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Photograph: (the sootr)
News in Short
प्रो. मणिलाल गरासिया और उनके दर्जनों पदाधिकारी भारत आदिवासी पार्टी (BAP) छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए।
मणिलाल गरासिया ने बीएपी पर आदिवासी मुद्दों से हटकर जातिवाद और नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाया।
प्रो. मणिलाल गरासिया और उनकी टीम ने कांग्रेस से जुड़ने का निर्णय लिया और इसे वागड़ अंचल की राजनीति में एक निर्णायक मोड़ बताया।
गरासिया ने कहा कि बीएपी का उद्देश्य आदिवासियों की आवाज उठाना था, लेकिन अब यह पूरी तरह से दिशाहीन हो चुका है।
प्रो. मणिलाल गरासिया की वागड़ क्षेत्र की राजनीति में मजबूत पकड़ है और कांग्रेस में शामिल होने से इस क्षेत्र की राजनीति में बड़ा बदलाव आ सकता है।
News in Detail
राजस्थान में भारत आदिवासी पार्टी के संस्थापक सदस्य प्रो. मणिलाल गरासिया ने अपने 10 साथियों के साथ कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली। उन्होंने बीएपी पर जातिवादी राजनीति करने का आरोप लगाया है। कहा है कि इससे पार्टी को यह बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर रंधावा और प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सभी को दुप्पटा पहना कर पार्टी ज्वाइन करवाई।
पार्टी पर गंभीर आरोप और राजनीति में बदलाव
प्रो. मणिलाल गरासिया ने कांग्रेस मुख्यालय में सदस्यता ग्रहण करते हुए कहा कि आदिवासियों की आवाज उठाने के लिए जिस मंच को तैयार किया गया था, वह अब जातिवाद और नफरत की राजनीति का केंद्र बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ नेताओं के निजी स्वार्थ और दिशाहीनता के कारण क्षेत्र का विकास पूरी तरह ठप हो गया है।
कांग्रेस में शामिल होने वाले प्रमुख नेता
मणिलाल गरासिया अकेले नहीं, बल्कि अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हुए हैं। इनमें बांसवाड़ा जिले के कई प्रमुख नेता शामिल हैं, जैसे दिलीप पणदा (पूर्व जिलाध्यक्ष, बीटीपी), नारायण बामणिया (गढ़ी ब्लॉक अध्यक्ष), शंकर मईडा (तलवाड़ा अध्यक्ष), सनी भाई डेंडोर (ब्लॉक अध्यक्ष), और अन्य पदाधिकारी हेनरी पटेल, नितेश कतिजा, मनीष मईडा, पवन बुझ और दिनेश डाबी।
वागड़ की राजनीति पर असर
प्रो. मणिलाल गरासिया का कांग्रेस में शामिल होना वागड़ क्षेत्र की राजनीति में एक अहम मोड़ साबित हो सकता है। वे गढ़ी विधानसभा से चुनाव लड़ चुके हैं और भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के संरक्षक रहे हैं। वर्तमान में वे शिक्षक कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं और उनकी पकड़ बौद्धिक और युवा वर्ग पर मजबूत मानी जाती है।
बीएपी पार्टी की वर्तमान स्थिति और कांग्रेस का समर्थन
बाप(BAP) पार्टी को झटका लगने के बाद कांग्रेस ने प्रो. मणिलाल गरासिया के साथ जुड़ने को एक राजनीतिक अवसर माना है। उनका कहना है कि अब वे कांग्रेस के साथ मिलकर भील युवाओं को जातिवादी राजनीति के चंगुल से बाहर निकालेंगे।
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