राजस्थान में मुख्यमंत्री के बाद डिप्टी सीएम दीया कुमारी सबसे दमदार, 20 साल बाद सीएम पेश नहीं करेंगे बजट
Vikram Jain | Jan 05, 2024, 24:00 IST
राजस्थान में मुख्यमंत्री के बाद डिप्टी सीएम दीया कुमारी सबसे दमदार, 20 साल बाद सीएम पेश नहीं करेंगे बजट
राजस्थान में मंत्रियों को विभागों का बंटवारा, डिप्टी सीएम दीया कुमारी को वित्त के साथ छह विभाग दिए हैं।
JAIPUR. राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार के मंत्रियों को आखिरकार विभागों का बंटवारा हो गया है। मंत्रियों को दिए विभाग की सूची देखें तो नजर आ रहा है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बाद सरकार का सबसे दमदार चेहरा उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी होने वाली हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने पास गृह विभाग रखा है वहीं उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी को वित्त विभाग दिया गया है। ऐसे में राजस्थान में 20 साल बाद यह मौका आएगा कि जब मुख्यमंत्री बजट पेश नहीं करेंगे बल्कि वित्त मंत्री के रूप में दीया बजट पेश करेंगी।
विभाग वितरण की फाइल पर राज्यपाल के हस्ताक्षर
राजस्थान में भजनलाल शर्मा की सरकार के मंत्रियों की शपथ पिछले शनिवार को हो गई थी और एक सप्ताह बाद श्रीकरणपुर सीट पर वोटिंग खत्म होने से पहले विभागों का बंटवारा कर दिया गया। सीएम भजनलाल ने विभागों के बंटवारे की फाइल राज्यपाल कलराज मिश्र को भेजी थी जिस पर दोपहर बाद राज्यपाल ने हस्ताक्षर कर दिए।
भजनलाल शर्मा के मंत्रिमंडल की अहम बात यह है कि इसके 25 चेहरों में से 20 ऐसे हैं जो पहली बार मंत्री बने हैं। ऐसे में इस बात पर सब की नजर थी कि विभागों के बंटवारे में अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं तथा नए चेहरों के बीच सामंजस्य किस तरह बनाया जाता है। जो बंटवारा किया गया है उसमें वरिष्ठ नेताओं की सीनियरिटी का पूरा ध्यान रखा गया है और उन्हें बड़े विभाग दिए गए हैं। वही जो विधायक पहली बार मंत्री बने हैं उनके पास विभागों की संख्या कम रखी गई है ताकि वह उन विभागों पर बेहतर ढंग से फोकस कर सके।
सीएम शर्मा के पास गृह विभाग सहित आठ विभाग
हालांकि इस मामले में खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी एक अपवाद है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पास गृह विभाग सहित आठ विभाग हैं वहीं उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के पास वित्त सहित 6 महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं। इस तरह सीएम भजनलाल के बाद दीया कुमारी सरकार का सबसे दमदार चेहरा बनकर उभरी हैं। दूसरे उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा को तकनीकी और उच्च शिक्षा के साथ परिवहन जैसा अहम मंत्रालय दिया गया है।
यह खबर भी पढ़ें...
