कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा राजस्थान शिक्षा बोर्ड, स्थापना दिवस पर जानिए बोर्ड से जुडे़ कुछ विवाद और इतिहास

Sanjay Dhiman | Aug 01, 2025, 12:52 IST
Share
rajasthan board of secondary education
Photograph: (the sootr)

आज राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 69वीं वर्षगांठ है, पिछले कुछ सालों से बोर्ड विवादों से घिरा रहा है। बीते तीन सालों से यहां बिना अध्यक्ष के काम हो रहा है, वहीं रीट पेपर लीक मामले के कारण यह पूरे प्रदेश में चर्चा में रहा है।

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Rajasthan Board of Secondary Education) का आज, 1 अगस्त 2025 को 69वां स्थापना दिवस है। इस अवसर पर, बोर्ड ने अपनी यात्रा पर प्रकाश डाला और यह बताया कि कैसे वह हर साल 10वीं और 12वीं के लगभग 20 लाख विद्यार्थियों के लिए परीक्षा आयोजित करता है। इसके साथ ही, REET (राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा) और अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं का आयोजन भी इसी बोर्ड द्वारा किया जाता है।

राजस्थान बोर्ड की स्थापना 1957 में हुई थी, और यह राज्य में शिक्षा व्यवस्था को स्थिर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। हालांकि, वर्तमान में बोर्ड को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जैसे कि कर्मचारियों की कमी, बढ़ते विद्यार्थियों की संख्या, और REET पेपर लीक मामले में उठे विवाद।

बोर्ड की स्थापना और इतिहास

राजस्थान सरकार ने 1 अगस्त 1957 को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की स्थापना की थी। इसके पहले अध्यक्ष जी.सी. चटर्जी थे। तब से बोर्ड ने अनेक सुधारों और परिवर्तनों का सामना किया और आज 34,000 से अधिक स्कूलों के साथ कार्यरत है।

बोर्ड का मुख्यालय पहले जयपुर में था, लेकिन 1961 में इसे अजमेर स्थानांतरित कर दिया गया। यहाँ से बोर्ड का संचालन हो रहा है, जो अब ऑनलाइन माध्यम से भी पूरी तरह कार्य करता है। 10वीं और 12वीं के अलावा, राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा और राज्य विज्ञान प्रतिभा खोज परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी बोर्ड द्वारा आयोजित किए जाते हैं।

यह खबरें भी पढ़ें...

राजस्थान ने बदले भर्ती परीक्षाओं के नियम, छात्रा ने किया था विरोध, पीएम तक पहुंची थी शिकायत

राजस्थान में बारिश ने तोड़ा 69 साल का रिकॉर्ड, धौलपुर में उतारना पड़ी सेना, आज भी छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

कर्मचारियों की कमी से जूझता बोर्ड

जब राजस्थान बोर्ड गठित हुआ था, तब उसमें केवल 29,000 विद्यार्थी शामिल हुए थे। वहीं, अब यह संख्या बढ़कर लगभग 20 लाख हो चुकी है। 1997 में,जब 7 लाख विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हुए थे,तो बोर्ड के पास 850 कर्मचारी थे।

अब जब, 2025 तक यह संख्या बढ़कर 20 लाख हो गई है,कर्मचारियों की संख्या घटकर केवल 272 रह गई है। यह स्थिति बोर्ड के लिए चुनौतीपूर्ण बन गई है, क्योंकि कर्मचारियों की कमी और परीक्षा का बढ़ता दबाव दोनों ही एक साथ आ रहे हैं।

बोर्ड की स्थापना से अब तक के इतिहास को ऐसे समझें



  1. राजस्थान बोर्ड के बारे में 5 बुलेट पॉइंट्स में संक्षिप्त जानकारी दी गई है:
  2. राजस्थान बोर्ड की स्थापना: 1 अगस्त 1957 को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की स्थापना की गई थी।
  3. REEET पेपर लीक विवाद: 2021 में REET पेपर लीक मामले में बोर्ड के अध्यक्ष डी.पी. जारोली को बर्खास्त कर दिया गया था, और वर्तमान में तीन साल से चेयरमैन का पद रिक्त है।
  4. विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि: 1958 में 29,000 विद्यार्थियों के साथ शुरू हुई परीक्षाएं अब 2025 में 20 लाख विद्यार्थियों तक पहुँच चुकी हैं।
  5. कर्मचारियों की संख्या: 1997 में बोर्ड में 850 कर्मचारी थे, जो अब 2025 में घटकर 272 रह गए हैं।
  6. स्कूलों की संख्या: 1957 में 250 स्कूलों से शुरू होकर, अब बोर्ड के तहत 34,000 स्कूल काम कर रहे हैं।

