राजस्थान में बुरे फंसे शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ, होगी पेशी, जानें पूरा मामला

Nitin Kumar Bhal | Sept 11, 2025, 12:49 IST
Photograph: (TheSootr)
राजस्थान उपभोक्ता आयोग ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन पर नोटिस जारी किया है। पूरा मामला जानें TheSootr में।

राजस्थान राज्य उपभोक्ता आयोग ने बॉलीवुड के तीन प्रमुख सितारों शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल पान मसाला के विज्ञापन को लेकर नोटिस जारी किया है। यह मामला एक भ्रामक विज्ञापन से संबंधित है, जिसमें दावा किया गया था कि विमल पान मसाला में 'केसर' है। चूंकि केसर की कीमत लगभग 4 लाख रुपये प्रति किलो होती है, इसलिए इस दावे को गलत और भ्रामक माना गया है।



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विमल पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन के खिलाफ कार्रवाई

राजस्थान के गजेन्द्र सिंह द्वारा दायर एक परिवाद में इस बात की ओर ध्यान आकर्षित किया गया कि विमल पान मसाला में 'केसर' होने का दावा झूठा है, जो उपभोक्ताओं को गुमराह करता है। इसके अलावा, यह पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पाद स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होते हैं, जो युवाओं पर गलत प्रभाव डालते हैं। इस मामले में गजेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि इस तरह के विज्ञापन समाज में गलत संदेश भेजते हैं, विशेषकर युवा वर्ग को तंबाकू उत्पादों की ओर आकर्षित करते हैं।



बॉलीवुड सितारों को नोटिस जारी करने के आदेश

राजस्थान उपभोक्ता आयोग ने आदेश दिया है कि शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ, जिनके नाम इस विज्ञापन में आए हैं, 8 अक्टूबर 2025 को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से या अपने अधिवक्ता के माध्यम से पेश हों। इसके साथ ही, आयोग ने विमल पान मसाला कंपनी को भी इस मामले में शामिल किया है और उन्हें भी न्यायालय में पेश होने का निर्देश दिया है।



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उपभोक्ता अधिकारों को नई दिशा दे सकता है यह मामला

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला केवल उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह तंबाकू और उससे संबंधित उत्पादों के विज्ञापनों पर समाज में एक नई बहस को जन्म दे सकता है। तंबाकू उत्पादों के विज्ञापनों पर पहले से ही कई देशों में रोक है, और यह कदम भारत में भी तंबाकू उत्पादों के प्रचार पर नए दिशा-निर्देशों की ओर इशारा कर सकता है।



विमल पान मसाला के खिलाफ परिवाद में की गई मुख्य मांगें

  1. विमल पान मसाला के उत्पादन और विज्ञापन पर रोक
  2. कला जगत के कलाकारों से राष्ट्रीय पुरस्कार (जैसे पद्म श्री) वापस लिया जाए
  3. कंपनी और कलाकारों पर 50 लाख रुपए का आर्थिक दंड लगाया जाए

तंबाकू से क्या नुकसान हैं?

  • तम्बाकू के सेवन से होने वाली बीमारियाँ

    • तम्बाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग, लीवर की बीमारी, क्रोनिक रोग जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
    • निकोटीन एक नशीला पदार्थ है जो तम्बाकू के पौधों में पाया जाता है, और यह कई घातक बीमारियों से जुड़ा हुआ है।
    • तम्बाकू के कारण हर साल लगभग 80 लाख लोगों की मृत्यु होती है।
  • तम्बाकू की उत्पत्ति और वैश्विक खपत

    • तम्बाकू की उत्पत्ति अमेरिका में हुई, लेकिन अब इसकी खेती और सेवन दुनियाभर में होता है।
    • 125 से अधिक देशों में तम्बाकू की खेती की जाती है, जिनमें चीन, भारत, और ब्राज़ील सबसे बड़े उत्पादक देश हैं।
    • तम्बाकू की बढ़ती खपत ने वनों की कटाई और किसानों के शोषण को बढ़ावा दिया है।
  • तम्बाकू छोड़ने के उपाय

    • निकोटीन रिप्लेसमेंट दवाएं: डॉक्टर से निकोटीन रिप्लेसमेंट उपचार के बारे में पूछें। इसके विकल्प जैसे निकोटीन इनहेलर, स्प्रे, लोजेंज, गम, और पैच उपलब्ध हैं।
    • थोड़ा इंतजार करें: जब भी तम्बाकू की तलब हो, तो 10 मिनट इंतजार करें और फिर ध्यान किसी और चीज़ में लगाएं।
    • चबाना: तम्बाकू की तलब को कम करने के लिए हार्ड कैंडीज या शुगर-फ्री गम चबाएं।
    • ट्रिगर्स से दूर रहें: तम्बाकू की तलब उन स्थानों पर ज्यादा होती है, जहां आप आमतौर पर धूम्रपान करते हैं। इन ट्रिगर्स से बचने की कोशिश करें।
  • तम्बाकू छोड़ने के फायदे

