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Photograph: (the sootr)
News In Short
- राजस्थान में अगले सत्र से कक्षा 1 से 12 तक की पाठ्यपुस्तकों में व्यापक बदलाव
- प्राथमिक स्तर के पाठ्यक्रम में मामूली बदलाव, सिर्फ उर्दू विषय होगा संशोधित
- कक्षा छह से आगे की पुस्तकों में व्यापक बदलाव किया जाएगा
- कक्षा 7 में कंप्यूटर और उर्दू विषयों को छोड़कर अन्य सभी पाठ्यक्रम में बदलाव
- राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल ने बदलाव के लिए तैयारी करने के दिए निर्देश
News In Detail
​Jaipur: राजस्थान में अगले शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 1 से 12 तक की पाठ्यपुस्तकों और पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण बदलाव किया जाएगा। राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल ने अधिकारियों को नए पाठ्यक्रम के अनुरूप तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की तरफ से दावा किया है कि ​इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य पाठ्यक्रम को आधुनिक बनाना और छात्रों को प्रासंगिक शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराना है।
प्राथमिक स्तर पर आंंशिक बदलाव
मंडल की जारी सूचना के अनुसार अगले सत्र से प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक की कई महत्वपूर्ण पुस्तकों में संशोधन किए गए हैं। ​प्राथमिक स्तर पर कक्षा 1 से 5 तक के छोटे बच्चों के पाठ्यक्रम में आंशिक बदलाव किया गया है। विशेष रूप से कक्षा 4 और 5 के उर्दू विषय के पाठ्यक्रम को संशोधित किया गया है। शेष विषयों का पाठ्यक्रम पहले जैसा ही रहेगा।
कक्षा छह से व्यापक बदलाव
​मिडिल स्तर पर कक्षा 6 से 8 तक की पाठ्यपुस्तकों में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। 'हमारा राजस्थान' श्रृंखला की पुस्तकों (कक्षा 6 से 8) में बदलाव किया गया है। कक्षा 6 की उर्दू की पुस्तक को भी नया रूप दिया गया है। कक्षा 7 के लिए स्पष्ट किया गया है कि कंप्यूटर और उर्दू विषयों को छोड़कर अन्य सभी विषयों के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। अब सत्र 2026-27 से छात्रों को केवल नई संशोधित पुस्तकें ही वितरित की जाएंगी।
​वितरण केंद्रों को सख्त निर्देश
​राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल ने प्रदेश के समस्त मुख्य प्रबंधकों और वितरण केंद्रों को निर्देशित किया है कि वे नए सत्र की तैयारी इन बदलावों को ध्यान में रखकर ही करें। मंडल पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जिन कक्षाओं के पाठ्यक्रम बदले गए हैं, वहां पुरानी सामग्री का वितरण न हो। डिजिटल हस्ताक्षर के साथ जारी इस आदेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विभाग अब पूरी तरह से नए पाठ्यक्रम को लागू करने की दिशा में अग्रसर है।
​छात्रों और शिक्षकों पर प्रभाव
मंडल के अधिकारियों ने बताया कि ​पाठ्यक्रम में संशोधन राज्य की बदलती शैक्षिक आवश्यकताओं को देखते हुए किया गया है। 'हमारा राजस्थान' जैसी महत्वपूर्ण पुस्तक में बदलाव से छात्रों को प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और वर्तमान घटनाक्रम की अधिक सटीक जानकारी मिल सकेगी। वहीं, उर्दू विषय के पाठ्यक्रम को भी आधुनिक दृष्टिकोण से पुनर्गठित किया गया है।
नई पाठ्यपुस्तकें ही खरीदें
​राजस्थान सरकार और पाठ्यपुस्तक मंडल का दावा है कि यह कदम शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को नवीनतम जानकारी से अपडेट रखने की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। अभिभावकों और छात्रों को सलाह दी गई है कि वे नई पुस्तकें खरीदते समय शैक्षणिक सत्र 2026-27 और संशोधित संस्करण की जांच अवश्य कर लें।
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