भजनलाल सरकार के दो साल : नेता प्रतिपक्ष जूली का सरकार पर हमला, जनता के पैसों से मना रहे जश्न
Jaipur. राजस्थान में भजनलाल सरकार के दो साल पूरे होने पर जहां सरकार इसका जश्न मनाने की तैयारी कर रही है, वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस पर जमकर हमला बोला है। जूली का कहना है कि सरकार जनता के खून-पसीने की कमाई से जश्न मना रही है, जबकि आम जनता के लिए कोई ठोस काम नहीं हो रहे हैं।
कंवरलाल मीणा की सजा माफ करने की कोशिश लोकतंत्र पर हमला : टीकाराम जूली
दो साल में कोई काम नहीं हुआ
टीकाराम जूली ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए कहा कि दो सालों में राज्य सरकार ने कोई महत्वपूर्ण कार्य नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेंशन समय पर नहीं मिल रही, किसानों को सब्सिडी नहीं मिल रही और युवाओं को रोजगार के मौके नहीं मिल रहे। इसके अलावा सड़कों पर हादसे बढ़ रहे हैं, सड़कें ठीक नहीं हो पा रही हैं और प्रदूषण भी कम नहीं हो रहा है।
राजस्थान विधानसभा में कानून-व्यवस्था पर घमासान, टीकाराम जूली और जवाहर बेढ़म भिड़े
शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
जूली ने सरकार के शिक्षा विभाग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है, जहां बारिश के कारण स्कूलों की छुट्टी हो जाती है। जूली ने उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री के गृह जिले में एक स्कूल की इमारत गिर गई, यह बड़ी घटना हो सकती थी, लेकिन शुक्र है कि छुट्टी थी और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
वसुंधरा राजे दिल्ली जाएंगी या रहेंगी राजस्थान में, आखिर क्यों नहीं हो रहा फैसला, जानिए पूरी स्टोरी
वंदे मातरम् और कांग्रेस का योगदान
जूली ने वंदे मातरम् के 150वीं वर्षगांठ पर संसद में हो रही चर्चा के बारे में कहा कि वंदे मातरम् को सबसे पहले कांग्रेस ने अपनाया था। उन्होंने यह भी कहा कि वंदे मातरम् के महत्व को कांग्रेस से ज्यादा कोई नहीं समझ सकता है। जूली ने आरएसएस पर भी हमला करते हुए कहा कि आरएसएस ने कभी भी वंदे मातरम् को नहीं माना था और ब्रिटिश शासन के दौरान जब लोग इसे गाते थे, तो उन्हें जेल में डाल दिया जाता था।
दिल्ली रैली में बड़ी भागीदारी
वोट चोर और गद्दी छोड़ अभियान के तहत 14 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस की राष्ट्रीय रैली में राजस्थान की बड़ी भागीदारी की बात करते हुए जूली ने कहा कि इस रैली में राजस्थान से कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता भी शामिल होगी। रैली में राजस्थान की बड़ी भागीदारी होगी और यह राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा।
शव के साथ प्रदर्शन किया तो होगी जेल, राजस्थान सरकार का नया कानून
मुख्य बिंदु
जनता के पैसे से जश्न : सरकार जनता के पैसे से जश्न मना रही है, जबकि कोई काम नहीं हुए।
शिक्षा विभाग पर सवाल : बारिश में स्कूलों की छुट्टी और स्कूल की इमारत गिरने पर सवाल।
वंदे मातरम् की महत्ता : कांग्रेस ने सबसे पहले वंदे मातरम को अपनाया था।
दिल्ली रैली : 14 दिसंबर को दिल्ली में राजस्थान की बड़ी भागीदारी होगी।