राजस्थान पुलिस की वेबसाइट हैक? सर्वर जांच के लिए दिल्ली से जयपुर पहुंची CERT-In टीम
Jageshwar Prasad | Oct 27, 2026, 13:02 IST
राजस्थान पुलिस की वेबसाइट हैक होने के दावे से मचा हड़कंप।
राजस्थान पुलिस की वेबसाइट को हैक करने के दावों के बीच वेबसाइट डाउन चल रही है। डार्क वेब पर एक हैकर ग्रुप द्वारा संवेदनशील डेटा में सेंधमारी के दावों को लेकर पुलिस और सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग जांच में जुट गया है। सरकारी वेबसाइट की हैकिंग को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है।
राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) की वेबसाइट हैक करने के दावों और डार्क वेब पर संवेदनशील डेटा में सेंधमारी की खबरों के बाद राज्य में प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। फिलहाल पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट डाउन चल रही है और ओपन नहीं हो रही है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DoIT) जांच में जुट गया है। हैकर्स के दावों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है, और पूरे मामले की तकनीकी जांच के लिए दिल्ली से कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT) जयपुर पहुंच चुकी है। यह केंद्रीय टीम DoIT और राजस्थान पुलिस की साइबर सेल के साथ मिलकर सर्वर की बारीकी से जांच कर रही है।
साइबर क्राइम विंग के डीआईजी शांतनु कुमार सिंह के मुताबिक, शुरुआती जांच में वेबसाइट के आधिकारिक तौर पर हैक होने के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि, सुरक्षा और एहतियात को ध्यान में रखते हुए हैकर्स के दावों के आधार पर DoIT के उप निदेशक मुकेश गडोदिया की ओर से साइबर थाने में आईटी (IT) एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करवा दिया गया है।
इससे पहले, 'स्कारलेट' नामक हैकर्स ग्रुप ने डार्क वेब (Dark Web) पर पुलिस और आम जनता से जुड़ा गोपनीय डेटा हाथ लगने का बड़ा दावा किया था। एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह का कहना है कि इन सभी दावों की सत्यता की जांच DoIT और तकनीकी विशेषज्ञ कर रहे हैं।
जांच प्रक्रिया पूरी होने तक सरकार और पुलिस का महत्वपूर्ण कामकाज केंद्र सरकार के सुरक्षित सर्वर nic.in पर शिफ्ट कर दिया गया है। संभावित साइबर अटैक के अलर्ट के चलते प्रदेश में सरकारी ईमेल सिस्टम पिछले तीन दिनों से बंद चल रहा है।
इस तकनीकी व्यवधान के कारण प्रदेशभर के जिला कलेक्टर, एसपी और विभिन्न विभागों के बड़े अधिकारियों व कर्मचारियों का आपसी विभागीय संवाद बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इससे rajasthan.gov.in डोमेन से जुड़े करीब 59 हजार ईमेल अकाउंट्स पर असर पड़ा है।
कुछ दिन पहले डार्क वेब पर एक्टिव 'स्कारलेट' ग्रुप ने दावा किया था कि उन्होंने 5,926 मेलबॉक्स, 86.3 लाख से ज्यादा ईमेल, 78.3 लाख विशिष्ट ईमेल, 70,301 पहचान रिकॉर्ड और 59,460 मोबाइल नंबर के डेटा में सेंधमारी की है।
