जिस अधिकारी को दिया आशीर्वाद, वो ही ढूंढ रहा है महंत देवानंद का कातिल
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान के कोटा में चंद्रसेल मठ के महंत देवानंद महाराज की हुई हत्या।
- महंत पर चाकुओं से हमला, दो दिन पहले ही मठ पहुंचे थे।
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और मंत्री किरोड़ी लाल मीणा उनके दरबार में आशीर्वाद लेने आते थे।
- पुलिस ने जांच का दायरा कोटा से सवाई माधोपुर तक 100 किमी तक बढ़ाया।
- अनुयायी और धार्मिक संगठनों ने गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
राजस्थान के कोटा में चंद्रसेल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के मामले में पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। महंत अपनी हत्या से दो दिन पहले ही मठ पहुंचे थे। बाद में पांच जून को चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई।
इस मामले की जांच उस पुलिस अधिकारी को सौंपी गई, जिन्होंने कभी महंत से आशीर्वाद लिया था।
पुलिस का दावा है कि इस हत्या की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। हत्या में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका से इनकार नहीं किया जा रहा है।
रसूखदार संत, जिनके दरबार में झुकते थे सियासी दिग्गज
महंत देवानंद महाराज सिर्फ एक धार्मिक गुरु नहीं थे। राजनीति, समाज और प्रशासन में उनकी गहरी पकड़ थी। महाशिवरात्रि के मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला खुद चंद्रसेल मठ पहुंचे थे।
उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम की प्रोफाइल पर कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, विधायक कल्पना देवी, पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत और प्रहलाद गुंजल के साथ तस्वीरें मौजूद हैं। महंत का करीब 25 हजार फॉलोअर्स वाला इंस्टाग्राम पेज श्रद्धांजलि और संवेदनाओं से पट गया है।
वो अफसर जिसने आशीर्वाद लिया, आज खोज रहा कातिल
इस हत्याकांड में एक अनोखा संयोग सामने आया है। करीब दो साल पहले एक पुलिस अधिकारी की तस्वीर महंत के सोशल मीडिया पर पोस्ट हुई थी, जिसमें वह आशीर्वाद ले रहे थे।
आज वही अधिकारी कोटा के जवाहर नगर थाने में सीआई के पद पर तैनात हैं। वे उसी पुलिस टीम का अहम हिस्सा हैं, जो महंत के हत्यारों की तलाश में दिन-रात जुटी है।
दो दिन पहले आए थे मठ, कैसे हुई साजिश?
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक महंत देवानंद को करीब चार साल पहले चंद्रसेल मठ की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वे अपना ज्यादातर समय सवाई माधोपुर के आश्रम में बिताते थे। महीने में एक या दो दिन ही चंद्रसेल मठ आते थे। इस बार भी वे हत्या से महज दो दिन पहले ही मठ पहुंचे थे।
100 किमी दायरे में फैली जांच
पुलिस ने कई टीमें लगाकर जांच का दायरा 100 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र तक बढ़ा दिया है। महंत सवाई माधोपुर के आश्रम से भी गहराई से जुड़े थे।
पुलिस सवाई माधोपुर के संपर्कों, संभावित विवादों और अन्य पहलुओं को भी खंगाल रही है। हत्या की असली वजह अब तक सामने नहीं आई है।
श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश
महंत की हत्या के बाद उनके अनुयायियों और धार्मिक संगठनों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग हो रही है। पुलिस और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती है - इस हत्याकांड के पीछे के मास्टरमाइंड तक पहुंचना।
FAQ
- महंत देवानंद महाराज कौन थे?
वे कोटा स्थित चंद्रसेल मठ के महंत थे। उनका सवाई माधोपुर में भी एक आश्रम था। उनके संपर्क लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कई मंत्रियों तक थे। उनकी सोशल मीडिया पर 21 हजार से अधिक फॉलोअर्स थे। - महंत देवानंद महाराज की हत्या कैसे हुई?
हत्या से दो दिन पहले ही महंत चंद्रसेल मठ पहुंचे थे। अज्ञात हमलावरों ने चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर उनकी हत्या कर दी। हत्यारे अब भी फरार हैं और पुलिस जांच जारी है।
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