32 साल बाद यमुना जल विवाद सुलझा, राजस्थान-हरियाणा में MoA साइन
Jageshwar prasad | Jun 29, 2026, 13:31 IST
32 साल बाद यमुना जल विवाद सुलझा, राजस्थान-हरियाणा में MoA साइन
32 साल बाद राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल विवाद सुलझा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने MoA साइन किए।
समझें क्या है पूरा मामला
- 32 साल पुराना यमुना जल विवाद आखिरकार सुलझा।
- गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में MoA पर हस्ताक्षर।
- राजस्थान को 1917 क्यूसेक पानी मिलेगा।
- हथिनीकुंड से चूरू तक तीन पाइपलाइन बिछेंगी।
- शेखावाटी के लाखों लोगों को मिलेगी राहत।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल भी इस मौके पर मौजूद रहे। समझौते के तहत राजस्थान को 1917 क्यूसेक यमुना जल मिलेगा और हथिनी कुंड बैराज से चूरू के हाश्यावास तक तीन पाइपलाइन बिछाई जाएंगी।
32 साल बाद यमुना जल विवाद सुलझा, राजस्थान-हरियाणा में MoA साइन
रविवार को मैराथन बैठक, सोमवार को साइन
हरियाणा की ओर से एसीएस अनुराग अग्रवाल और चीफ इंजीनियर वीरेंद्र सिंह मौजूद रहे। हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। बैठक में सभी बिंदुओं पर सहमति बनी और अगले दिन MoA पर हस्ताक्षर हुए।
1994 का समझौता ही होगा आधार
हथिनी कुंड से चूरू तक आएगा पानी
प्रत्येक पाइपलाइन का व्यास 3.6 मीटर होगा। यह पाइपलाइन हरियाणा के यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद और हिसार जिलों से होकर गुजरेगी।
हाईब्रिड मोड पर काम करेगी पाइपलाइन
लेकिन जब पानी की मात्रा कम होगी तो पाइपलाइन हाईब्रिड मोड पर काम करेगी। इसके लिए पंपिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे ताकि पानी को पंप करके राजगढ़ तक लाया जा सके।
हरियाणा के लिए भी व्यवस्था
इसके अलावा हाश्यावास के तीन जलाशयों में से एक से भी जरूरत के अनुसार पानी लिया जा सकेगा।
SPV करेगी परियोजना का संचालन
इसके गठन के बाकी बिंदु बाद में तय होंगे। परियोजना का पूरा खर्च राजस्थान सरकार उठाएगी। हालांकि केंद्र सरकार से भी आर्थिक सहयोग लेने की कोशिश की जाएगी।
भविष्य में और पानी भी आएगा
अब आगे क्या?
FAQ
- राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल विवाद क्या था?
1994 में दोनों राज्यों के बीच यमुना जल बंटवारे का समझौता हुआ था लेकिन 32 साल तक यह लागू नहीं हो सका। राजस्थान को 1917 क्यूसेक पानी मिलना था जो अटका रहा। अब MoA साइन होने के बाद यह समझौता लागू होने की राह खुल गई है। - यमुना का पानी राजस्थान तक कैसे पहुंचेगा?
हथिनी कुंड बैराज से पश्चिमी यमुना कैनाल के जरिए तीन पाइपलाइन बिछाई जाएंगी। प्रत्येक पाइपलाइन 3.6 मीटर व्यास की होगी और यह हरियाणा के पांच जिलों से होते हुए चूरू के हाश्यावास तक पहुंचेगी। पाइपलाइन हाईब्रिड मोड पर काम करेगी जिसमें ग्रेविटी और पंपिंग दोनों का उपयोग होगा।
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