राजस्थान में बदले भर्ती परीक्षाओं के नियम, छात्रा ने किया था विरोध, पीएम तक पहुंची थी शिकायत
Sanjay Dhiman | Aug 01, 2025, 10:54 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान सरकार ने प्रतियोगी परीक्षा में सिख अभ्यर्थियों को धार्मिक प्रतीक कड़ा, कृपाण और पगड़ी पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी। इसके लिए सरकार ने नए भर्ती नियमों के आदेश भी जारी कर दिए है।
राजस्थान सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब अभ्यर्थी कड़ा, पगड़ी और कृपाण पहनकर प्रतियोगी परीक्षा में भाग ले सकेंगे। यह निर्णय सिख धर्म के अनुयायियों के लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आया है, जिनके लिए यह धार्मिक प्रतीक उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं।
गृह विभाग ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC), राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB), और सभी अन्य संबंधित विभागों को इस नए आदेश के बारे में सूचित कर दिया है।
गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सावंत ने यह आदेश जारी करते हुए कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सिख उम्मीदवारों की धार्मिक भावनाओं और गरिमा का सम्मान किया जाएगा। उन्हें कड़ा, पगड़ी और कृपाण पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
इस निर्णय से यह सुनिश्चित किया गया है कि सुरक्षा जांच के दौरान उनकी धार्मिक मान्यताओं का पूरा ख्याल रखा जाएगा। यह बदलाव समाज के सभी वर्गों को एक साथ जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह खबरें भी पढ़ें..
राजस्थान में बारिश ने तोड़ा 69 साल का रिकॉर्ड, धौलपुर में उतारना पड़ी सेना, आज भी छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
राजस्थान के सांवलियाजी मंदिर में दान राशि 28 करोड़ पार, भक्तों ने 204 किलो से ज्यादा चांदी और एक किलो से ज्यादा सोना भी चढ़ाया
यह आदेश विशेष रूप से सिख उम्मीदवार गुरप्रीत कौर के मामले के बाद आया है। गुरप्रीत कौर ने रविवार को जयपुर में आयोजित न्यायिक सेवा परीक्षा (PCS-J) में भाग लेने के लिए पंजाब के तरनतारन से यात्रा की थी। जब वह परीक्षा केंद्र पर पहुंची, तो सुरक्षा स्टाफ ने उसे कड़ा और कृपाण उतारने के लिए कहा। हालांकि, उसने इसे हटाने से इनकार कर दिया और परिणामस्वरूप उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई।
यह घटना राजस्थान के विभिन्न सिख संगठनों और अभ्यर्थियों के विरोध का कारण बनी। विरोध में कई लोगों ने इसे सिख धर्म के प्रतीकों के साथ असम्मान माना। इस घटना के बाद, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की अपील की थी।
सुखबीर बादल ने एक पत्र में कहा था कि कड़ा और कृपाण सिख धर्म के पवित्र प्रतीक हैं और इनकी अनिवार्यता संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत दी गई स्वतंत्रता का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इन धार्मिक प्रतीकों को हटवाना सिख धर्म के अनुयायियों के मूल अधिकारों का उल्लंघन है।
अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने राजस्थान सरकार के इस फैसले का स्वागत किया और प्रधानमंत्री मोदी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को इस फैसले के लिए धन्यवाद दिया।
यह खबरें भी पढ़ें..
आज से बदल गए UPI के नियम, संभलकर इस्तेमाल करें यूजर, नहीं तो पड़ेगा भारी
Malegaon Blast Case : साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर NIA कोर्ट का बड़ा फैसला, 17 साल बाद सभी आरोपी बरी
राजस्थान सरकार का यह निर्णय धार्मिक समभाव और सहिष्णुता की दिशा में एक अहम कदम है। सरकार ने सिख धर्म के अनुयायियों के लिए यह सुनिश्चित किया कि वे अपने धार्मिक प्रतीकों के साथ प्रतियोगी परीक्षा में शामिल हो सकें। इस आदेश से यह भी स्पष्ट हो गया है कि परीक्षा के दौरान उनके धार्मिक विश्वासों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।
इसके अलावा, पहले राजस्थान में परीक्षाओं के दौरान चेन, ईयररिंग्स और अन्य धातु के बटन पहने हुए उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। लेकिन अब इस नियम को बदलते हुए सिख उम्मीदवारों को अपने धार्मिक प्रतीक पहनने की अनुमति दे दी गई है।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
गृह विभाग ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC), राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB), और सभी अन्य संबंधित विभागों को इस नए आदेश के बारे में सूचित कर दिया है।
धार्मिक भावनाओं के सम्मान का आदेश
इस निर्णय से यह सुनिश्चित किया गया है कि सुरक्षा जांच के दौरान उनकी धार्मिक मान्यताओं का पूरा ख्याल रखा जाएगा। यह बदलाव समाज के सभी वर्गों को एक साथ जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह खबरें भी पढ़ें..
