अशोक गहलोत ने खुद बांटे थे पैसे, पायलट की मौजूदगी में पूर्व मंत्री का आरोप

Mukesh Sharma | Jun 10, 2026, 19:22 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान कांग्रेस में गुटबाजी फिर उभरकर सामने आई है। गहलोत द्वारा पायलट समर्थकों पर 10 करोड़ लेने के आरोपों पर पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने पलटवार किया। उन्होंने सचिन पायलट की मौजूदगी में कहा कि गहलोत ने खुद पैसे बांटे थे। इसके उनके पास सबूत हैं।

ऐसे समझें पूरा मामला

  • पूर्व मंत्री रमेश मीणा का आरोप, अशोक गहलोत ने खुद बांटे थे पैसे।
  • मीणा का दावा, उनके पास हैं सबूत, गहलोत को नार्को टैस्ट करवाने की चुनौती।
  • पायलट बिना नाम लिए बोले, आंख में आंख डालकर देखो, सच सामने आ जाएगा।
  • मीणा बोले, गहलोत ने बीटीपी, निर्दलीय और भाजपा विधायकों दिए थे पैसे।
  • सचिन पायलट की मौजूदगी में मंच से अपील-ईमानदार को सौंपे पार्टी की कमान।

राजस्थान में पूर्व सीएम अशोक गहलोत और कांग्रेस नेता सचिन पायलट की खेमेबंदी नए स्तर पर पहुंच रही है। पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर विधायकों को रुपए देने के आरोप लगाए हैं।



उन्होंने कहा कि गहलोत कहते हैं कि मानेसर जाने वाले विधायकों ने 10-10 करोड़ रुपए लिए थे। मीणा ने अपना और गहलोत का नार्को टैस्ट करवाने की चुनौती दी है।



पूर्व मंत्री ने कहा कि गहलोत ने बीटीपी, निर्दलीय और भाजपा विधायकों को कितने रुपए दिए, उसके सबूत हमारे पास है। मीणा ने यह आरोप सचिन पायलट की मौजूदगी में खुले मंच से लगाए।



मीणा ने राहुल गांधी से सही आकलन करने व ईमानदार व सही आदमी को बागडोर देने की अपील की है। रमेश मीणा बुधवार को करौली जिले के सकरघटा गांव में पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत राजेश पायलट की प्रतिमा के अनावरण समारोह और किसान सम्मेलन में बोल रहे थे।



गहलोत लगाते हैं आरोप

बता दें कि जुलाई 2020 में सचिन पायलट और उनके साथ 18 विधायकों ने 2020 में पूर्व सीएम अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार के विरुद्ध बगावत कर दी थी।



पायलट समर्थक विधायक 34 दिन तक मानेसर स्थित एक रिसोर्ट में रहे थे। इधर गहलोत भी अपने मंत्रियों व समर्थक विधायकों को लेकर जयपुर और जैसलमेर के होटल में रहे थे।



इस घटना के बाद से ही गहलोत कई बार मानेसर जाने वाले विधायकोें पर 10-10 करोड़ रुपए लेने के आरोप लगाते रहे हैं। हाल ही में 7 जून को उन्होंने फिर से अपने आरोप दोहराए थे।



पायलट बोले-आंख मिलाकर देखो, पता चलेगा

इस अवसर पर कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने बिना नाम लिए विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि आंख में आंख डालकर देखोगे तो पता चल जाएगा कि सच बोल रहा है या झूठ।



उन्होंने कहा कि मैंने अपने साथ काम करने वाले सभी नेताओं का मान-सम्मान ​किया है। हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद कभी नहीं हैं।



पायलट ने कहा कि वह जिस संगठन में काम करते हैं उसका काम बांटने का नहीं है। पहला काम ही जनता का काम करना है। केवल फल प्राप्ति के लिए जो काम कर रहा है, वो दुखी ही रहेगा। जनता के हित में काम करने वाला सुखी रहेगा। आज भी जनता सच्चाई का साथ देती है



इस दौरान उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में राज्यसभा के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन गैर कानूनी तरीके से रद्द कर दिया। सरकार ने कोई सुनवाई नहीं की और चुनाव आयोग ने भी काफी देर धरना देने के बाद चुनाव आयोग ने धरने के बाद ज्ञापन लिया।



जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास

सचिन पायलट ने कहा कि लोकतंत्र में बातचीत जरूरी है। किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से निकल सकता है।



उन्होंने करौली जिले में पांचना बांध के पानी को लेकर चल रहे विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को सभी पक्षों को साथ बैठाकर समाधान निकालना चाहिए। किसान की पहचान उसकी जाति से नहीं बल्कि उसकी मेहनत से होती है।



उन्होंने कहा कि जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास करने वाले समाज व प्रदेश दोनों का नुकसान कर रहे हैं।



पिता को याद कर हुए भावुक

कार्यक्रम के दौरान सचिन पायलट भावुक भी नजर आए। उन्होंने अपने पिता राजेश पायलट को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा सच्चाई और किसानों के हितों के लिए संघर्ष किया।



पायलट ने कहा कि राजेश पायलट ने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया। कभी भी सच का रास्ता नहीं छोड़ा। उनकी प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं बल्कि जनसेवा, साहस और सामाजिक एकता का प्रतीक है।



कार्यक्रम में टोडाभीम विधायक घनश्याम महर, पूर्व मंत्री रमेश मीणा, पूर्व विधायक लाखन सिंह गड़रिया, करौली-धौलपुर सांसद भजन लाल जाटव समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद थे।



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