    • कपड़ों, बालों और सांसों से बदबू नहीं आएगी।
    • सूंघने की क्षमता में सुधार होगा।
    • उंगलियां और नाखूनों का पीला-पन कम होगा।
    • दांतों का रंग सही होगा।
    • दिल की बीमारियों और स्ट्रोक का खतरा कम होगा।
    • इरेक्टाइल समस्याएं कम हो जाएंगी।
    • गर्भवस्था में जटिलताएं कम होंगी, जैसे कम वजन वाले बच्चे, गर्भपात, और समय से पहले प्रसव।
    • शुक्राणुओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, जिससे बांझपन की संभावना कम होगी।
    • त्वचा, मसूड़े और दांत बेहतर होंगे।
  • तम्बाकू के सेवन के नुकसान

    • धूम्रपान करने से फेफड़ों में 7,000 से अधिक हानिकारक रसायन चले जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होते हैं।
    • तम्बाकू की लत आसानी से विकसित हो सकती है, और इसे छोड़ना कठिन होता है।
    • तम्बाकू के सेवन से 20 से अधिक बीमारियाँ हो सकती हैं।

धूम्रपान करने वाले लोगों को निम्नलिखित समस्याओं का अधिक खतरा होता है

      • क्रोनिक ब्रोंकाइटिस, वातस्फीति, और हृदय रोग
      • दिल का दौरा और स्ट्रोक
      • मुंह, गले और फेफड़ों का कैंसर
      • इरेक्शन में समस्या
      • बच्चों की याददाश्त और मस्तिष्क विकास पर नकारात्मक प्रभाव
      • गर्भपात और जन्म के समय कम वजन वाले बच्चे
      • बच्चे को दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएं

पान मसाला व तंबाकू का स्वास्थ्य पर प्रभाव

बॉलीवुड स्टार के खिलाफ परिवाद केवल विज्ञापनों से संबंधित नहीं है, बल्कि इसके सामाजिक और स्वास्थ्य पर भी गहरे प्रभाव हो सकते हैं। पान मसाला और तंबाकू उत्पादों का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक होता है। ये उत्पाद न केवल शारीरिक स्वास्थ्य पर असर डालते हैं, बल्कि मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे उत्पादों का प्रचार समाज में नशे की प्रवृत्तियों को बढ़ावा दे सकता है, विशेषकर युवाओं में।



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समाज में गलत संदेश जाने का खतरा

विमल पान मसाला के प्रचार से जुड़े इस विवाद में यह भी कहा गया कि जब शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ जैसे राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कलाकार तंबाकू उत्पादों का प्रचार करते हैं, तो यह समाज में गलत संदेश भेजता है। इन सितारों का अनुसरण करने वाले लाखों युवा इन उत्पादों को अपनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं, जो समाज और स्वास्थ्य के लिए खतरे की घंटी हो सकती है।



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तंबाकू उत्पादों पर विज्ञापनों की नीतियों में बदलाव की संभावना

यह मामला भारतीय समाज में तंबाकू उत्पादों और उनके प्रचार के संबंध में एक महत्वपूर्ण बहस का आरंभ कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मामला अदालत में सफल होता है, तो यह विज्ञापनों के संबंध में कड़े नियमों की ओर बढ़ सकता है, विशेषकर तंबाकू और तंबाकू उत्पादों के लिए।



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FAQ

  1. क्या शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को न्यायालय में पेश होना पड़ेगा?
    हां, राजस्थान उपभोक्ता आयोग ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को 8 अक्टूबर 2025 को न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से या अपने अधिवक्ता के माध्यम से पेश होने का आदेश दिया है।
  2. विमल पान मसाला के विज्ञापन में क्या गलत था?
    विमल पान मसाला के विज्ञापन में दावा किया गया था कि इसमें 'केसर' है, जो कि वास्तविकता में संभव नहीं है क्योंकि केसर की कीमत बहुत अधिक होती है।
  3. विमल पान मसाला मामला उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा है, इसका समाज पर क्या प्रभाव हो सकता है?
    विमल पान मसाला मामला उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा है, और अगर यह मामला सफल होता है, तो इससे तंबाकू उत्पादों के प्रचार पर नया दिशा-निर्देश आ सकता है, जिससे समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
  4. क्या तंबाकू उत्पादों का प्रचार प्रतिबंधित किया जाएगा?
    यदि यह मामला अदालत में सफल होता है, तो तंबाकू उत्पादों के प्रचार पर कड़े प्रतिबंध लग सकते हैं, जो समाज में नशे की प्रवृत्तियों को रोकने में मदद कर सकते हैं।
  5. विमल पान मसाला कंपनी और कलाकारों पर कितनी राशि का आर्थिक दंड लगाने की मांग की गई है?
    परिवाद में यह मांग की गई है कि कंपनी और कलाकारों पर 50 लाख रुपए का आर्थिक दंड लगाया जाए।


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