निलंबित जेलर दिव्या चौधरी को अजमेर से जयपुर जेल भेजा, देर रात किया शिफ्ट, सुरक्षा कारणों से लिया फैसला
Jyoti Mahender Bhardwaj | Oct 09, 2026, 17:59 IST
अजमेर जेल से जयपुर ट्रांसफर
अजमेर सेन्ट्रल जेल की निलम्बित जेलर दिव्या चौधरी को देर रात जयपुर के महिला बंदी सुधार गृह में शिफ्ट किया गया है। कारागार मुख्यालय ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है। आरोप है कि 12 जुलाई को दिव्या और जेल प्रहरी सोनिया चौधरी दो महिला बंदियों को नियमों के खिलाफ अपने निजी आवास की साफ-सफाई के लिए ले गई थीं
समझें क्या है पूरा मामला
- अजमेर सेन्ट्रल जेल की निलम्बित जेलर दिव्या चौधरी को देर रात जयपुर के महिला बंदी सुधार गृह में शिफ्ट किया गया।
- शिफ्ट का फैसला कारागार मुख्यालय ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर लिया।
- आरोप है कि 12 जुलाई को दिव्या और जेल प्रहरी सोनिया चौधरी दो महिला बंदियों को निजी आवास की साफ-सफाई के लिए ले गई थीं।
- दिव्या को 6 अक्टूबर की शाम कोटा से गिरफ्तार किया गया था।
- 7 अक्टूबर को अदालत में पेश करने पर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था।
- सोनिया चौधरी की तलाश अब भी जारी है।
जिला पुलिस के चालानी गार्ड की मदद से उन्हें जयपुर रवाना किया गया। अजमेर महिला बंदी सुधार गृह जेलर मामले में आरोप है कि जेलर और जेल प्रहरी ने दो महिला बंदियों को नियमों के विरुद्ध बाहर निकाला था।
दिव्या चौधरी अजमेर से जयपुर महिला जेल क्यों भेजी गई?
जेल प्रशासन ने इन दोनों की मौजूदगी को ध्यान में रखा। साथ ही यह भी देखा कि दिव्या पहले अजमेर महिला बंदी सुधार गृह में सेवारत रही हैं। इन दोनों बातों को देखते हुए जयपुर शिफ्ट करने का निर्णय किया गया। सवाल यह है कि जिन महिला बंदियों के साथ विवाद जुड़ा है, वे कौन हैं?
किरण और सना कौन हैं?
सना विचाराधीन बंदी हैं। उन पर डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना क्षेत्र में जुलाई 2023 में हुई एक महिला की हत्या का आरोप है। विचाराधीन यानी जिस मामले में अदालत का अंतिम फैसला नहीं आया हो। सना के मामले में सोर्स में दर्ज बातें आरोप हैं, अदालत का फैसला नहीं। अजमेर महिला जेल में सना विचाराधीन बंदी के रूप में रखी गई हैं।
महिला बंदियों को निजी आवास ले जाने का आरोप क्या है?
सोर्स के अनुसार पत्रिका में प्रकरण उजागर होने के बाद जेल प्रशासन ने दोनों को निलम्बित किया। फिर सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया।मामला सेन्ट्रल जेल अजमेर के अधीक्षक आर. अन्तरेश्वरन की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ। इसमें विभिन्न धाराओं और राजस्थान कारागार अधिनियम की धारा 42 का उल्लेख है।
निलम्बन के बाद दोनों फरार क्यों हो गई थीं?
सोनिया चौधरी की तलाश कहां तक पहुंची?
यह खबर क्यों जरूरी है:
जेल में बंद कैदी सरकारी निगरानी और नियमों के दायरे में रहते हैं। आरोप है कि इन नियमों को जेल में तैनात अधिकारी ने ही तोड़ा। ऐसे मामले जेल प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाते हैं। साथ ही यह देखना जरूरी है कि जांच से जुड़ी संवेदनशीलता बनी रहे। आरोपी और उन महिला बंदियों की सुरक्षा का सवाल भी इससे जुड़ा है। आम पाठक को यह जानने का हक है कि कार्रवाई किस आधार पर हुई।
FAQs :
- दिव्या चौधरी को जयपुर जेल में क्यों शिफ्ट किया गया है?
दिव्या चौधरी को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए जयपुर के महिला बंदी सुधार गृह में शिफ्ट किया गया है। - किरण और सना कौन हैं, जिनका दिव्या चौधरी के विवाद से संबंध है?
किरण सजायाफ्ता महिला कैदी हैं जिन्हें हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा मिली है, जबकि सना विचाराधीन बंदी हैं, जिन पर एक महिला की हत्या का आरोप है। - दिव्या चौधरी और सोनिया चौधरी को निलम्बित क्यों किया गया?
दिव्या चौधरी और सोनिया चौधरी को 12 जुलाई को दो महिला बंदियों को अपने निजी आवास की साफ-सफाई के लिए ले जाने के आरोप में निलम्बित किया गया था।
16 साल बाद भी प्लॉट नहीं मिला: मंगलम बिल्डर पर 1.10 लाख रुपए हर्जाना, 11 लाख 9% ब्याज सहित लौटाने के आदेश
By Mukesh Sharma
जबलपुर में 17 पटवारी सस्पेंड, 164 को नोटिस, काम में लापरवाही पर प्रशासन का बड़ा एक्शन
By Sumit Kumar
दिल्ली में CJP के प्रोटेस्ट को देखते हुए जनशताब्दी-मेवाड़ एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें रद्द, देखें पूरी लिस्ट
By Jageshwar prasad
सरकारी फरमान से खलबली: नवा रायपुर में कर्मचारियों की सिटी बस सेवा बंद करने की तैयारी
By VINAY VERMA
डिग्री हाथ में, नौकरी का इंतजार: क्या राजस्थान का नया यूथ बजट दूर कर पाएगा 33% शिक्षित बेरोजगारों का संकट?
By Raghvendra Singh Rathore
हाईकोर्ट फैसले में लिखा- मप्र में चार OBC सीएम, 25 फीसदी मंत्री, प्रतिनिधित्व पर्याप्त, UR से भी मिलते हैं पद
By Sanjay Gupta
जेडीसी और जोन उपायुक्त के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी: पुलिस कमिश्नर को 12 अक्टूबर को पेश करने के निर्देश
By Jyoti Mahender Bhardwaj