झालावाड़ स्कूल हादसा: अब जर्जर भवन होंगे जमींदोज, कंटेनर में भी चल सकेंगी कक्षाएं

Amit Baijnath Garg | Jul 27, 2025, 19:56 IST
Photograph: (the sootr)
झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद राजस्थान सरकार ने जर्जर स्कूल भवनों की गुणवत्ता की जांच करने और जरूरत पड़ने पर ऐसे भवनों को गिराने के आदेश दिए हैं।

झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद राजस्थान सरकारअब हरकत में है। प्रदेश में अब न केवल जर्जर भवनों की गुणवत्ता जांच होगी, बल्कि जांच में खराब पाए जाने वाले भवनों को जमींदोज किया जाएगा। झालावाड़ हादसे में दो दिन पहले स्कूल भवन की छत गिरने से सात बच्चों की मौत हो गई थी और 28 घायल हो गए थे।



घटना के बाद मुख्यमंत्री ने दो दिन में ताबड़तोड़ जर्जर भवनों की स्थिति की समीक्षा कर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए। अब शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने रविवार को जयपुर में दोनों विभागों के आला अधिकारियों की बैठक ली।



कलेक्टर के माध्यम से जर्जर भवनों का सर्वे

बैठक के बाद बताया गया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो, इसको लेकर किए जाने वाले उपायों पर विचार किया गया। साथ ही भविष्य की योजना बनाने की निर्देश दिए गए। अब प्रदेश के सभी स्कूलों का जिला कलेक्टर के माध्यम से सर्वे कराया जाएगा। सर्वे में जो स्कूल भवन जर्जर पाए जाएंगे, उन्हें लाल रंग से क्रॉस का निशान लगाकर बंद किया जाएगा।



एआई की ली जाएगी मदद

जर्जर पाए गए भवनों को प्राथमिकता के आधार पर जमींदोज किया जाएगा। वहां पर वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए कंटेनर लगाकर कक्षाएं संचालित की जाएंगी। जरूरत पड़ने पर नए भवनों में भी कंटेनर क्लास रूमलगाने का विचार किया जाएगा। सर्वे के अनुसार, सरकारी स्कूल केसभी जर्जर भवनों तथा मरम्मत योग्य भवनों का जीआईएस आधारित ऐप बनाया जाएगा। इसे शाला दर्पण से लिंक किया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का प्रयोग कर भवन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बजट प्रावधान किए जाएंगे।



यह खबरें भी पढ़ें...



झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद जागी सरकार, जर्जर स्कूलों की अब प्राथमिकता से होगी मरम्मत



झालावाड़ स्कूल हादसा: और कितने बच्चों की लेंगे बलि? खुद शिक्षामंत्री के गृह जिले में 28 स्कूलों की हालत जर्जर



Rajasthan News | मासूम बच्चे म*र गए, पर इनकी राजनीति नहीं गई | अभी कई 'झालावाड़ हादसे' कतार में ?



झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद हरकत में सरकार, बनाई विशेषज्ञों की समिति, 5 दिन में देगी रिपोर्ट



झालावाड़ स्कूल हादसा: राजस्थान में 8,000 ऐसे स्कूल, जहां हो सकती है पिपलोदी जैसी घटना



अब ठेकेदार-अभियंताओं से वसूली

शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता घटिया पाए जाने पर निर्माणकर्ता ठेकेदार सहित संबंधित अभियंता की जिम्मेदारी तय कर उनसे वसूली की जाएगी। साथ ही प्रदेश के निजी स्कूलों का भी सर्वे होगा। निजी स्कूलों में बच्चों को लाने एवं ले जाने वाले वाहनों की सुरक्षा जांच, वाहन फिटनेस तथा वाहन चालक की मेडिकल जांच सहित अन्य सुरक्षा मानकों की निगरानी की जाएगी।



पिंक टॉयलेट की गुणवत्ता जांचेंगे

मंत्री ने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को प्रदेश के सभी विद्यालयों में बनाए गए पिंक टॉयलेट की गुणवत्ता की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पंचायत राज विभाग में कराए जा रहे सभी नवीन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं करने के निर्देश दिए गए। सार्वजनिक शौचालय का नियमित रखरखाव करने को भी अधिकारियों से कहा गया है।



FAQ

  1. 1. झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
    सरकार ने जर्जर स्कूल भवनों की गुणवत्ता की जांच करने और खराब भवनों को गिराने का निर्णय लिया है। कक्षाएं अब कंटेनरों में चलेंगी।
  2. 2. जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए क्या बजट स्वीकृत किया गया है?
    150 करोड़ रुपए का बजट आपदा प्रबंधन कोष से स्वीकृत किया गया है, जिससे 7500 स्कूलों की मरम्मत की जाएगी।
  3. 3. क्या निजी स्कूलों का भी सर्वे किया जाएगा?
    हां, निजी स्कूलों का सर्वे किया जाएगा, जिसमें बच्चों के वाहनों की सुरक्षा, फिटनेस और चालक की मेडिकल जांच शामिल होगी।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



Tags:
  • राजस्थान
  • राजस्थान सरकार
  • सरकारी स्कूल
  • मरम्मत
  • जर्जर स्कूल भवन
  • झालावाड़
  • स्कूल हादसा
  • गुणवत्ता जांच
  • कंटेनर क्लास रूम
  • शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर