​प्रवर्तन अधिकारी रेखा खींची नौकरी से बर्खास्त, ये लगे थे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

राजस्थान सरकार ने रसद प्रवर्तन अधिकारी रेखा खींची को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। जांच में ये आरोप सही पाए गए।

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Ashish Bhardwaj
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Photograph: (the sootr)

News In Short 

  • राजस्थान सरकार ने रसद प्रवर्तन अधिकारी रेखा खींची को बर्खास्त किया।
  • रेखा खींची पर सरकारी राशन वितरण में धांधली और 63 लाख रुपये का वित्तीय गबन करने का आरोप।
  • जांच में पाया गया कि खींची ने राशन डीलरों के साथ साठगांठ कर अनियमितताओं को बढ़ावा दिया।
  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत बर्खास्तगी का आदेश दिया।
  • जनता ने इस कदम का स्वागत करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का समर्थन किया।

News In Detail

सुनील जैन@ अलवर

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए बड़ी कार्रवाई की है।  खैरथल- तिजारा जिले में तैनात रहीं रसद प्रवर्तन अधिकारी रेखा खींची को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। उस पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और पद के दुरुपयोग के आरोप है।

क्या है पूरा मामला

​मामला वर्ष 2023-24 का है। रेखा खींची खैरथल- तिजारा जिले में प्रवर्तन अधिकारी के पद पर कार्यरत थीं। जांच में सामने आया कि उन्होंने क्षेत्र के राशन डीलरों के साथ साठगांठ कर सरकारी खाद्यान्न के वितरण में बड़े पैमाने पर धांधली की।

रेखा से वसूलेंगे गबन राशि

बर्खास्त अधिकारी रेखा खींची अभी कोटा में पदस्थ है। सूत्रों के अनुसार गबन की 25 प्रतिशत राशि रेखा से वसूली जाएगी। बाकी की राशि दोषी 8 राशन डीलरों  से वसूल की जाएगी।

ये हैं खींची पर ​आरोप 

प्रवर्तन अधिकारी रेखा खींची पर मुख्य आरोप हैं:

​राजस्व को क्षति: राशन डीलरों के साथ मिलीभगत कर सरकारी खजाने को लगभग 63 लाख रुपये का चूना लगाया गया।

​अभिलेखों में हेरफेर: स्टॉक रजिस्टर और वितरण रिकॉर्ड में फर्जी एंट्री कर अनाज की कालाबाजारी को बढ़ावा दिया गया।

​निरीक्षण में  लापरवाही: प्रवर्तन अधिकारी का मुख्य कार्य राशन की दुकानों का पारदर्शी निरीक्षण करना होता है, लेकिन जांच में पाया गया कि रेखा खींची ने जानबूझकर अनियमितताओं को नजरअंदाज किया और गलत रिपोर्ट पेश की।

​जांच रिपोर्ट पर सीएम का कड़ा रुख

​शिकायत मिलने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की थी।  रिपोर्ट में वित्तीय गबन और पद के दुरुपयोग की पुष्टि होने के बाद फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रेखा खींची को तुरंत प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए।

अब नहीं रहेगी सेवा में:

​सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, यह कदम सेवा से बर्खास्तगी का है। इसका अर्थ है कि भविष्य में उक्त अधिकारी किसी भी सरकारी लाभ या पुनर्नियुक्ति के योग्य नहीं रहेंगी।

​खंगाल रही कुंडली:

​इस कार्रवाई को राजस्थान में प्रशासनिक शुचिता बहाल करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जांच अभी पूरी तरह बंद नहीं हुई है। विभाग अब उन राशन डीलरों और अन्य सहायकों की कुंडली खंगाल रहा है, जिन्होंने इस गबन में रेखा खींची का साथ दिया था। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि जांच की आंच अन्य कर्मचारियों या अधिकारियों तक पहुंचती है तो उनके खिलाफ भी कठोर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​जनता के बीच अच्छा संदेश:

​लंबे समय से राशन वितरण में आ रही दिक्कतों और डीलरों की मनमानी से परेशान लोगों ने इस बर्खास्तगी का स्वागत किया है। उनका मानना है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर लगाम कसने से ही गरीब वर्ग तक उनका हक सही ढंग से पहुंच पाएगा।

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