हार्डकोर और संगठित माफिया गिरोह की खैर नहीं, DGP राजीव शर्मा बोले-सख्त एक्शन लेगी पुलिस
Jaipur. राजस्थान में संगठित माफिया गिरोह चलाने वाले बदमाशों की खैर नहीं। राजस्थान पुलिस ने ऐसे बदमाशों को चिन्हित करने और उनके गैरकानूनी तरीके से किए जा रहे कार्यों को नेस्तनाबूद करने का निर्णय लिया है। गैंग संचालन, धमकी, वसूली, फायरिंग और मर्डर जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
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डीजीपी ने ली हाई लेवल बैठक
गौरतलब है कि लॉरेंस, रोहित गोदारा समेत कई गैंग बिजनेसमेन को धमकी देकर वसूली कर रहे हैं और वसूली नहीं होने पर हत्याओं से भी बाज नहीं आ रहे हैं। शराब और नशीले पदार्थों की तस्करी में लिप्त गिरोह की अवैध गतिविधियां भी बढ़ गई हैं।
ऐसे गिरोह पर लगाम कसने के लिए राजस्थान पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय में संगठित अपराधियों से अधिक प्रभावित जिलों व रेंजों के अधिकारियों की एक हाई लेवल बैठक आयोजित की गई। संबंधित पुलिस अधीक्षक, रेंज आईजी व अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में शामिल हुए।
कई अधिकारी रहे मौजूद
बैठक का उद्देश्य राज्य में सक्रिय आपराधिक गैंगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना था। डीजीपी शर्मा ने सभी जिलों को निर्देश दिए कि गैंग संचालन, धमकी, वसूली, फायरिंग और मर्डर जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त तत्वों पर तुरंत प्रभावी कार्रवाई की जाए।
बैठक में एजीटीएफ प्रभारी दिनेश एमएन, एडीजी बीजू जॉर्ज जोसफ, जयपुर पुलिस कमीश्नर सचिन मित्तल, एडीजी अपराध शाखा हवा सिंह, एटीएस एवं एसओजी के अधिकारी, अपराध शाखा के अधिकारी, बीकानेर, अजमेर, जोधपुर रेंज के अधिकारी, जयपुर व जोधपुर कमिश्नरेट के अधिकारी, 15 जिलों के एसपी, इन रेंज व जिलों के डीएसटी व साइबर सेल के प्रभारी उपस्थित रहे।
आपराधिक तंत्र को करेंगे ध्वस्त
डीजीपी शर्मा ने कहा कि अब कार्रवाई केवल अपराधियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे आपराधिक तंत्र को ध्वस्त किया जाए। राजस्थान में संगठित आपराधिक गैंगों, जो धमकी देने, वसूली करने और भय फैलाने का काम करते हैं, उनका और उनके सदस्यों का चिह्नीकरण करते हुए कठोर एवं प्रभावी कानूनी कार्यवाही की जाए।
गिरोह के सहायक, सोशल मीडिया पर फॉलो व प्रमोट करने वालों के विरुद्ध भी कार्यवाही के निर्देश दिए गए। इस दौरान जिलों एवं रेंजों के प्रभारियों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में संगठित अपराधियों की जानकारी व उनको निष्क्रिय करने की कार्ययोजना प्रस्तुत की।
फायरिंग, मर्डर, धमकी के मामलों की समीक्षा
डीजीपी राजीव शर्माने फायरिंग व मर्डर से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई और निर्देश दिए कि जिन मामलों में गिरफ्तारी शेष है, उन्हें प्राथमिकता से निपटाया जाए। फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाने और अदालतों में पेश चालान की स्थिति की भी रिपोर्ट मांगी गई।
उन्होंने कहा कि जिलों से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार कई स्थानों पर अपराधियों द्वारा धमकी भरे कॉल आने की शिकायतें मिली हैं। डीजीपी ने ऐसे मामलों में तकनीकी विश्लेषण कर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर अपराधियों की धमकी या भय का वातावरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वरिष्ठ अधिकारियों ने दिए इनपुट
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अपने अनुभव और कार्ययोजना साझा की। एडीजी दिनेश एमएन ने गैंगों के सदस्यों, उनके द्वारा किए जाने वाले अपराधों की जानकारी तथा उनके विरुद्ध की जाने वाली कार्यवाही के बारे में विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की।
बीजू जॉर्ज जोसफ ने प्रत्येक अपराधी का सिलसिलेवार पीछा करके उनको पकड़ने पर जोर दिया। हवासिंह ने पुराने अपराधों व अपराधियों का पीछा करने के लिए कार्ययोजना पर चर्चा की और समस्त गैंगों का सफाया करने का सुझाव दिया।
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पॉवर प्वाइंट प्रस्तुति भी
नवनियुक्त जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने अपराधियों के रिकॉर्ड को ठीक से बनाने और उसे आपस में साझा करने पर बल दिया, ताकि सूचनाओं के आदान-प्रदान से प्रभावी कार्यवाही अमल में लाई जा सके। अंत में सभी जिलों की अपराध स्थिति पर 15 मिनट की पॉवर प्वाइंट प्रस्तुति दी गई, जिसमें गैंगवार, धमकी, वसूली और संगठित अपराध से संबंधित ताजा आंकड़े साझा किए गए।