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Photograph: (the sootr)
News In Short
- पाली में अरटिया गांव के खेतों में गिरी विमान जैसा ड्रोन
- आसमान से गिरती चीज देखकर गांव में अफरा-तफरी
- राहत की सांस तब, जब पाया कि यह सिर्फ ड्रोन था
- पुलिस ने संभाला मोर्चा, तब आई स्थिति नियंत्रण में
- ड्रोन में आ गई थी तकनीकी खराबी, इसलिए गिर गया
News In Detail
मुकेश सोनी@पाली
राजस्थान में पाली जिले के अरटिया गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब आसमान से एक विशालकाय हवाई जहाज नुमा वस्तु सीधे खेतों की ओर गिरने लगी। इस "अज्ञात विमान" को जमीन की ओर आता देख ग्रामीणों के होश उड़ गए और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग किसी अनहोनी की आशंका से सहम गए, लेकिन बाद में जब सच्चाई सामने आई तो प्रशासन और जनता ने राहत की सांस ली।
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​गांव में दहशत का वो मंजर
​रोहट थाना क्षेत्र के अरटिया गांव की सरहद पर शनिवार शाम रोजमर्रा की तरह काम चल रहा था, तभी अचानक आसमान में एक तेज गूंज सुनाई दी। ग्रामीणों ने ऊपर देखा तो एक सफेद रंग का हवाई जहाज जैसा दिखने वाला ड्रोन अनियंत्रित होकर गोता खा रहा था। देखते ही देखते वह धड़ाम से जमीन पर आ गिरा।
​विमान जैसी आकृति को गिरते देख मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सीमावर्ती राज्य होने और सामरिक सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय लोगों में डर बैठ गया कि कहीं यह कोई जासूसी उपकरण या खतरनाक वस्तु तो नहीं है। कुछ ही मिनटों में यह खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई।
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​पुलिस की मुस्तैदी और मौके पर जांच
​घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए रोहट थाना पुलिस को तुरंत सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा और सबसे पहले भीड़ को दुर्घटनास्थल से दूर हटाकर घेराबंदी की। पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया। शुरुआती जांच में पाया कि यह कोई लड़ाकू विमान या दुश्मन का ड्रोन नहीं, बल्कि एक कमर्शियल सर्वे ड्रोन है।
​कोरिडोर सर्वे का हिस्सा था ड्रोन
​पुलिस जांच में यह साफ हुआ कि यह ड्रोन डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर (DFCCIL) के सर्वे कार्य में उपयोग किया जा रहा था। यह हाई-टेक ड्रोन कोरिडोर की मैपिंग और तकनीकी डेटा जुटाने के लिए उड़ान भर रहा था।
​रोहट पुलिस के अनुसार, ड्रोन उड़ान भरते समय अचानक तकनीकी खराबी का शिकार हो गया। सिस्टम फेल होने के कारण ऑपरेटर का इस पर से नियंत्रण हट गया और यह अनियंत्रित होकर अरटिया की सरहद में जा गिरा। ​
पुलिस ने तत्काल कोरिडोर कंपनी के अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों को मौके पर बुलाया। कंपनी के कर्मचारियों ने ड्रोन की पहचान की और बताया कि यह पूरी तरह से सुरक्षित है और केवल तकनीकी खामी की वजह से क्रैश हुआ है।
​पुलिस ने दूर किया ग्रामीणों का भ्रम
​मौके पर मौजूद ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए पुलिस अधिकारियों ने कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है। पुलिस ने लोगों को समझाया कि यह विकास कार्य का एक हिस्सा है और इसमें किसी भी प्रकार का विस्फोटक या खतरा नहीं है। इस स्पष्टीकरण के बाद ग्रामीणों का डर कम हुआ और उन्होंने राहत की सांस ली। गनीमत यह रही कि ड्रोन रिहायशी इलाके के बजाय खाली खेत (सरहद) में गिरा, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि या मालहानि नहीं हुई।
​तकनीक और सुरक्षा पर सवाल
हालांकि यह एक तकनीकी खराबी थी, लेकिन इस घटना ने आधुनिक सर्वे उपकरणों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह भारी-भरकम ड्रोन किसी बस्ती या घर पर गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल, कंपनी के कर्मचारी ड्रोन के मलबे को समेटकर ले गए हैं और आंतरिक जांच की जा रही है कि आखिर किस तकनीकी चूक की वजह से यह हादसा हुआ।
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