वोट डालने से पहले दिखाना होगा चेहरा, महिला कर्मचारियों की लेंगे मदद, चुनाव आयोग की नई गाइडलाइन
Jaipur. राजस्थान में आगामी पंचायतीराज और स्थानीय निकाय चुनावों में पर्दानशीं महिलाओं को वोट डालने से पहले अपना चेहरा दिखाना होगा। ये महिलाएं बुर्का, हिजाब या घूंघट में रहती हैं और इनकी पहचान पोलिंग अफसरों द्वारा की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत स्थानीय महिला कर्मचारियों की मदद ली जाएगी।
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महिला कर्मचारियों की मदद से पहचान
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, पर्दानशीं महिला वोटरों की पहचान के लिए पोलिंग अफसरों को स्थानीय महिला कर्मचारियों की सहायता लेनी होगी। इन महिला कर्मचारियों में ग्राम सेवक, पटवारी, महिला शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जैसी महिलाएं शामिल होंगी। चुनावी प्रक्रिया में यह कदम विवादों से बचने के लिए उठाया गया है।
पुराना प्रावधान, नए निर्देश
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह के अनुसार, पर्दानशीं महिला वोटरों की पहचान का यह तरीका कोई नया नहीं है। यह प्रावधान हर चुनाव में लागू होता है और इससे पहले भी यह विधि अपनाई गई है। हालांकि इस बार इसे और स्पष्ट तरीके से लागू करने के लिए महिला कर्मचारियों को मदद के रूप में शामिल किया गया है।
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पोलिंग पार्टी में महिलाएं नहीं होंगी
राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, पंचायत और निकाय चुनाव में पोलिंग पार्टी में महिलाओं की ड्यूटी नहीं होगी। वोटिंग करवाने वाली पोलिंग पार्टी के सभी सदस्य पुरुष होंगे। इस कारण पर्दानशीं, हिजाब या बुर्का पहनने वाली महिलाओं की पहचान के लिए ग्राम सेवक, पटवारी या महिला शिक्षक जैसी महिला कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा।
वोट डालने से पहले दिखाना होगा चेहरा
- पर्दानशीं महिलाओं को वोट डालने से पहले अपना चेहरा दिखाना होगा। इसके लिए पोलिंग अफसर स्थानीय महिला कर्मचारियों की मदद से उनकी पहचान करेंगे।
- राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों की पोलिंग पार्टी में महिलाओं की ड्यूटी नहीं होगी। सभी पोलिंग पार्टी के सदस्य पुरुष होंगे।
- पर्दानशीं महिलाओं की पहचान के लिए ग्राम सेवक, पटवारी, महिला शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जैसी स्थानीय महिला कर्मचारियों की मदद ली जाएगी।