रामलाल का झुग्गी से करोड़पति बनने का सफर, ED की कार्रवाई में खुला राज
Sikar. राजस्थान के सीकर जिले के एक छोटे से गांव के रामलाल ने चंडीगढ़ में अपनी मेहनत और पैंतरेबाजी से करीब 150 करोड़ रुपए की संपत्ति बना डाली। यह कहानी एक साधारण से युवक की है, जिसने मात्र तीसरी कक्षा तक पढ़ाई की थी और एक बैग लेकर चंडीगढ़ पहुंचा था। पहले तो उसने चंडीगढ़ में राम दरबार की करसन कॉलोनी की झुग्गियों में जीवन बिताया और फल-फ्रूट की रेहड़ी लगाकर अपनी जिंदगी की शुरुआत की थी।
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नेताओं और अफसरों से नजदीकियां
रामलाल ने धीरे-धीरे प्रभावशाली नेताओं, अफसरों और समाजिक व्यक्तियों से संपर्क साधा। इसका लाभ उसे तब मिला, जब 1996 में करसन कॉलोनी की झुग्गियां हटाई गईं और उसे सेक्टर 52 में पक्का मकान मिल गया। इसके बाद वह राजनीतिक सिफारिशों का लाभ उठाकर राशन डिपो प्राप्त करने में सफल रहा। उसके बाद से उसकी आय में बेतहाशा वृद्धि हुई।
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फाइनेंस और प्रॉपर्टी के कारोबार में कदम
रामलाल ने अपने कारोबार को और भी बढ़ाया और फाइनेंस और प्रॉपर्टी डीलिंग में कदम रखा। उसे बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई, रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स और ईंट सप्लाई जैसे कारोबार में भारी मुनाफा हुआ। इसके बाद उसने चंडीगढ़ के सेक्टर 46 में एक आलीशान कोठी खरीदी और लग्जरी कारों जैसे ऑडी और मर्सिडीज में घूमने लगा।
ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच
रामलाल पर लगे आरोपों के बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच शुरू की। जांच के तीन साल बाद ईडी ने रामलाल और उसके बेटे अमित कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस मामले की अगली सुनवाई 6 फरवरी को होगी। अब यह मामला अदालत के फैसले पर निर्भर करेगा कि वह कितने आरोपों से मुक्त हो पाता है।
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खास बातें
- रामलाल का झुग्गी से करोड़पति बनने का सफर। रामलाल ने करीब 150 करोड़ रुपए की संपत्ति बनाई।
- रामलाल पर हत्या के प्रयास, दुष्कर्म, धोखाधड़ी, एनडीपीएस और हत्या जैसे कई गंभीर अपराधों के आरोप लगे थे।
- ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच की और रामलाल तथा उसके बेटे अमित कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।