इन दावों के बीच सुरक्षा कारणों और सर्वर के मेंटेनेंस के चलते राजस्थान पुलिस की वेबसाइट बंद रखी गई है। वेबसाइट बंद होने से आम नागरिकों को नौकरों, किराएदारों और ड्राइवरों के पुलिस सत्यापन, गुमशुदगी दर्ज कराने तथा ऑनलाइन शिकायत जैसी सेवाओं में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि राजकॉम्प सिटीजन ऐप (RajCOMP Citizen App) से जुड़ी सेवाएं अभी भी सुचारू रूप से चालू हैं। हाल ही में एसबीआई (SBI) में डेटा लीक का मामला सामने आने के बाद अब सरकारी ईमेल व्यवस्था का भी व्यापक सुरक्षा ऑडिट (Security Audit) करवाया जा रहा है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DoIT) जांच में जुट गया है। हैकर्स के दावों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है, और पूरे मामले की तकनीकी जांच के लिए दिल्ली से कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT) जयपुर पहुंच चुकी है। यह केंद्रीय टीम DoIT और राजस्थान पुलिस की साइबर सेल के साथ मिलकर सर्वर की बारीकी से जांच कर रही है।
शुरुआती जांच में हैकिंग के सबूत नहीं, पर एफआईआर दर्ज
इससे पहले, 'स्कारलेट' नामक हैकर्स ग्रुप ने डार्क वेब (Dark Web) पर पुलिस और आम जनता से जुड़ा गोपनीय डेटा हाथ लगने का बड़ा दावा किया था। एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह का कहना है कि इन सभी दावों की सत्यता की जांच DoIT और तकनीकी विशेषज्ञ कर रहे हैं।
59 हजार सरकारी ईमेल प्रभावित, कामकाज शिफ्ट
इस तकनीकी व्यवधान के कारण प्रदेशभर के जिला कलेक्टर, एसपी और विभिन्न विभागों के बड़े अधिकारियों व कर्मचारियों का आपसी विभागीय संवाद बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इससे rajasthan.gov.in डोमेन से जुड़े करीब 59 हजार ईमेल अकाउंट्स पर असर पड़ा है।
हैकर्स ने किया था भारी-भरकम डेटा चुराने का दावा
इन दावों के बीच सुरक्षा कारणों और सर्वर के मेंटेनेंस के चलते राजस्थान पुलिस की वेबसाइट बंद रखी गई है। वेबसाइट बंद होने से आम नागरिकों को नौकरों, किराएदारों और ड्राइवरों के पुलिस सत्यापन, गुमशुदगी दर्ज कराने तथा ऑनलाइन शिकायत जैसी सेवाओं में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि राजकॉम्प सिटीजन ऐप (RajCOMP Citizen App) से जुड़ी सेवाएं अभी भी सुचारू रूप से चालू हैं। हाल ही में एसबीआई (SBI) में डेटा लीक का मामला सामने आने के बाद अब सरकारी ईमेल व्यवस्था का भी व्यापक सुरक्षा ऑडिट (Security Audit) करवाया जा रहा है।
रायपुर और दुर्ग में कारोबारियों के ठिकानों पर ED की छापेमारी, भारतमाला प्रोजेक्ट से कनेक्शन की आशंका
By Harrison Masih
MP BJP में क्या चल रहा है? नरोत्तम मिश्रा को न्योता नहीं, सिंधिया भी दूसरी बार बैठक से दूर
By Aman Vaishnav
राजस्थान में 53 साल बाद 35 शहीद सैनिकों के परिवारों को नौकरी का रास्ता खुला; सैनिक कल्याण बोर्ड में नहीं मिला रिकॉर्ड
By Jyoti Mahender Bhardwaj
बीजेपी की बैठक में फूटा सांसदों का गुस्सा, स्मृति इरानी के सामने मंत्रियों के खिलाफ खोला मोर्चा
By Harrison Masih
राजस्थान में 5 IPS अफसरों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति अटकी, सरकार बोली- केंद्र के विशेष आग्रह पर ही मिलेगी मंजूरी
By Ashish Bhardwaj
सेहत के साथ खिलवाड़: मिठाई के साथ लोग खा रहे हैं धीमा जहर, चांदी के वर्क में 99% एल्युमिनियम-कैडमियम
By Jageshwar Prasad
भोपाल में 218 करोड़ से बनेगा 7 मंजिला प्रशासनिक भवन, एक छत के नीचे होंगे कलेक्ट्रेट, कमिश्नर और SDM दफ्तर
By Aman Vaishnav