जोधपुर अग्निकांड: फैक्ट्री मालिक और बेटे की गिरफ्तारी, तीन दमकलकर्मियों की हुई थी मौत
Jageshwar prasad | Sept 29, 2026, 16:42 IST
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जोधपुर में 23 सितंबर को एक केमिकल गोदाम में आग से त्रासदी का मंजर देखने को मिला, जिसमें तीन दमकलकर्मी अपनी जान गंवा बैठे। आग बुझाने के दौरान कई दमकलकर्मी घायल हुए और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने फैक्ट्री के मालिक राजेंद्र अग्रवाल को गिरफ्तार किया, जो आग लगने के बाद से फरार थे।
समझें क्या है पूरा मामला
- जोधपुर अग्निकांड में फैक्ट्री मालिक गिरफ्तार।
- 23 सितंबर से था फरार।
- बिना लाइसेंस रखा था केमिकल।
- तीन दमकलकर्मियों की हुई मौत।
- छह घायलों का इलाज जयपुर में।
बासनी पुलिस फैक्ट्री मालिक के बेटे को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इस हादसे में 13 दमकलकर्मी झुलसे थे। इनमें तीन की मौत हो गई। यह घटना पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है।
23 सितंबर से था फरार
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। उसकी जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कहां-कहां छिपा हुआ था।
बिना लाइसेंस रखे थे केमिकल
थानाधिकारी दवे ने बताया कि 23 सितंबर की घटना के बाद अब तक के अनुसंधान में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। जिन रसायनों का भंडारण किया गया था, उनके लिए लाइसेंस नहीं था।
इसके अलावा किसी भी तरह का सुरक्षा उपकरण भी नहीं लगाया गया था। पुलिस यह पता लगा रही है कि रसायन कहां से आ रहे थे। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि बिना लाइसेंस इनकी सप्लाई कहां हो रही थी।
उन्होंने कहा कि जांच में जो तथ्य आएंगे, उसके अनुसार संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
कैसे हुई थी घटना
थानाधिकारी ने बताया कि 23 सितंबर की रात थाना क्षेत्र की एक गली में राजेंद्र अग्रवाल की फैक्ट्री और गोदाम में आग लग गई थी। आग बुझाने में दमकलकर्मी लगे हुए थे।
इसी दौरान केमिकल में विस्फोट हो गया। इससे 13 दमकलकर्मी चपेट में आ गए। इनमें से तीन की मृत्यु हो गई। छह गंभीर घायलों का जयपुर के एसएमएस (SMS – Sawai Man Singh) अस्पताल में उपचार चल रहा है।
कुछ दमकलकर्मी का इलाज जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में जारी है। घायलों की हालत पर पुलिस और प्रशासन की नजर बनी हुई है।
पहले हुआ था बेटे का गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने पहले फैक्ट्री मालिक के बेटे को हिरासत में लिया था। नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी जलज घसिया की रिपोर्ट पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
रिपोर्ट में फैक्ट्री में बिना लाइसेंस के केमिकल भंडारण का आरोप लगाया गया था। अवैध तरीके से फैक्ट्री संचालित करने का भी आरोप था। फैक्ट्री में फायर एनओसी (NOC – No Objection Certificate) नहीं होने और आवश्यक अग्निशमन उपकरण नहीं होने की बात सामने आई थी।
पुलिस ने विस्फोटक नियम, 2008 और पेट्रोलियम एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। फैक्ट्री संचालक राजेंद्र अग्रवाल मौके पर नहीं मिले थे। इसके बाद उनके बेटे को हिरासत में लिया गया था। अब मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
क्यों अहम है यह कार्रवाई
इस हादसे में तीन दमकलकर्मियों की जान गई। ये कर्मचारी आग बुझाने गए थे। लेकिन फैक्ट्री में सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। इससे यह हादसा हुआ।
पुलिस की यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है। इससे साफ है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब जांच में यह भी सामने आएगा कि केमिकल की सप्लाई कहां से हो रही थी। साथ ही यह भी पता चलेगा कि इसमें और कौन-कौन शामिल था।
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