राजस्थान में बारिश ने तोड़ा 69 साल का रिकॉर्ड, धौलपुर में उतारना पड़ी सेना, आज भी छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
राजस्थान के सांवलियाजी मंदिर में दान राशि 28 करोड़ पार, भक्तों ने 204 किलो से ज्यादा चांदी और एक किलो से ज्यादा सोना भी चढ़ाया
विरोध के बाद बदलने पडे़ भर्ती के नियम
गुरप्रीत कौर का मामला
यह घटना राजस्थान के विभिन्न सिख संगठनों और अभ्यर्थियों के विरोध का कारण बनी। विरोध में कई लोगों ने इसे सिख धर्म के प्रतीकों के साथ असम्मान माना। इस घटना के बाद, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की अपील की थी।
छात्रा का विरोध और सरकार ने बदला भर्ती नियम ऐसे जानें
|
संविधानिक अधिकारों का उल्लंघन
अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने राजस्थान सरकार के इस फैसले का स्वागत किया और प्रधानमंत्री मोदी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को इस फैसले के लिए धन्यवाद दिया।
यह खबरें भी पढ़ें..
आज से बदल गए UPI के नियम, संभलकर इस्तेमाल करें यूजर, नहीं तो पड़ेगा भारी
Malegaon Blast Case : साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर NIA कोर्ट का बड़ा फैसला, 17 साल बाद सभी आरोपी बरी
राजस्थान सरकार का निर्णय: सिख अभ्यर्थियों को राहत
इसके अलावा, पहले राजस्थान में परीक्षाओं के दौरान चेन, ईयररिंग्स और अन्य धातु के बटन पहने हुए उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। लेकिन अब इस नियम को बदलते हुए सिख उम्मीदवारों को अपने धार्मिक प्रतीक पहनने की अनुमति दे दी गई है।
FAQ
- क्या सिख अभ्यर्थी अब कड़ा और कृपाण पहनकर परीक्षा में बैठ सकते हैं? उत्तर:
हां, अब राजस्थान सरकार ने एक नया आदेश जारी किया है जिसके तहत सिख अभ्यर्थी कड़ा, पगड़ी और कृपाण पहनकर प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठ सकते हैं। यह आदेश सिख धर्म के प्रतीकों का सम्मान करते हुए परीक्षा केंद्रों पर लागू होगा। - क्या इस नए आदेश से अन्य धर्मों के अभ्यर्थियों को भी कोई फायदा होगा?
नहीं, यह आदेश केवल सिख धर्म के अभ्यर्थियों के लिए है। हालांकि, यह निर्णय सभी धर्मों के लोगों के धार्मिक अधिकारों का सम्मान करने का संदेश देता है और किसी भी धर्म के अनुयायी को अपने धार्मिक प्रतीकों का पालन करने का अधिकार है। - अगर किसी सिख अभ्यर्थी ने कड़ा या कृपाण पहनकर परीक्षा में प्रवेश किया और उसे बाहर किया गया, तो क्या उसे न्याय मिलेगा?
अब, इस नए आदेश के अनुसार, सिख अभ्यर्थियों को कड़ा और कृपाण पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। अगर किसी अभ्यर्थी को इस निर्णय के बावजूद परीक्षा में प्रवेश से वंचित किया जाता है, तो वह अदालत या संबंधित अधिकारियों से न्याय की मांग कर सकता है।
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman