राजस्थान में 31 अक्टूबर से बंद रहेंगी निजी बसें, सरकार की सख्ती का विरोध, यात्रा से पहले रखें जानकारी
Jaipur. राजस्थान में 31 अक्टूबर से प्राइवेट बसों का चक्का जाम रहेगा। ऑल इंडिया टूरिस्ट बस एसोसिएशन ने यह घोषणा की है कि उनके सभी सदस्य निजी बसों को कल से सड़कों पर नहीं चलने देंगे। यह कदम जैसलमेर बस अग्निकांड के बाद सरकार द्वारा बसों पर सख्ती के खिलाफ उठाया गया है।
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जैसलमेर हादसा और सरकार की सख्ती
14 अक्टूबर को जैसलमेर में हुए भीषण बस अग्निकांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इस हादसे में कई महिलाओं और बच्चों की जान गई। इसके बाद से राजस्थान सरकार ने परिवहन विभाग के साथ मिलकर प्राइवेट बसों पर सख्त कार्रवाई शुरू की। बसों के फिटनेस प्रमाण पत्रों और मानक की जांच की गई।
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अनियमितताओं की रिपोर्ट सामने आई
जैसलमेर हादसे के बाद कई अनियमितताएं सामने आईं, जैसे कि नॉन एसी बस का पंजीकरण किया गया था, लेकिन बस मालिक ने इसे बिना अनुमति के एसी (AC) में बदलवा लिया था। इसके अलावा, नियमों के उल्लंघन के बावजूद फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया गया था।
एसोसिएशन का हड़ताल का ऐलान
जैसलमेर हादसे के बाद ऑल इंडिया टूरिस्ट बस एसोसिएशन ने सरकार की सख्ती पर विरोध जताते हुए एक हड़ताल का ऐलान किया। एसोसिएशन का कहना है कि परिवहन विभाग को पहले बस संचालकों को कुछ समय देना चाहिए था, ताकि वे नियमों के अनुसार अपने बसों को ठीक कर सकते।
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एसोसिएशन की भविष्य की रणनीति
एसोसिएशन ने सरकार की सख्ती को देखते हुए निजी बसों की हड़ताल करने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन का कहना है कि यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक सरकार उनकी मांगों पर गौर नहीं करती। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि वे सरकार से चाहते हैं कि वे बसों के फिटनेस टेस्ट और अन्य नियमों में कुछ लचीलापन प्रदान करें।
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राजस्थान में बसों के लिए महत्वपूर्ण सुधार
सख्त फिटनेस जांच : सरकार ने बसों की फिटनेस जांच प्रक्रिया को और सख्त किया है।
नियमों का उल्लंघन : जैसलमेर हादसे में नियमों का उल्लंघन पाया गया था।
हड़ताल का कारण : निजी बसों द्वारा सरकार की सख्ती के खिलाफ हड़ताल।
एसोसिएशन की मांगें : कुछ समय दिया जाए, ताकि संचालक नियमों का पालन कर सकें।