वाहन फिटनेस के लिए नई गाइडलाइंस, फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अब वीडियो रिकॉर्डिंग होगी अनिवार्य

राजस्थान में अब वाहनों की फिटनेस में फजीवाड़ा रोकने के लिए अब वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य होगी। परिवहन विभाग ने (ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन) एटीएस और फिटनेस सेंटरों के लिए नए नियम जारी किए हैं।

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Ashish Bhardwaj
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Photograph: (the sootr)

News In Short 

  • राजस्थान परिवहन विभाग ने एटीएस और फिटनेस सेंटरों पर कड़े प्रावधान लागू किए।
  • अब फिटनेस जांच के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य, दोपहिया के लिए 7 और अन्य वाहनों के लिए 10 मिनट की रिकॉर्डिंग।
  • बिना निरीक्षण के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने पर एटीएस संचालक और निरीक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
  • हर सप्ताह एटीएस संचालकों को रिकॉर्डिंग डेटा जिला परिवहन कार्यालय में जमा करना होगा।
  • वीडियो रिकॉर्डिंग को छह महीने तक सुरक्षित रखने का आदेश, विभाग की निगरानी मजबूत होगी।

News In Detail

राजस्थान में परिवहन विभाग ने ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) और फिटनेस सेंटरों पर 
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। विभाग को शिकायतें मिल रही थी कि बिना वाहन के ही फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं। गाइडलाइन के जरिए विभाग की निगरानी को मजबूत किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र सही और उचित प्रक्रिया के तहत जारी हो।

वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य 

अब से, हर वाहन की फिटनेस जांच के लिए उच्च गुणवत्ता वाली वीडियो रिकॉर्डिंग की आवश्यकता होगी। यह कदम कागजों में फर्जी निरीक्षण को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।

दोपहिया वाहनों के लिए: कम से कम 7 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग।

अन्य वाहनों के लिए: कम से कम 10 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य होगी।

वीडियो में वाहन का प्रवेश, निकास, टेस्ट लेन, उपकरण क्षेत्र, कंट्रोल रूम, वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर और पूरी निरीक्षण प्रक्रिया स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए।

अन्यथ होगी कड़ी कार्रवाई 

यदि बिना समुचित निरीक्षण के किसी वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, तो संबंधित एटीएस संचालक और निरीक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस तरह की कड़ी कार्रवाई से विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि फर्जी तरीके से फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने का सिलसिला रुके।

परिवहन अफसरों को निगरानी का जिम्मा

परिवहन अधिकारियों (DTO) को निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। एटीएस संचालकों को अब प्रत्येक सोमवार को रिकॉर्डिंग का डेटा पेन ड्राइव के जरिए जिला परिवहन कार्यालय को सौंपना होगा। इसके अलावा, हर महीने की 10 तारीख तक यह रिकॉर्ड मुख्यालय को भेजना होगा। सभी वीडियो कम से कम छह महीने तक सुरक्षित रखने होंगे।

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