केंद्र के 'प्रगति' मॉडल पर शुरू हुआ परफॉर्मेंस रिव्यू पोर्टल, ऐसा करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य

राजस्थान ने बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट की समीक्षा के लिए खुद का ऑनलाइन प्रोजेक्ट परफॉर्मेंस रिव्यू पोर्टल शुरू किया है। इसका नाम-'राज उन्नति' होगा। ऐसी पहल शुरू करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है।

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Purshottam Kumar Joshi
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Photograph: (the sootr)

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News In Short

  • केंद्र के 'प्रगति' (PRAGATI) प्लेटफॉर्म की तर्ज पर परफॉर्मेंस रिव्यू पोर्टल
  • राजस्थान सरकार ने पोर्टल् का नाम रखा 'राज उन्नति'
  • ऐसा पोर्टल शुरू करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बना
  • पहल का उद्देश्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाना
  • पहली बैठक में 2000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की समीक्षा

News In Detail

जयपुर। राजस्थान ने प्रशासनिक ढांचे में एक नया नया कदम आगे बढ़ाया है। केंद्र के 'प्रगति' (PRAGATI) प्लेटफॉर्म की तर्ज पर अपना खुद का ऑनलाइन प्रोजेक्ट परफॉर्मेंस रिव्यू पोर्टल-'राज उन्नति' शुरू किया है। इसके साथ ही वह ऐसा शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।  इस पहल का मुख्य उद्देश्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में तेजी लाना, सरकारी योजनाओं की निगरानी करना और शासन में आने वाली बाधाओं को दूर करना है।

2000 करोड़ के प्रोजेक्ट की समीक्षा

इस नवाचार की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने 17 जनवरी को 'राज उन्नति' पोर्टल के माध्यम से पहली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में पांच अलग-अलग विभागों की 2,000 करोड़ रुपए से अधिक की सात बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की गई। साथ ही प्रदेश की दो प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति का भी बारीकी से आकलन किया गया। खास बात यह रही कि इसमें न केवल परियोजनाओं की देरी पर चर्चा हुई, बल्कि अधिकारियों ने ऑनलाइन जुड़कर सार्वजनिक शिकायतों के निवारण पर भी जोर दिया।

​क्या है 'राज उन्नति' और कैसे करेगा काम?

1. राज उन्नति पोर्टल केंद्र सरकार के 'प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन' (PRAGATI) मॉडल पर आधारित है। इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं। 
2. राजस्थान की सभी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को इस पोर्टल पर मैप किया गया है।
3. स्थानीय विरोध या प्रशासनिक देरी के कारण अटकी परियोजनाओं को शॉर्टलिस्ट कर उनका तत्काल समाधान निकाला जाएगा। 
4. परियोजनाओं की रियल-टाइम निगरानी से समय सीमा का पालन सुनिश्चित होगा। इससे प्रोजेक्ट की लागत बढ़ने  का खतरा कम होगा।

​वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जनसुनवाई: 

पोर्टल के माध्यम से लंबित सार्वजनिक शिकायतों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुना जाएगा। इससे आम जनता और सरकार के बीच की दूरी कम होगी।

​केंद्र ने थपथपाई राजस्थान की पीठ

राजस्थान के इस कदम की केंद्र सरकार ने भी सराहना की है। कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने इस पहल को सराहा और कहा कि राजस्थान ने प्रधानमंत्री के सुझाव को बेहद गंभीरता और गति से लागू किया है। दिसंबर में मुख्य सचिवों की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों को केंद्र के 'प्रगति' मॉडल को अपनाने का सुझाव दिया था, जिसे राजस्थान ने सबसे पहले अमलीजामा पहनाया।

​आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति

विशेषज्ञों का मानना है कि 'राज उन्नति' सिर्फ एक पोर्टल नहीं, बल्कि राजस्थान के आर्थिक विकास का इंजन साबित होगा। जब बड़ी सड़कें, बांध, ऊर्जा और स्वच्छता परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी, तो इसका सीधा लाभ राज्य की अर्थव्यवस्था और आम नागरिक को मिलेगा।

सुशासन की दिशा में बड़ा कदम

यह पहल जवाबदेही और पारदर्शिता के एक नए युग की शुरुआत है। अब राज्य और केंद्र दोनों की साझा परियोजनाओं की समीक्षा एक ही छत के नीचे हो सकेगी, जिससे "डबल इंजन" की कार्यक्षमता में और अधिक सुधार होगा।

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