लिव-इन रिलेशनशिप पर ₹31 लाख का जुर्माना, परिवार को समाज से किया बाहर

राजस्थान के जालोर में समाज के पंचों ने लिव-इन रिलेशनशिप के कारण एक परिवार को समाज से बाहर कर दिया। परिवार पर 31 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है।

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Mukesh Sharma
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News In Short 

  • राजस्थान के जालोर में समाज के पंचों ने एक परिवार को समाज से बाहर कर 31 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
  • विवाद लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर था, जिससे समाज के कुछ लोग नाराज थे।
  • पीड़ित परिवार ने जोधपुर हाईकोर्ट से सुरक्षा की मांग की थी।
  • पंचायती फैसले का विरोध करने पर परिवार को जुर्माना बढ़ाने की धमकी दी।
  • पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और परिवार को सुरक्षा का आश्वासन दिया है।
  • News In Detail

राजस्थान के जालोर जिले के भीनमाल क्षेत्र में  समाज बहिष्कार और आर्थिक दंड का मामला सामने आया है। एक समाज के सात पंचों पर आरोप है कि उन्होंने एक परिवार को समाज से बाहर करने का फैसला लिया और 31 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इस विवाद की जड़ लिव-इन रिलेशनशिप है। युवक और युवती के रिश्ते को लेकर समाज के कुछ सदस्य नाखुश थे। 

लिव-इन रिलेशनशिप से विवाद

पीड़ित बाबुलाल ने पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत में बताया कि उनका साला एक युवती के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। दोनों ने 26 अगस्त 2025 को आपसी सहमति से इकरारनामा कराया था। इसके बाद युवती के परिजनों और समाज के कुछ लोगों की ओर से बाबुलाल और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां मिलने लगी। इसके बाद दोनों ने जोधपुर हाईकोर्ट का रुख किया। कोर्ट ने दोनों को सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए गए।

पंचायत लगाया जुर्माना 

धमकियों के बावजूद, भीनमाल में एक पंचायत बुलाकर बाबुलाल के साले पर 31 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा  उनके रिश्तेदार पांचाराम माली को भी समाज से बहिष्कृत कर दिया गया और हुक्का-पानी बंद कर दिया गया। पंचायत के फैसले का विरोध करने पर पूरे परिवार को समाज से बाहर करने की धमकी दी गई। इसके बाद, पांचाराम माली ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके परिवार को मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा, और समाज में पुनः शामिल होने के लिए 11 लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया।

पुलिस से न्याय की गुहार

9 जनवरी को पीड़ित परिवार ने भीनमाल थाने में सात पंचों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद 20 जनवरी को पंचायत ने फिर से दबाव डाला और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई न करने की धमकी दी। इस पर पीड़ित परिवार ने जालोर के एसपी शैलेन्द्र सिंह से मुलाकात की और निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पीड़ित परिवार को आवश्यक सुरक्षा का आश्वासन दिया है।

पुलिस कर रही है मामले की जांच 

इस मामले में एसपी शैलेन्द्र सिंह ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है और पुलिस ने थाने में दर्ज रिपोर्ट के आधार पर जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इस घटना ने समाज में जातिवाद, आर्थिक दंड और बहिष्कार की पुरानी प्रथाओं को एक बार फिर उजागर किया है, जो अब कानून और संविधान के खिलाफ होती हैं।

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राजस्थान लिव-इन रिलेशनशिप पुलिस अधीक्षक जालोर
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