कंवरलाल मीणा की सजा माफ करने की कोशिश लोकतंत्र पर हमला : टीकाराम जूली

Gyan Chand Patni | Sept 27, 2025, 18:51 IST
Share
bjp
bjp

राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने बीजेपी नेता कंवरलाल मीणा की सजा माफ करने की कोशिश का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और न्यायपालिका पर हमला करार दिया ।

राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने बीजेपी सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि कंवरलाल मीणा की सजा माफ करने की कोशिश संविधान और न्यायपालिका पर सीधा हमला है। उन्होंने राज्यपाल से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की।

कंवरलाल मीणा पर आरोप

अंता विधानसभा क्षेत्र के बीजेपी विधायक कंवरलाल मीणा पर 27 मुकदमे दर्ज हैं और उनकी छवि भी विवादों से घिरी हुई रही है। इन सब के बावजूद बीजेपी सरकार द्वारा उनकी सजा माफ कराने की कोशिशों ने राजनीतिक और कानूनी विवाद को जन्म दिया है।

ये खबरें भी पढ़ें

राजस्थान की भाजपा सरकार के 21 माह में गई 24 निकाय अध्यक्षों की कुर्सी, इनमें सिर्फ 22 कांग्रेस के

राजस्थान मौसम अपडेट : नए सिस्टम का असर, मानसून विदा फिर भी आज पांच जिलों में बारिश का अलर्ट

जनता के विश्वास को करेगा कमजोर

टीकाराम जूली ने बताया कि कंवरलाल मीणा की सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई थी जब उन्हें न्यायालय ने दोषी ठहराया था। फिर भी बीजेपी सरकार संविधान के अनुच्छेद 161 का दुरुपयोग कर उन्हें राहत दिलाने की कोशिश कर रही है, जो लोकतंत्र और न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम जनता के विश्वास को कमजोर करेगा और यह संदेश देगा कि राजनीतिक दबाव के कारण दोषियों को राहत मिल सकती है।

न्याय व्यवस्था पर संकट

टीकाराम जूली ने कहा कि अगर दोषी विधायकों और सांसदों को राजनीतिक दबाव से सजा से राहत मिलती है, तो यह लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था पर संकट होगा। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का हवाला देते हुए कहा कि वे लगातार दोषी विधायकों और सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।

ये खबरें भी पढ़ें

जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा होंगे राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश

राजस्थान हाईकोर्ट में कल से छह दिन अवकाश, अक्टूबर के पहले सप्ताह में सिर्फ एक दिन काम

राजस्थान बीजेपी की दोगली नीति

जूली ने सवाल उठाया कि जब देश के शीर्ष नेता इस मुद्दे पर स्पष्ट हैं, तो राजस्थान सरकार क्यों ऐसा असंवैधानिक कदम उठा रही है। उनका कहना है कि यह कदम संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।

राज्यपाल से कार्रवाई की अपील

टीकाराम जूली ने राज्यपाल महोदय से सख्त कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस फाइल को तुरंत अस्वीकार किया जाना चाहिए और स्पष्ट संदेश दिया जाना चाहिए कि संविधान और कानून से ऊपर कोई नहीं है – न विधायक, न मंत्री और न ही सत्ता पक्ष। जूली ने चेतावनी दी कि अगर यह मामला अनदेखा किया गया, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक उदाहरण साबित होगा। उनका कहना है कि यह भविष्य में राजनीतिक दबाव से निर्णय लेने के गलत संदेश को बढ़ावा देगा।

क्या है मामला

बारां जिले की अंता सीट से पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा को 20 साल पुराने एक मामले में दोषी ठहराया गया और तीन साल की सजा सुनाई गई। इस मामले में उन्होंने पंचायत उपचुनाव के दौरान अकलेरा में एसडीएम पर बंदूक तान दी थी। राजस्थान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने इस सजा को बरकरार रखा है।

मीणा ने अकलेरा कोर्ट में आत्मसमर्पण किया और उन्हें जेल भेजा गया। इस साल 23 मई को उनकी विधानसभा सदस्यता अंततः समाप्त कर दी गई।

क्या है संविधान का अनुच्छेद 161

अनुच्छेद 161 के तहत राज्यपाल को किसी भी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति को क्षमा, राहत या सजा में छूट देने की शक्ति होती है। यह शक्ति किसी भी अपराध के दोषी व्यक्ति के मामले में राज्यपाल को राहत देने की अनुमति देती है, लेकिन इसके दुरुपयोग से न्याय व्यवस्था पर सवाल उठ सकते हैं।



FAQ

  1. 1. कंवरलाल मीणा पर कितने मुकदमे दर्ज हैं?
    कंवरलाल मीणा पर कुल 27 मुकदमे दर्ज हैं।
  2. 2. राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने क्या आरोप लगाया है?
    उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार संविधान के अनुच्छेद 161 का दुरुपयोग करते हुए कंवरलाल मीणा की सजा माफ करने की कोशिश कर रही है।
  3. 3. अनुच्छेद 161 क्या है?
    अनुच्छेद 161 के तहत राज्यपाल को किसी दोषी व्यक्ति को क्षमा, राहत या सजा में छूट देने की शक्ति होती है।
  4. 4. कंवरलाल मीणा को कितनी सजा सुनाई गई थी?
    कंवरलाल मीणा को 20 साल पुराने एक मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई थी।


Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • राजस्थान सरकार
  • राजस्थान हाईकोर्ट
  • टीकाराम जूली
  • संविधान का अनुच्छेद 161
  • पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा
  • अंता विधानसभा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच