3200 मेगावाट बिजली की खरीद पर रोक, RERC ने कहा पहले आंकलन जरुरी

Ashish Bhardwaj | May 16, 2026, 20:01 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (RERC) ने 3200 मेगावाट बिजली खरीद के प्रस्ताव पर फिलहाल रोक लगा दी है। भविष्य में बिजली की मांग को देखते हुए अब नया आकलन होगा।

News In Short

  • RERC ने 3200 मेगावाट कोयला बिजली खरीद योजना पर लगाई रोक।
  • आयोग ने कहा, भविष्य की बिजली जरूरत पर नया आकलन जरूरी।
  • अब ग्रीन एनर्जी और बैटरी स्टोरेज को भी ध्यान में रखा जाएगा।
  • पहले से प्रस्तावित थर्मल और न्यूक्लियर प्रोजेक्ट का आकलन जरूरी।
  • 1350 मेगावाट पुराने थर्मल प्लांट बंद होने से पहले विस्तृत तकनीकी समीक्षा जरूरी।

News In Detail

राजस्थान विद्युत रेगुलेटरी आयोग (RERC) ने राज्य में 3200 मेगावाट (MW) कोयला आधारित बिजली खरीद योजना को फिलहाल मंजूरी नहीं दी है। आयोग ने कहा कि भविष्य में राज्य को कितनी अतिरिक्त बिजली की आवश्यकता होगी, इसका नया विस्तृत आंकलन तैयार करना जरूरी है।



पूरा मामला क्या है?

यह प्रस्ताव राजस्थान ऊर्जा विकास एवं आईटी सर्विसेज लिमिटेड (RUVITL) का था। कंपनी ने राज्य की डिस्कॉम कंपनियों के लिए 25 साल तक 3200 मेगावाट राउंड-द-क्लॉक (RTC) बिजली खरीदने की अनुमति मांगी थी।



RUVITL का दावा था कि आने वाले वर्षों में बिजली की कमी हो सकती है, इसलिए लंबी अवधि की तैयारी जरूरी है। हालांकि आयोग ने पहले भी प्रस्ताव को खारिज करते हुए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) से नई समीक्षा कराने को कहा था।



ग्रीन एनर्जी और बैटरी स्टोरेज अहम

RERC ने अपने आदेश में कहा कि राजस्थान (Rajasthan) समेत पूरे देश में इस समय ग्रीन एनर्जी यानी सौर ऊर्जा का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में भविष्य पड़ने वाली बिजली की जरूरत का अनुमान पुराने तरीकों से नहीं लगाया जा सकता।



आयोग के अनुसार इन व्यवस्थाओं के कारण आने वाले समय में डिस्कॉम कंपनियों पर बिजली खरीद का दबाव कम हो सकता है। इसी वजह से नई कोयला आधारित बिजली परियोजनाओं की जरूरत का दोबारा सही आकलन करना जरूरी है।



न्यूक्लियर और थर्मल प्रोजेक्ट भी हैं कारण

राज्य में पहले से प्रस्तावित कई बड़े प्रोजेक्ट हैं। जिन्हें बिजली जरूरत में शामिल करना जरूरी है। इनमें NTPC, CIL और NLCIL के करीब 3325 मेगावाट थर्मल प्रोजेक्ट और बांसवाड़ा में प्रस्तावित 1400 मेगावाट न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट शामिल हैं।



CEA से नई समीक्षा

RUVITL ने 24 नवंबर 2025 को CEA को पत्र लिखकर भविष्य की बिजली जरूरत का नया अनुमान तैयार करने को कहा। कंपनी ने अनुमान लगाया कि 2035-36 तक 5790 मेगावाट अतिरिक्त थर्मल क्षमता की जरूरत होगी, क्योंकि 1350 मेगावाट पुराने प्लांट बंद होने वाले हैं।



CEA ने 27 नवंबर 2025 को कहा कि अतिरिक्त कोयला आधारित क्षमता की जरूरत हो सकती है, लेकिन कितनी खरीदनी है और किस स्रोत से, इसका फैसला डिस्कॉम कंपनियों को करना होगा।



EAC की रिपोर्ट

RUVITL ने रिव्यू पिटीशन में EAC (Expert Advisory Committee) की 21 अगस्त 2025 की बैठक के निष्कर्षों को महत्व दिया। EAC के अनुसार 2030-31 तक 2395 मेगावाट और 2035-36 तक 4440 मेगावाट अतिरिक्त थर्मल क्षमता की जरूरत होगी।



आयोग का अंतिम फैसला

RERC ने कहा कि 4440 मेगावाट तक अतिरिक्त कोयला बिजली खरीद का निर्णय डिस्कॉम कंपनियों पर होगा। 1350 मेगावाट पुराने थर्मल प्लांट बंद होने से पहले विस्तृत तकनीकी समीक्षा जरूरी है। 3200 मेगावाट बिजली योजना को फिलहाल मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन भविष्य में आवश्यकता साबित होने पर नई याचिका दायर की जा सकती है।



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