राजस्थान में लंबे इंतजार के बाद मंत्रियों को मिले विभाग, जानिए किसे मिली कौनसी जिम्मेदारी
गृह विभाग रखने पर गहलोत पर लगाए थे आरोप... लेकिन अब
कांग्रेस की पिछली सरकार में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गृह और वित्त विभाग अपने पास ही रखे हुए थे। राजस्थान में कानून व्यवस्था को मुद्दा बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी अक्सर यह आरोप लगाती थी कि गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास होने के कारण कानून व्यवस्था पर भी पूरा ध्यान नहीं दे पाते हैं इसलिए एक स्वतंत्र गृह मंत्री होना चाहिए, लेकिन अब सत्ता में आने के बाद खुद भजन लाल शर्मा ने भी गृह विभाग अपने पास ही रखा है। ऐसे में अब मुख्यमंत्री के पास प्रदेश के कानून व्यवस्था बनाए रखने की एक बड़ी चुनौती होगी।
दिया कुमारी दमदार चेहरा, पेश करेंगी बजट
भजनलाल शर्मा के मंत्रिमंडल में उपमुख्यमंत्री दीयाकुमारी को वित्त सहित 6 महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं। राजस्थान में पिछले 20 साल में यह पहला मौका होगा जब मुख्यमंत्री के अलावा कोई मंत्री बजट पेश करेगा। साल 1998 में जब अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बने थे तब पहले चंदनमल बैद और बाद में प्रद्युम्न सिंह को वित्त मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद चार सरकारों के दौरान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत खुद ही वित्त मंत्री के रूप में बजट पेश करते रहे हैं। ऐसे में अब दिया कुमारी बीस साल बाद वित्त मंत्री के रूप में बजट पेश करेंगी।
पर्यटन विभाग की भी जिम्मेदारी
वित्त के साथ ही दिया कुमारी को पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी भी दी गई है। यानी देश और दुनिया में पर्यटन मंत्री के रूप में दीयाकुमारी राजस्थान सरकार का चेहरा बनकर दिखाई देंगी। वहीं महिला एवं बाल विकास तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग जैसे बड़े विभाग भी दिया कुमारी को दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग में दिखेगा संघ का एजेंडा
राजस्थान सरकार के मंत्रिमंडल में शिक्षा विभाग के जिम्मेदारी मदन दिलावर को दी गई है। मदन दिलावर कट्टर संघी नेता की पहचान रखते हैं। बीजेपीकी पिछली सरकार में शिक्षा मंत्री के रूप में वासुदेव देवनानी के पास जिम्मेदारी थी और वे भी संघ के बेहद करीबी नेताओं में रहे हैं। अब मदन दिलावर को शिक्षा मंत्री बनाकर यह तय कर दिया गया है कि शिक्षा के क्षेत्र में संघ का एजेंडा नजर आएगा।
किरोड़ी लाल और राज्यवर्धन को भी अहम विभाग
सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों में शामिल किरोड़ी लाल मीणा और राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को भी अहम विभाग दिए गए हैं। किरोड़ी लाल मीणा को कृषि और ग्रामीण विकास जैसे बड़े विभाग दिए गए हैं वहीं राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को उद्योग और कौशल एवं नियोजन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि पंचायत राज और ग्रामीण विकास हमेशा एक ही मंत्री के पास रहते हैं लेकिन इस सरकार ने दोनों विभागों को अलग-अलग कर दिया है। पंचायत राज की जिम्मेदारी मदन दिलावर को दी गई है जबकि ग्रामीण विकास के जिम्मेदारी किरोड़ी लाल मीणा के पास रहेगी।
ग्रामीण पृष्ठभूमि के झाबर सिंह को शहरी विकास की जिम्मेदारी
मंत्रियों के विभागों के बंटवारे में एक रोचक चीज है भी देखने में आई है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि के मंत्री झाबर सिंह खर्रा को शहरी विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। श्रीकरणपुर सीट से पार्टी के प्रत्याशी सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को कृषि विपणन तथा अल्पसंख्यक विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वे पहले भी कृषि विपणन विभाग के मंत्री रह चुके हैं।
विभाग वितरण की फाइल पर राज्यपाल के हस्ताक्षर
राजस्थान में भजनलाल शर्मा की सरकार के मंत्रियों की शपथ पिछले शनिवार को हो गई थी और एक सप्ताह बाद श्रीकरणपुर सीट पर वोटिंग खत्म होने से पहले विभागों का बंटवारा कर दिया गया। सीएम भजनलाल ने विभागों के बंटवारे की फाइल राज्यपाल कलराज मिश्र को भेजी थी जिस पर दोपहर बाद राज्यपाल ने हस्ताक्षर कर दिए।
भजनलाल शर्मा के मंत्रिमंडल की अहम बात यह है कि इसके 25 चेहरों में से 20 ऐसे हैं जो पहली बार मंत्री बने हैं। ऐसे में इस बात पर सब की नजर थी कि विभागों के बंटवारे में अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं तथा नए चेहरों के बीच सामंजस्य किस तरह बनाया जाता है। जो बंटवारा किया गया है उसमें वरिष्ठ नेताओं की सीनियरिटी का पूरा ध्यान रखा गया है और उन्हें बड़े विभाग दिए गए हैं। वही जो विधायक पहली बार मंत्री बने हैं उनके पास विभागों की संख्या कम रखी गई है ताकि वह उन विभागों पर बेहतर ढंग से फोकस कर सके।
सीएम शर्मा के पास गृह विभाग सहित आठ विभाग
हालांकि इस मामले में खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी एक अपवाद है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पास गृह विभाग सहित आठ विभाग हैं वहीं उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के पास वित्त सहित 6 महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं। इस तरह सीएम भजनलाल के बाद दीया कुमारी सरकार का सबसे दमदार चेहरा बनकर उभरी हैं। दूसरे उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा को तकनीकी और उच्च शिक्षा के साथ परिवहन जैसा अहम मंत्रालय दिया गया है।
यह खबर भी पढ़ें...
