/sootr/media/media_files/2026/03/02/bjp-working-2026-03-02-17-25-45.jpg)
Photograph: (the sootr)
News In Short
- बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने 154 सदस्यीय कार्यसमिति का ऐलान किया।
- कार्यसमिति में वसुंधरा और राजेंद्र राठौड़ को शामिल किया गया।
- 20 महिला नेताओं को प्रदेश कार्यसमिति में स्थान दिया गया।
- लालचंद कटारिया और ज्योति खंडेलवाल जैसे नेताओं को कार्यसमिति में स्थान मिला।
- आगामी बैठक में संगठन विस्तार और नए जिलों के विस्तार पर चर्चा हो सकती है।
News In Detail
राजस्थान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्यों की सूची जारी की है। इस कार्यसमिति में 154 सदस्य शामिल हैं, जिनमें 12 स्थायी आर 52 विशेष आमंत्रित सदस्य भी हैं। कार्यसमिति में प्रदेश भाजपा के प्रमुख नेता और कांग्रेस से आए तीन नेता भी शामिल हैं। इस फैसले के साथ ही भाजपा ने राज्य में संगठन का विस्तार किया है।
कार्यसमिति में प्रमुख नेताओं को जगह
कार्यसमिति में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, राज्यसभा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ जैसे प्रमुख नेताओं को स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। राठौड़ इस बार विधानसभा चुनाव हार गए थे।
महिला प्रतिनिधित्व और क्षेत्रीय संतुलन
भाजपा ने अपने कार्यसमिति में क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान रखते हुए विभिन्न जिलों को प्रतिनिधित्व दिया है। कार्यसमिति में 20 महिला नेताओं को भी शामिल किया गया है। इस कदम से पार्टी ने अपने संगठन में महिला प्रतिनिधित्व को बढ़ावा दिया है और सुनिश्चित किया है कि हर क्षेत्र को सही स्थान मिले।
कांग्रेस से आए नेताओं का समावेश
नए कार्यसमिति में कांग्रेस से आए तीन नेताओं को भी स्थान दिया गया है। इनमें से एक प्रमुख नाम लालचंद कटारिया का है, जो गहलोत सरकार में मंत्री रहे हैं। उन्हें जयपुर शहर से विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में कार्यसमिति में शामिल किया गया है। इसके साथ ही पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल को भी प्रदेश कार्यसमिति सदस्य के रूप में स्थान मिला है।
कार्यसमिति का प्रमुख कार्य और आगामी बैठक
प्रदेश कार्यसमिति का मुख्य कार्य संगठन का विस्तार और उसकी मजबूती करना है। इस कार्यसमिति की बैठक साल में एक बार आयोजित की जाती है, जिसमें पार्टी की रीति-नीति और अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की जाती है। आगामी बैठक में संगठन विस्तार पर मुहर लगने की संभावना है। इस बैठक में प्रदेश के 41 जिलों के संगठन विस्तार पर भी निर्णय लिया जा सकता है।
प्रदेश कार्यसमिति में नए जिले और संगठन विस्तार
राजस्थान में प्रशासनिक दृष्टि से 41 जिले हो गए हैं, जिनमें कुछ समय पहले बनाए गए आठ नए जिले भी शामिल हैं। पार्टी का प्रयास अब इन नए जिलों में भी संगठन का विस्तार करना है, जिससे पार्टी का प्रभाव और मजबूती बढ़ सके। यह विस्तार प्रदेश कार्यसमिति की आगामी बैठक में तय किया जाएगा।
ये भी पढ़े:-
होली से पहले गर्मी ने पकड़ ली रफ्तार, एमपी, सीजी और राजस्थान में सूरज की तपिश ने बढ़ाया पारा
एमपी की रंग पंचमी से लेकर राजस्थान की शाही होली तक, जानें भारत के अलग-अलग राज्यों के अंदाज
होली से पहले गैस सिलेंडर महंगा, राजस्थान में अब इतने देने होंगे दाम
राजस्थान में बढ़ा बाघों का कुनबा, मध्य प्रदेश से लाया गया एक और बाघ
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us