25 हजार फर्जी डिग्रियां क्यों बनी पहेली, रिकॉर्ड रूम में आग या फिर ओपीजेएस विश्वविद्यालय का बड़ा खेल

राजस्थान में चूरू के ओपीजेएस विश्वविद्यालय और जोधपुर नेशनल यूनिवर्सिटी के फर्जी डिग्री घोटाले का खुलासा हुआ। एसओजी ने जांच के बाद 47 अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई की। लेकिन, अब तक 25,000 फर्जी डिग्रियों को लेकर संशय बना हुआ है।

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Purshottam Kumar Joshi
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Photograph: (the sootr)

News in Short 

राजस्थान में फर्जी डिग्री मामलों ने शिक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में डाला है।

ओपीजेएस विश्वविद्यालय चूरू में बीपीएड के रिकॉर्ड जलने का दावा झूठा पाया गया।

जोधपुर नेशनल यूनिवर्सिटी की 25,000 फर्जी डिग्रियां अब भी एसओजी के लिए पहेली बनी हुई हैं।

एसओजी ने ओपीजेएस विश्वविद्यालय के 47 अभ्यर्थियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

राजस्थान के कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में फर्जी डिग्रियों का धंधा सामने आया है।

News in Detail

राजस्थान में फर्जी डिग्री मामलों ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। ओपीजेएस विश्वविद्यालय चूरू में बीपीएड के रिकॉर्ड जलने का दावा किया गया, जिसे एसओजी की जांच में झूठा पाया गया। इसके अलावा जोधपुर नेशनल यूनिवर्सिटी की 25,000 डिग्रियों का मामला अब भी पहेली बनी हुआ है। इन फर्जी डिग्रियों के बारे में जांच जारी है, लेकिन आज तक इसका सही जवाब किसी के पास नहीं है।

ओपीजेएस विश्वविद्यालय का फर्जीवाड़ा

जालोर जिले में हुई पीटीआई भर्ती परीक्षा 2022 में फर्जी डिग्रियों की जांच के दौरान एसओजी के सामने नित नए खुलासे हो रहे हैं। एसओजी ने ओपीजेएस विश्वविद्यालय चूरू से वर्ष 2018 और 2019 के बीपीएड रिकॉर्ड मांगे तो विश्वविद्यालय ने यह दावा किया कि रिकॉर्ड रूम में आग लगने से सारे दस्तावेज जल गए। लेकिन, जब एसओजी ने जांच की तो पता चला कि आग रिकॉर्ड रूम के स्थान पर विश्वविद्यालय के गेट के पास लगी थी। इस मामले में 47 अभ्यर्थियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और जांच जारी है।

जोधपुर नेशनल यूनिवर्सिटी की 25,000 फर्जी डिग्रियां

जोधपुर नेशनल यूनिवर्सिटी का फर्जी डिग्री कांड एक दशक पहले सामने आया था, लेकिन आज भी इसकी सच्चाई को लेकर सवाल खड़े हैं। इस मामले में एसओजी ने कई गिरफ्तारियां कीं, लेकिन 25,000 फर्जी डिग्रियों का क्या हुआ, इसका जवाब आज तक नहीं मिला। इन डिग्रियों को न तो वापस लिया गया है और न ही नष्ट किया गया। इससे इनके दुरुपयोग का खतरा बना हुआ है।

अन्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में भी फर्जीवाड़ा

राजस्थान में कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में भी फर्जी डिग्रियों का कारोबार सामने आया है। जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के संबद्ध कॉलेजों ने तय सीटों से अधिक छात्रों को परीक्षा में बैठाया और उन्हें फर्जी डिग्रियां दीं। यूनिवर्सिटी ने इन कॉलेजों से जुर्माना लिया, लेकिन छात्रों से डिग्रियां वापस नहीं लीं और न ही कॉलेजों पर कोई कार्रवाई की गई।

एसओजी की कार्रवाई और जांच

एसओजी ने अब तक कई फर्जी डिग्रियों के मामलों में कार्रवाई की है और कई गिरफ्तारियां भी की हैं। लेकिन 25,000 फर्जी डिग्रियों का रहस्य अभी भी बरकरार है। एसओजी ने आरोपियों के खिलाफ जांच जारी रखी है और राज्य सरकार से मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के संबद्ध कॉलेजों ने तय सीटों से अधिक छात्रों को परीक्षा में बैठाया और उन्हें फर्जी डिग्रियां दीं। यूनिवर्सिटी ने इन कॉलेजों से जुर्माना लिया, लेकिन छात्रों से डिग्रियां वापस नहीं लीं और न ही कॉलेजों पर कोई कार्रवाई की गई।

एसओजी की कार्रवाई और जांच

एसओजी ने अब तक कई फर्जी डिग्रियों के मामलों में कार्रवाई की है और कई गिरफ्तारियां भी की हैं। लेकिन 25,000 फर्जी डिग्रियों का रहस्य अभी भी बरकरार है। एसओजी ने आरोपियों के खिलाफ जांच जारी रखी है और राज्य सरकार से मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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