राजस्थान में लंबे इंतजार के बाद मंत्रियों को मिले विभाग, जानिए किसे मिली कौनसी जिम्मेदारी
गृह विभाग रखने पर गहलोत पर लगाए थे आरोप... लेकिन अब
कांग्रेस की पिछली सरकार में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गृह और वित्त विभाग अपने पास ही रखे हुए थे। राजस्थान में कानून व्यवस्था को मुद्दा बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी अक्सर यह आरोप लगाती थी कि गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास होने के कारण कानून व्यवस्था पर भी पूरा ध्यान नहीं दे पाते हैं इसलिए एक स्वतंत्र गृह मंत्री होना चाहिए, लेकिन अब सत्ता में आने के बाद खुद भजन लाल शर्मा ने भी गृह विभाग अपने पास ही रखा है। ऐसे में अब मुख्यमंत्री के पास प्रदेश के कानून व्यवस्था बनाए रखने की एक बड़ी चुनौती होगी।
दिया कुमारी दमदार चेहरा, पेश करेंगी बजट
भजनलाल शर्मा के मंत्रिमंडल में उपमुख्यमंत्री दीयाकुमारी को वित्त सहित 6 महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं। राजस्थान में पिछले 20 साल में यह पहला मौका होगा जब मुख्यमंत्री के अलावा कोई मंत्री बजट पेश करेगा। साल 1998 में जब अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बने थे तब पहले चंदनमल बैद और बाद में प्रद्युम्न सिंह को वित्त मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद चार सरकारों के दौरान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत खुद ही वित्त मंत्री के रूप में बजट पेश करते रहे हैं। ऐसे में अब दिया कुमारी बीस साल बाद वित्त मंत्री के रूप में बजट पेश करेंगी।
पर्यटन विभाग की भी जिम्मेदारी
वित्त के साथ ही दिया कुमारी को पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी भी दी गई है। यानी देश और दुनिया में पर्यटन मंत्री के रूप में दीयाकुमारी राजस्थान सरकार का चेहरा बनकर दिखाई देंगी। वहीं महिला एवं बाल विकास तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग जैसे बड़े विभाग भी दिया कुमारी को दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग में दिखेगा संघ का एजेंडा
राजस्थान सरकार के मंत्रिमंडल में शिक्षा विभाग के जिम्मेदारी मदन दिलावर को दी गई है। मदन दिलावर कट्टर संघी नेता की पहचान रखते हैं। बीजेपीकी पिछली सरकार में शिक्षा मंत्री के रूप में वासुदेव देवनानी के पास जिम्मेदारी थी और वे भी संघ के बेहद करीबी नेताओं में रहे हैं। अब मदन दिलावर को शिक्षा मंत्री बनाकर यह तय कर दिया गया है कि शिक्षा के क्षेत्र में संघ का एजेंडा नजर आएगा।
किरोड़ी लाल और राज्यवर्धन को भी अहम विभाग
सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों में शामिल किरोड़ी लाल मीणा और राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को भी अहम विभाग दिए गए हैं। किरोड़ी लाल मीणा को कृषि और ग्रामीण विकास जैसे बड़े विभाग दिए गए हैं वहीं राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को उद्योग और कौशल एवं नियोजन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि पंचायत राज और ग्रामीण विकास हमेशा एक ही मंत्री के पास रहते हैं लेकिन इस सरकार ने दोनों विभागों को अलग-अलग कर दिया है। पंचायत राज की जिम्मेदारी मदन दिलावर को दी गई है जबकि ग्रामीण विकास के जिम्मेदारी किरोड़ी लाल मीणा के पास रहेगी।
ग्रामीण पृष्ठभूमि के झाबर सिंह को शहरी विकास की जिम्मेदारी
मंत्रियों के विभागों के बंटवारे में एक रोचक चीज है भी देखने में आई है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि के मंत्री झाबर सिंह खर्रा को शहरी विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। श्रीकरणपुर सीट से पार्टी के प्रत्याशी सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को कृषि विपणन तथा अल्पसंख्यक विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वे पहले भी कृषि विपणन विभाग के मंत्री रह चुके हैं।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman