अशोक गहलोत दी सचिन पायलट की मुलाकात
राजस्थान की चिट्ठी: कहीं जेलर बनी बंदी, कहीं खाकी पर सवाल; सियासत में बदले सुर और रिश्तों का हाल
Saurabh Mishra | Oct 10, 2026, 18:14 IST
राजस्थान की चिट्टी
इस हफ्ते की चिट्ठी में सियासत की मुस्कान भी है और वर्दी पर सवाल भी। कहीं जेल संभालने वाली जेलर खुद सलाखों के पीछे पहुंची, तो कहीं नाबालिग की मौत ने पुलिस को कठघरे में खड़ा कर दिया। गहलोत-पायलट की नजदीकियों ने सियासी चर्चा छेड़ी, तो वहीं सुप्रीम कोर्ट ने नदियों को लेकर चिंता जताई। पढ़िए राजस्थान की साप्ताहिक चिट्ठी में हफ्ते भर की बड़ी खबरों का पूरा हाल।
राजस्थान में बीता हफ्ता कहीं सवाल छोड़ गया, तो कहीं उम्मीद की नई किरण जगा गया। अजमेर में कभी जेल की कमान संभालने वाली अफसर खुद बंदी बन गईं, तो जयपुर में एक मौत ने खाकी को कटघरे में खड़ा कर दिया। त्योहारों ने पंचायत चुनाव की तारीखें बदल दीं, वहीं गहलोत-पायलट की मुस्कान ने सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी। जोधपुर के आसमान में फायर जेट्स की दहाड़ सुनाई दी, तो नागौर के दो घरों में 15 महीने बाद लौटी किलकारियों ने पुराने दर्द पर मरहम का काम किया। पढ़िए द सूत्र की वीकली चिठ्ठी में हफ्ते भर की खबरों का हाल।
राजस्थान में पंचायत चुनाव का इंतजार कर रहे लोगों के लिए इस हफ्ते फिर नई तारीखें सामने आईं। राज्य निर्वाचन आयोग ने त्योहारों को देखते हुए चुनाव के शेड्यूल में बदलाव कर दिया। अब जिला परिषद और पंचायत समिति के तीसरे चरण का मतदान 3 नवंबर को होगा। वहीं, पंच और सरपंच के लिए 5 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। पहले धनतेरस के दिन 6 नवंबर को वोटिंग प्रस्तावित थी। त्योहार और चुनाव की तारीखें टकराईं तो आयोग को कार्यक्रम बदलना पड़ा। अब गांवों में चुनावी हलचल नई तारीखों के हिसाब से आगे बढ़ेगी।
राजस्थान कांग्रेस की राजनीति में इस हफ्ते एक तस्वीर खूब चर्चा में रही। जयपुर में पंचायत चुनाव को लेकर कांग्रेस के वॉर रूम में हुई बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच हंसी-मजाक देखने को मिला। दोनों नेताओं की बातचीत में पुराने तनाव की जगह हल्का-फुल्का अंदाज नजर आया। गहलोत ने पायलट की चुटकी ली, तो पायलट ने भी मुस्कुराकर जवाब दिया। दोनों के बीच लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक खींचतान के कारण यह मुलाकात खास बन गई। इसके बाद खुद गहलोत ने सामने आकर साफ कर दिया कि हम सब एक हैं। हालांकि, एक बैठक की मुस्कान से यह कहना जल्दबाजी होगी कि सारी दूरियां मिट गईं और रिश्तों में जमी बर्फ पिघलने की शुरुआत हो गई।
![अशोक गहलोत दी सचिन पायलट की मुलाकात]()
अब बात उस फैसले की, जिसका सीधा असर राजस्थान के आम लोगों की जेब पर पड़ सकता। राजस्थान में इसी हफ्ते जमीन के इस्तेमाल से जुड़े नियमों में बदलाव हुआ, जो 2 नवंबर से लागू होंगे। ग्रामीण इलाकों में तय शर्तों के तहत 500 वर्गमीटर तक जमीन पर घर, मवेशियों के लिए बाड़ा या स्टोर बनाने के लिए कन्वर्जन फीस में छूट मिलेगी। आवेदन भी ऑफलाइन की जगह ऑनलाइन किया जा सकेगा। इससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। हालांकि, छूट हर तरह की जमीन और निर्माण पर लागू नहीं होगी। इसके लिए तय नियमों का पालन करना भी जरूरी होगा।
जोधपुर में इस हफ्ते आसमान लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मौका था बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास तरंग शक्ति-2026 का, जहां भारत के साथ अमेरिका, फ्रांस और रूस समेत कई देशों की वायुसेनाओं ने अपना दम दिखाया। सारंग हेलिकॉप्टर टीम ने हवा में ऐसे करतब दिखाए कि सबकी निगाहें आसमान पर टिक गईं। शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इस कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने कहा कि अब युद्ध सिर्फ जमीन, समुद्र और आसमान तक सीमित नहीं रहे। साइबर हमले और अंतरिक्ष भी लड़ाई का हिस्सा बन चुके हैं। बदलते खतरों को देखते हुए भारत भी अपनी सैन्य ताकत और तैयारियों को लगातार मजबूत कर रहा है।
![तरंग शक्ति 2026]()
जयपुर में इस हफ्ते खाकी पर ऐसे सवाल उठे, जिनका जवाब अब पुलिस को ही देना है। मुहाना थाने से जुड़े ऋतुराज की मौत ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। परिजनों का आरोप है कि थाने में पुलिस की मारपीट ने उनके बेटे की जान ले ली। बर्थ सर्टिफिकेट सामने आने के बाद ऋतुराज के नाबालिग होने का दावा भी उठ खड़ा हुआ। मामला राज्य मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा तो आयोग ने खुद संज्ञान लेकर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी से जांच कराने और थाने के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। अब सवाल यही है कि जिस पुलिस पर लोगों की हिफाजत का जिम्मा है, उसकी हिरासत में ऋतुराज के साथ आखिर क्या हुआ? जवाब जांच से ही सामने आएगा।
इस हफ्ते राजस्थान की नदियों की बात भी देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंची। सुप्रीम कोर्ट ने चंबल और केन नदी के तल से रेत निकालने पर गंभीर चिंता जताई। अदालत का कहना है कि इस तरह का खनन नदियों के प्राकृतिक बहाव और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकता। कोर्ट ने केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकारों को दो हफ्ते में जवाब देने को कहा है। अब देखना होगा कि नदियों को बचाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते।
दसवीं के छात्रों के लिए इस हफ्ते उम्मीद का एक नया दरवाजा खुला। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा में दूसरा मौका देने का फैसला किया है। अब साल में दो बार दसवीं की परीक्षा होगी। पहली बार में नंबर उम्मीद से कम आए, तो छात्र तीन विषयों में दोबारा परीक्षा देकर अपना रिजल्ट सुधार सकेंगे। इस बदलाव को 2026-27 के सत्र से लागू करने की तैयारी है। यानी अब एक परीक्षा का नतीजा पूरे साल की मेहनत पर भारी नहीं पड़ेगा।
अजमेर में इस हफ्ते वक्त ने ऐसी करवट ली कि जेल की जेलर खुद सलाखों के पीछे पहुंच गईं। बात निलंबित जेलर दिव्या चौधरी की है। आरोप है कि उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर महिला बंदियों को अजमेर सेंट्रल जेल से बाहर निकाला था और अपने घर ले जाकर उनसे घरेलू काम भी करवाया था। करीब दो महीने तक पुलिस की गिरफ्त से दूर रहीं दिव्या चौधरी को आखिरकार 6 अक्तूबर को कोटा के एक फ्लैट से पकड़ा गया। किस्मत ऐसी पलटी कि कभी जिस अजमेर सेंट्रल जेल में उनकी बात मानी जाती थी, वहीं उन्हें बंदी बनकर रहना पड़ा। हालांकि, सुरक्षा कारणों से बाद में उन्हें जयपुर जेल भेज दिया गया। कहानी का मोड़ देखिए, कल तक जेल के दरवाजे उनके आदेश पर खुलते थे, अब उन्हीं दरवाजों के पीछे उनकी अपनी जिंदगी कैद है।
नागौर के मोकलपुर और सातलावास गांवों से इस हफ्ते ऐसी खबर आई, जिसने आंखें भिगो दीं। दो घरों के इकलौते चिराग, दोनों का नाम नरेंद्र। पांचवीं से नर्सिंग तक साथ पढ़े लेकिन 14 जुलाई 2025 को चित्तौड़गढ़ के निलिया महादेव झरने का तेज बहाव दोनों को छीन ले गया था। बेटों को खो चुकी दोनों मांओं ने नसबंदी के बाद फिर मां बनने की उम्मीद जगाई। करीब 15 महीने बाद 4 और 5 अक्टूबर को दोनों की गोद फिर भर गई। दोनों ने नवजात बेटों का नाम भी नरेंद्र रखा। परिवार इसे भगवान का आशीर्वाद मान रहे। जिन घरों में नरेंद्र की याद में आंसू बहते थे, वहां अब फिर 'नरेंद्र' पुकारने पर नन्ही किलकारियां सुनाई देंगी।
तो यह थी राजस्थान की इस हफ्ते की चिट्ठी। कहीं वर्दी पर सवाल उठे, तो कहीं सियासत में मुस्कान दिखी। किसी घर में इंसाफ की उम्मीद जगी, तो कहीं नन्ही किलकारियों ने खुशियां लौटा दीं।
हर खबर के पीछे कोई दर्द है, कोई उम्मीद है और कुछ अनकहे सवाल हैं। अगले हफ्ते फिर खुलेंगे राजस्थान की कहानी के नए पन्ने, कुछ पुराने सवालों के जवाब मिलेंगे, तो कुछ नई खबरें दस्तक देंगी।
पंचायत चुनाव में फिर बदला तारीखों का गणित
गहलोत-पायलट की मुस्कान, क्या रिश्तों में जमी बर्फ पिघल रही?
जमीन के नए नियम, घर बनाने वालों को राहत
जोधपुर के आसमान में गरजे लड़ाकू विमान
तरंग शक्ति 2026
जयपुर में ऋतुराज की मौत, खाकी पर उठे सवाल
चंबल और केन की रेत पर सुप्रीम कोर्ट की चिंता
दसवीं की परीक्षा में अब मिलेगा दूसरा मौका
जिस जेल की थीं जेलर, अब वहीं बन गईं बंदी
दो दोस्त चले गए, 14 महीने बाद दो घरों में लौटी खुशी
तो यह थी राजस्थान की इस हफ्ते की चिट्ठी। कहीं वर्दी पर सवाल उठे, तो कहीं सियासत में मुस्कान दिखी। किसी घर में इंसाफ की उम्मीद जगी, तो कहीं नन्ही किलकारियों ने खुशियां लौटा दीं।
हर खबर के पीछे कोई दर्द है, कोई उम्मीद है और कुछ अनकहे सवाल हैं। अगले हफ्ते फिर खुलेंगे राजस्थान की कहानी के नए पन्ने, कुछ पुराने सवालों के जवाब मिलेंगे, तो कुछ नई खबरें दस्तक देंगी।
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