'खेजड़ी बचाओ आंदोलन' को मिला गहलोत का साथ, सरकार से कर दी यह अपील

राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने खेजड़ी बचाओ आंदोलन का समर्थन किया है। गहलोत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर ट्री प्रोटेक्शन एक्ट को लागु करने को सरकार से अपील की हैं।

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Ashish Bhardwaj
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Photograph: (the sootr)

News In Short 

  • राजस्थान में खेजड़ी बचाओ आंदोलन में अशोक गहलोत का समर्थन।
  • गहलोत ने सरकार से ट्री प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की अपील की।
  • बीकानेर में महापड़ाव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने खेजड़ी के संरक्षण की मांग की।
  • प्रदर्शनकारियों ने हाथ बांधकर शांतिपूर्ण विरोध और मौन जुलूस निकाला।
  • साधु संतों के नेतृत्व में हवन और जिला कलेक्टर तक मौन जुलूस निकाला गया।

News In Detail 

राजस्थान में खेजड़ी को बचाने के लिए चल रहे आंदोलन बड़ा रूप लेता जा रहा है। इसे अब दोनों प्रमुख पार्टियों भाजपा और कांग्रेस का भी व्यापक राजनीतिक समर्थन मिलता दिख रहा है। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस आंदोलन का समर्थन किया है। यह आंदोलन बीकानेर में शुरू हुआ है, जिसमें पश्चिम राजस्थान के बड़ी संख्या में लोग भाग ले रहे हैं। गहलोत ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में राज्य सरकार को अपने फैसलों पर पुनर्विचार करने और ट्री प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की अपील की। 

पर्यावरण की कीमत पर विकास नहीं हो सकता

वरिष्ठ कांग्रेस नेता गहलोत ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "विकास के नाम पर हजारों खेजड़ी के पेड़ों की कटाई बेहद दुखद है। हम पर्यावरण की कीमत पर ऐसा विकास स्वीकार नहीं कर सकते, जो आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को अंधकारमय बना दे।" उनका कहना था कि खेजड़ी वृक्ष बचाने के लिए अब जन आंदोलन का रूप ले चुका है, और राज्य सरकार को जल्द ही इस मामले में सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

वसुंधरा भी कर चुकी है आंदोलन का समर्थन

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी इस आंदोलन का समर्थन कर चुकी हैं। उन्होंने मंगलवार को पोस्ट करते हुए कहा कि खेजड़ी सिर्फ एक पेड़ नहीं, बल्कि यह हमारे लिए देववृक्ष है, जो हमारी आस्था और भावनाओं से जुड़ा है। उन्होंने राजनीति से ऊपर उठकर खेजड़ी के संरक्षण की मुहिम में सबके साथ खड़े होने का आह्वान किया।

बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन जारी

बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत कलेक्ट्रेट के सामने महापड़ाव तीसरे दिन भी जारी है। यहां पर पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग एकजुट होकर खेजड़ी के संरक्षण और अवैध कटाई पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। पंजाब, श्रीगंगानगर और रावला मंडी से आए तीन युवकों ने चौराहे पर अपने हाथ बांधकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि खेजड़ी सिर्फ एक पेड़ नहीं, बल्कि मरुस्थल की जीवनरेखा है।

अनशन और हवन का आयोजन

बुधवार सुबह साधु सन्यासियों के नेतृत्व में धरना स्थल पर हवन का आयोजन किया गया। इसके बाद, विरोध करने वाले आंदोलनकारियों ने जिला कलेक्टर तक मौन जुलूस निकाला और अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखा। आंदोलनकारी खेजड़ी की अवैध कटाई पर कड़ा कानून बनाने की मांग कर रहे हैं।

इसलिए हो रहा है यह आंदोलन

पश्चिम राजस्थान में सोलर प्लांट लगाने के लिए खेजड़ी वृक्ष की अंधाधुंध कटाई हो रही है। एक अनुमान के अनुसार अब तक 25 लाख से अधिक खेजड़ी की कटाई हो चुकी है, जबकि अगले पांच साल में यह संख्या 50 लाख से अधिक हो सकती है। खेजड़ी को राज्य वृक्ष का दर्जा प्राप्त है।

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