गांव का कानून तोड़ा तो डॉक्टर और एमबीए दुल्हन को तुगलकी फरमान, जानिए पूरा मामला

राजस्थान के नागौर में गांव के कानून के चलते डॉक्टर और उसकी एमबीए पत्नी को समाज से बहिष्कृत होना पड़ा। उनके पूरे परिवार को जात और गांव से बाहर कर दिया। गांव में आने पर बकरे की तरह हलाल करने की धमकी दी है।

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Purshottam Kumar Joshi
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Nagour. राजस्थान में नागौर के बासनी में डॉक्टर रियान और उनकी एमबीए दुल्हन गुलनार को जाति और गांव का कानून नहीं मानना भारी पड़ा। इनके परिवार को जाति और गांव से बाहर होना पड़ा। इस परिवार को नागौरी कौमी सोसायटी ने मुनादी करवा गांव में आने पर बकरे की तरह हलाल करने का फरमान सुना दिया। अब डॉक्टर का पिता गांव से बाहर एक दुकान चला रहा है। 

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सामाजिक बहिष्कार और धमकी

30 दिसंबर 2024 को नागौरी कौमी सोसायटी ने बासनी में रियान और गुलनार के खिलाफ एक बैठक आयोजित की, जिसमें इन्हें गांव से बाहर करने का फरमान सुनाया गया। इसके बाद लाउड स्पीकर से पूरे गांव में यह फरमान मुनादी कराई गई। यह मामला और भी गंभीर हो गया जब 10 जनवरी 2025 को सोसायटी के अध्यक्ष हबीबुर्रहमान ने अल्लाहबक्श को धमकी दी कि अगर वे गांव नहीं छोड़ते तो उनके बेटे और बहू को मार डाला जाएगा।

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शादी में उत्पन्न हुआ विवाद

रियान और गुलनार की शादी 24 अक्टूबर 2024 को हुई थी। रियान ने बताया कि उन्होंने और उनके परिवार ने यह शादी समाजिक मर्यादाओं से बाहर जाकर की, क्योंकि नागौरी कौमी सोसायटी ने उनके विवाह के लिए मंजूरी नहीं दी थी। इसके बाद समाज के कुछ लोगों ने इस विवाह का विरोध किया और उन पर हमला भी किया। इस हमले के बाद रियान और गुलनार का सामाजिक बहिष्कार शुरू हो गया।

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रियान और गुलनार की शादी में नाराजगी

24 अक्टूबर 2024 को रियान और गुलनार का निकाह हुआ  

समाज ने रियान और गुलनार को बहिष्कृत करने का आदेश सुना दिया  

नागौरी कौमी सोसायटी के पदाधिकारियों के खिलाफ पुलिस ने जांच शुरू कर दी 

नागौरी कौमी सोसायटी के पदाधिकारियों ने पूरे आरोप को झूठा बताया है 

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पारिवारिक मुश्किलें और समर्पण

रियान और गुलनार ने बताया कि समाज द्वारा बहिष्कृत होने के बाद उन्हे हेय दृष्टि से देखा जा रहा है। उन्हें अब अपने घर से बाहर निकलने में भी मुश्किल हो रही है। रियान ने बताया कि उन्हें अपनी नौकरी में भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। लोग उनसे बात करना बंद कर चुके हैं, और उनका समाज में कोई स्थान नहीं रहा।

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सोसायटी का दावा और पुलिस जांच

नागौरी कौमी सोसायटी के अध्यक्ष हबीबुर्रहमान ने इन आरोपों को पूरी तरह नकारते हुए कहा कि उनका समाज दहेज को मान्यता नहीं देता। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला झूठा है और सोसायटी के बायलॉज के खिलाफ गए होने के कारण उनकी सदस्यता समाप्त की गई। हालांकि, पुलिस ने अब इस मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

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मुख्य बिंदू :

  • डॉक्टर रियान और एमबीए गुलनार की शादी में गांव का कानून तोड़ा तो डॉक्टर और एमबीए दुल्हन को तुगलकी फरमान सुनाया है। नागौरी कौमी सोसायटी की मंजूरी के बिना हुई थी, जिससे समाज ने उनका विरोध किया और दोनों परिवारों को बहिष्कृत कर दिया। 
  • नागौरी कौमी सोसायटी ने कहा कि उनका समाज दहेज के खिलाफ है और रियान और गुलनार ने सोसायटी के बायलॉज का उल्लंघन किया, इसलिए उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई।
  • पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और नागौरी कौमी सोसायटी के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए जांच तेज कर दी है।
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