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Photograph: (the sootr)
news In Short
- पूर्व भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा को 20 दिन की पैरोल मिली, वे जेल में चोटिल हो गए थे।
- कंवरलाल को पैरोल देने का बड़ा कारण उनका अच्छा आचरण बताया गया है।।
- वर्ष 2005 में एसडीएम पर पिस्तौल तानने के मामले में तीन साल की काट रहे हैं सजा
- कंवरलाल मीणा की 2005 के मामले में सजा के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई।
- कंवरलाल की विधानसभा सदस्यता रद्द होने के बाद अंता में विधानसभा के उपचुनाव कराए गए
News In Detail
राजस्थान में पूर्व भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा को 20 दिन की पैरोल मिली है। वे एसडीएम पर पिस्तौल तानने के मामले में तीन साल की काट रहे हैं। कंवरलाल को यह पैरोल उन्हें जेल में चोटिल होने के बाद कारण मिली हैं। उनकी स्पाइन में गंभीर चोट लगी थी। उन्होंने अपने इलाज के लिए पैरोल मांगी थी।
पैरोल के बाद किए बालाजी के दर्शन
कंवरलाल मीणा पैरोल मिलने के बाद अपने रिश्तेदारों के साथ कोटा में कामखेड़ा धाम पहुंचे। वहां उन्होंने बालाजी के दर्शन किए। समर्थकों ने उनका स्वागत नारेबाजी और फूलों से किया।
क्यों मिली पैरोल
पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा को सजा के दौरान स्पाइन में गंभीर चोट लगी थी। चोट के कारण उन्हें पैरोल मिली है। पैरोल के पीछे उनके अच्छे आचरण को भी कारण बताया गया है। कानून के अनुसार अच्छे आचरण वाले कैदियों को उनकी सजा का एक चौथाई हिस्सा पूरा करने के बाद पैरोल मिल सकती है। कंवरलाल को तीन साल की सजा दी गई थी। इसमें से एक चौथाई सजा उन्होंने पूरी कर दी थी।
क्यों गए थे जेल
यह मामला 2005 का है। कंवरलाल मीणा पर पंचायत उप-सरपंच चुनाव के दौरान वोटों की गिनती में गड़बड़ी करने और एसडीएम पर पिस्तौल तानने का आरोप था। इस दौरान कंवरलाल मीणा ने सरकारी कैमरे को तोड़ा और फोटोग्राफर के कैमरे को जलाने की कोशिश की थी। इन आरोपों के बाद उन्हें तीन साल की सजा सुनाई गई थी।
अदालत में चली लंबी सुनवाई
कंवरलाल मीणा ने इस मामले में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी अपील की थी। लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। 2020 में एडीजे कोर्ट ने उनके खिलाफ सजा सुनाई थी। इसे बाद में हाईकोर्ट ने भी मंजूर किया। 1 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी सजा को बरकरार रखा और उन्हें जेल जाना पड़ा।
दो बार के विधायक हैं कंवरलाल
कंवरलाल मीणा 2013-2018 तक मनोहरथाना से विधायक रहे। इसके बाद वे 2023 में अंता (बारां) से विधायक चुने गए थे। इस बीच, एसडीएम पर पिस्तौल तानने के मामले में उनको तीन साल की सजा हो गई। इससे उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई। अंता में नवंबर 2025 में विधानसभा उपचुनाव कराए गए।
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