कांग्रेस का बवाल: विधायक अभिमन्यु पूनिया ने ज्ञापन फाड़ा, फेंका एसडीएम पर

राजस्थान के जोधपुर में 'मनरेगा बचाओ महासंग्राम पदयात्रा' के दौरान अभिमन्यु पूनिया अपने समर्थकों के साथ जिला कलेक्टर को ज्ञापन लेने के लिेए धरना स्थल पर बुला रहे थे। इसी दौरान उन्होने एसडीएम पर ज्ञापन फाड़कर फेंक दिया।

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Purshottam Kumar Joshi
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Photograph: (the sootr)

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News In Short

  1. जोधपुर में अभिमन्यु पूनिया ने ज्ञापन फाड़कर एसडीएम पर फेंका।

  2. कांग्रेस की मनरेगा बचाओ महासंग्राम पदयात्रा में हुई घटना।

  3. एसडीएम पंकज जैन को ज्ञापन देने के दौरान हुआ विवाद।

  4. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मुख्य गेट पर रोका, फिर भी जिद पर अड़े रहे।

  5. अभिमन्यु पूनिया ने प्रशासनिक अधिकारियों को भाजपा सरकार की कठपुतली बताया।

News In Detail

जोधपुर में मंगलवार 20 जनवरी को राजस्थान युवा कांग्रेस द्वारा 'मनरेगा बचाओ महासंग्राम पदयात्रा' आयोजित की गई। इस यात्रा का नेतृत्व संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया ने किया। पदयात्रा के दौरान एक अप्रत्याशित घटना घटी जब अभिमन्यु पूनिया ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के दौरान एसडीएम पंकज जैन पर ज्ञापन फाड़कर फेंक दिया। इस घटना के बाद यह विवाद चर्चा का विषय बन गया है। 

प्रदर्शन और ज्ञापन को लेकर विवाद

कांग्रेस की मनरेगा बचाओ महासंग्राम पदयात्रा कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर आयोजित की गई थी। पुलिस ने पहले उन्हें मुख्य गेट पर रोक लिया और सिर्फ पांच लोगों को अंदर जाने की अनुमति दी, लेकिन प्रदर्शनकारी अधिकारियों को बाहर बुलाने की जिद पर अड़े रहे। एसडीएम पंकज जैन ने अपनी तरफ से उन्हें बाहर बुलाकर ज्ञापन लेने की बात कही, लेकिन अभिमन्यु पूनिया ने ज्ञापन को छीनकर फाड़ दिया और एसडीएम पंकज जैन के मुंह पर फेंक दिया। इस अप्रत्याशित घटना ने स्थिति को और भी तनावपूर्ण बना दिया।

अभिमन्यु पूनिया का बयान 

अभिमन्यु पूनिया ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारी भाजपा सरकार के प्रभाव में काम कर रहे हैं, जो कि ठीक नहीं है। उन्होंने मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार मिलने की अहमियत पर जोर दिया और कहा कि बाहर आकर ज्ञापन लेना उचित नहीं था। उनका कहना था कि अगर प्रशासन इसी तरह का रवैया अपनाता रहा, तो यूथ कांग्रेस सड़कों पर भी उतरेगी।

राजनीतिक माहौल और प्रशासनिक बवाल 

इस घटना ने केवल जोधपुर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को ही नहीं, बल्कि राज्यभर में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सत्ता के बीच संतुलन पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दिखाए गए इस रवैये को कठपुतली जैसा बताया है, और यह भी कहा कि यह घटनाएं जनता के बीच नकारात्मक संदेश भेजती हैं। राज्य सरकार के अधिकारियों और भाजपा के बीच की राजनीतिक खींचतान को लेकर इस घटना ने नए सवाल खड़े किए हैं।

मुख्य बिंदु : 

  • सांगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया ने प्रशासनिक अधिकारियों के भाजपा सरकार की कठपुतली बनने का आरोप लगाते हुए ज्ञापन फाड़कर एसडीएम पंकज जैन के मुंह पर फेंक दिया।
  • मनरेगा बचाओ महासंग्राम पदयात्रा का उद्देश्य मनरेगा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की स्थिति को बचाना और सुधारना था।
  • अभिमन्यु पूनिया ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी भाजपा सरकार के प्रभाव में काम कर रहे हैं, और अगर यही रवैया रहा तो यूथ कांग्रेस सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।

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