REET पेपर लीक मामला और अध्यक्ष का खाली पद

राजस्थान बोर्ड के लिए एक और बड़ा विवाद वर्ष 2021 में सामने आया जब REET पेपर लीक हो गया था। इस मामले में बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन डीपी. जारोली को बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद से बोर्ड के पास तीन साल से कोई स्थायी चेयरमैन नहीं है। वर्तमान में अजमेर के संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह को प्रशासक के रूप में अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

REEET पेपर लीक मामले में 131 आरोपी गिरफ्तार किए गए थे, और इस घटना ने राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा संचालन पर बडे़ सवाल खडे़ किए थे। इस मामले ने बोर्ड की प्रतिष्ठा को भी धूमिल किया, जिसके कारण विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच विश्वास की कमी बढ़ी।

REET पेपर लीक की अब तक की जांच

एसओजी (Special Operations Group) ने REET पेपर लीक मामले में कई अहम जानकारियाँ उजागर की हैं। प्रमुख आरोपी रामकृपाल मीणा और प्रदीप पाराशर को गिरफ्तार किया गया था। इन आरोपियों ने परीक्षा के पेपर को लीक करके नकल गिरोह के साथ मिलकर उसे बेच दिया था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पेपर 1.25 करोड़ रुपए में बेचा गया और यह जयपुर सहित कई शहरों में वितरित किया गया था।इस मामले के बाद से राजस्थान बोर्ड के अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति नहीं हो पाई, जो अब तक बोर्ड के संचालन पर प्रभाव डाल रहा है।

यह खबरें भी पढ़ें...

आज से बदल गए UPI के नियम, संभलकर इस्तेमाल करें यूजर, नहीं तो पड़ेगा भारी

MP विधानसभा के मानसून सत्र का पांचवां दिन आज, स्वास्थ्य और जल संकट जैसे मुद्दों से गरमाएगा माहौल

प्रमुख तथ्य और आंकड़े

राजस्थान बोर्ड की स्थापना: 1 अगस्त 1957
पहला परीक्षा: 1958
पहले शामिल विद्यार्थी: 29,000
वर्तमान में शामिल विद्यार्थी: 20 लाख (2025)
कर्मचारियों की संख्या: 272 (2025)
स्कूलों की संख्या: 34,000
मुखिया का पद: 3 साल से रिक्त

बोर्ड के सामने भविष्य की चुनौतियां

राजस्थान बोर्ड ने कई नवाचार किए हैं और भविष्य में तकनीकी सुधारों को अपनाने पर भी विचार किया है। आगामी परीक्षाओं के लिए बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों की संख्या में वृद्धि करने और ऑनलाइन व्यवस्था को और मजबूत करने के संकेत दिए हैं। हालांकि, बोर्ड को यह सुनिश्चित करना होगा कि पेपर लीक जैसी घटनाएँ भविष्य में न हों और विद्यार्थियों का विश्वास फिर से बहाल किया जा सके।

FAQ

  1. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति क्यों नहीं हो रही है?
    राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का अध्यक्ष पद पिछले तीन साल से रिक्त है, जब REET पेपर लीक मामले में बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष डी.पी. जारोली को बर्खास्त कर दिया गया था। वर्तमान में, प्रशासनिक कार्य संभालने के लिए अजमेर के संभागीय आयुक्त को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
  2. REET पेपर लीक में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    REET पेपर लीक मामले में अब तक 131 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें प्रमुख आरोपी रामकृपाल मीणा और प्रदीप पाराशर शामिल हैं। इन आरोपियों ने पेपर को लीक कर नकल गिरोह तक पहुँचाया था।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧👩

Tags:
  • राजस्थान
  • राजस्थान सरकार
  • जयपुर
  • राजस्थान बोर्ड
  • चेयरमैन
  • कर्मचारियों की कमी
  • एसओजी
  • राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज