डेंगू मामलों में कोटा प्रदेश में तीसरे नंबर पर: स्क्रब टाइफस 243 मरीज: 200 गड्ढों में गंबूशिया मछलियां छोड़ी गईं
Jyoti Mahender Bhardwaj | Oct 11, 2026, 19:18 IST
स्क्रब टाइफस के 243 मरीज
कोटा जिले में इस बार डेंगू और स्क्रब टाइफस के मरीज सामने आ रहे हैं, लेकिन पिछले साल की तुलना में केस कम हैं। सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर के अनुसार जनवरी से अब तक डेंगू के 93 और स्क्रब टाइफस के 243 केस आए हैं। कोटा डेंगू के मामलों में प्रदेश में तीसरे नंबर पर है।
समझें क्या है पूरा मामला
- जनवरी से अब तक कोटा में डेंगू के 93 और स्क्रब टाइफस के 243 केस दर्ज हुए हैं।
- कोटा डेंगू के मामलों में प्रदेश में तीसरे नंबर पर है।
- 2025 की इसी अवधि में डेंगू के 171 और स्क्रब टाइफस के 261 केस थे।
- मलेरिया के केस 11 से घटकर 3 रह गए हैं।
- स्वाइन फ्लू के हाल ही में 7 पॉजिटिव मामले मिले हैं।
- विभाग के अनुसार मौसमी बीमारियों से किसी की मौत दर्ज नहीं हुई है।
कोटा डेंगू 93 केस, कोटा स्क्रब टाइफस 243 मरीज: पिछले साल से तुलना
डेंगू मामलों में कोटा प्रदेश में तीसरे नंबर पर , कैसे गिने जाते हैं केस?
कोटा मलेरिया 3 केस और कोटा स्वाइन फ्लू 7 पॉजिटिव मामले
सीएमएचओ डॉ नरेंद्र नागर डेंगू आंकड़े और विभाग की तैयारी
जिला कलेक्टर और चिकित्सा विभाग के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर नगर निगम, पशुपालन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें जमीन पर काम कर रही हैं। जिला स्तर से राज्य स्तर तक हर सप्ताह समीक्षा बैठकें और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से निगरानी हो रही है।
कोटा 200 गड्ढों में गंबूशिया मछलियां क्यों छोड़ी गईं?
कीट वैज्ञानिक डॉ. डी.पी. चौधरी के सुझाव पर इन जगहों पर दो बार गंबूशिया मछलियां छोड़ी गईं। ये मछलियां मच्छरों के लार्वा (शुरुआती अवस्था के बच्चे) को खाकर उन्हें खत्म करती हैं। इसके अलावा डोर-टू-डोर सर्वे, एंटी-लार्वा गतिविधियां और फॉगिंग भी कराई जा रही है।
क्या कोई मौत हुई और दवाइयों का स्टॉक कैसा है?
यह खबर क्यों जरूरी है:
डेंगू और स्क्रब टाइफस जैसी बीमारियां हर साल इसी मौसम में लोगों को परेशान करती हैं। कोटा देश भर से आने वाले कोचिंग छात्रों का भी शहर है, इसलिए यहां स्वास्थ्य निगरानी खास मायने रखती है। विभाग के आंकड़े राहत देते हैं, पर केस गिनने के तरीके के कारण असल तस्वीर पर सवाल भी उठ सकते हैं। मच्छर रोकने के नए उपाय, जैसे गंबूशिया मछलियां, आम लोगों के लिए भी काम की जानकारी हैं। लोगों को घर के आसपास पानी जमा न होने देना और बुखार होने पर समय पर जांच कराना जरूरी है।
FAQs :
- कोटा में मौसमी बीमारियों के कितने केस दर्ज हुए हैं?
कोटा में जनवरी से अब तक डेंगू के 93, स्क्रब टाइफस के 243 और मलेरिया के 3 केस दर्ज हुए हैं। - क्या कोटा में मौसमी बीमारियों से कोई मौत हुई है?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कोटा में मौसमी बीमारियों से किसी भी मरीज की मौत दर्ज नहीं हुई है। - डेंगू और स्क्रब टाइफस के केस कम होने के क्या कारण हैं?
सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर के अनुसार, इस बार बारिश कम रही और स्वास्थ्य विभाग ने मार्च से ही अलर्ट मोड पर काम शुरू कर दिया, जिसके कारण डेंगू और स्क्रब टाइफस के मामले पिछले साल की तुलना में कम हैं।
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