 20 प्रतिशत धन ऐसे भवनों पर खर्च कर सकेंगे। प्रदेश में आठ हजार से अधिक जर्जर स्कूल भवन हैं। ये स्कूल मरम्मत मांग रहे हैं।
जर्जर भवनों की होगी सिक्योरिटी जांच
राजस्थान सरकारने जर्जर भवनों की सिक्योरिटी ऑडिट के लिए विशेषज्ञों की समिति गठित की है। यह समिति जर्जर भवनों को लेकर पांच दिन में रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। हालांकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तीसरे दिन भी घटनास्थल पर नहीं पहुंच सके हैं।
FAQ
- 1. झालावाड़ स्कूल हादसा किस कारण हुआ?
झालावाड़ के पिपलोदी गांव स्थित सरकारी स्कूल की छत गिरने से सात बच्चों की मौत हो गई और 28 अन्य घायल हो गए। यह हादसा स्कूल भवन की जर्जर हालत के कारण हुआ। - 2. कौन से अधिकारी निलंबित किए गए हैं?
झालावाड़ जिले के शिक्षा अधिकारियों में जिला शिक्षा अधिकारी नरसो मीणा, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार बालासोरिया और अन्य अधिकारियों को निलंबित किया गया है। - 3. सरकार जर्जर स्कूल भवनों के लिए क्या कदम उठा रही है?
सरकार ने जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए 20 प्रतिशत राशि खर्च करने की अनुमति दी है और इसके लिए एक सुरक्षा ऑडिट समिति गठित की है।
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्सऔर एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापनऔरक्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