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Photograph: (the sootr)
News In Detail
- राजस्थान विधानसभा में बुधवार को शिष्टाचार उल्लंघन का मामला सामने आया।
- कांग्रेस के शांति धारीवाल इतने बहके कि उन्होंने बोलते-बोलते गाली भी बक दी।
- धारीवाल के अपशब्दों पर सत्ता पक्ष ने विरोध दर्ज कराया
- कांग्रेस विधानयक शांति धारीवाल का विवादों से पुराना नाता रहा है
- धारीवाल ने पिछली कांग्रेस शासन में भी मर्यादा को लांघा था।
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राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र बुधवार को तब चर्चा में आ गया, जब कांग्रेस के शांति धारीवाल ने राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान शिष्टाचार की सीमा लांघ दी। सदन की कार्यवाही के दौरान धारीवाल ने मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को लेकर एक आपत्तिजनक शब्द का प्रयोग किया। इसे लेकर सत्तापक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
राजस्थान विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस नेता शांती धारीवाल ने अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया। शांति धारीवाल ने विधान सभा में जोगेश्वर गर्ग को गाली दी।#RajasthanAssemblypic.twitter.com/x7LqWRgMUw
— TheSootr (@TheSootr) February 4, 2026
"आधी बात समझ आती है, आधी नहीं..."
विधानसभा में जब राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस चल रही थी, तब आसन पर सभापति संदीप शर्मा मौजूद थे। इसी दौरान शांति धारीवाल और मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग के बीच तीखी नोकझोंक हुई। अपनी बात रखते हुए धारीवाल अचानक बहक गए। उन्होंने जोगेश्वर गर्ग को संबोधित करते हुए कहा, आपकी बात आधी तो समझ में आती है यार और आधी नहीं... (गाली)।
मुख्य सचेतक ने जताई आपत्ति
धारीवाल की जुबान से अपशब्द निकलते ही सत्तापक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताई। मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने तुरंत खड़े होकर इस पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने तंज कसते हुए सभापति से कहा, इनकी जुबान से तो 'फूल' झड़ रहे थे, उस अमर्यादित शब्द को सदन की कार्यवाही से तुरंत हटाया जाए। इस घटना के बाद सदन में काफी देर तक शोर-शराबा होता रहा और विपक्षी खेमे को बचाव की मुद्रा में आना पड़ा।
धारीवाल का विवादों से पुराना नाता
सदन में इस ताज़ा वाकये के बाद शांति धारीवाल के पुराने विवादित बयान फिर चर्चा में आ गए। पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान उन्होंने बलात्कार जैसे संवेदनशील विषय पर जवाब देते हुए कहा था, राजस्थान मर्दों का प्रदेश है। इस पर भारी बवाल हुआ था। एक बार फिर उनकी भाषा शैली ने सदन की गरिमा पर सवालिया निशान लगा दिया है।
मदन दिलावर पर हमले बोलते रहे
विवादित टिप्पणी के बावजूद धारीवाल ने भाजपा सरकार और विशेषकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर हमले जारी रखे। उन्होंने शिक्षा मंत्री पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। धारीवाल ने दिलावर के 'डीलक्स स्कूल भवनों' के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। वहीं, महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का नाम बदलने पर कहा कि उस महात्मा का नाम दुनिया के दिल से नहीं निकाल सकते। धारीवाल ने कैग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं को रेवड़ियों की तरह स्किल सेंटर बांट दिए और भारी घोटाला किया।
'कफन' वाली सहायता पर गरमाई बहस
पूर्व मंत्री धारीवाल ने कांग्रेस सरकार की योजनाओं का गुणगान करते हुए सत्तापक्ष की घेराबंदी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में संवेदनशीलता इतनी थी कि अस्पताल में मरीज की मौत होने पर सरकार ढाई हजार रुपए की सहायता और कफन तक की व्यवस्था करती थी। उनके इस बयान पर सत्तापक्ष ने पलटवार करते हुए इसे केवल लोकलुभावन और धरातल से दूर बताया।
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