राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: कांग्रेस ने सौंपी 152 नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी, टिकट से प्रचार तक रखेंगे नजर
Saurabh Mishra | Oct 09, 2026, 13:25 IST
राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस ने 152 समन्वयकों की लिस्ट जारी की।
राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस ने 152 समन्वयकों की लिस्ट जारी की है। इन्हें चुनाव की तैयारियों की जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देश पर हुई इन नियुक्तियों का मकसद गांवों में पार्टी को मजबूत करना है। प्रदेश में पंचायत चुनाव चार चरणों में होंगे।
राजस्थान में पंचायत चुनाव 2026 (Rajasthan Panchayat Elections 2026) की तारीखों का ऐलान होते ही कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी। पार्टी ने चुनाव से पहले शुक्रवार को 152 समन्वयकों की लिस्ट जारी की। इन्हें अलग-अलग पंचायत समितियों में चुनाव की तैयारियों की जिम्मेदारी दी गई। ये नेता गांवों में जाकर कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। स्थानीय नेताओं के बीच तालमेल बनाएंगे और उम्मीदवारों के चयन में भी मदद करेंगे।
राजस्थान कांग्रेस इस बार नगरीय निकाय चुनाव में हुई गलतियों को दोहराना नहीं चाहती। यही वजह है कि पार्टी ने मतदान से पहले ही गांवों में अपनी टीम उतारनी शुरू कर दी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देश पर समन्वयकों की नियुक्ति की गई है। इनका काम पंचायत समितियों में पार्टी की चुनावी तैयारियों को देखना होगा। समन्वयक स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। गांवों में पार्टी की स्थिति का पता लगाएंगे। जहां संगठन कमजोर है, वहां उसे मजबूत करने के लिए काम करेंगे। इसके अलावा चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं के बारे में भी जानकारी जुटाएंगे।
किस क्षेत्र में कौन नेता सक्रिय है और किसकी जनता के बीच पकड़ है, इसकी जानकारी प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाएंगे। राजस्थान कांग्रेस की कोशिश है कि चुनाव से पहले हर पंचायत समिति में कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाए। इससे उम्मीदवारों के चयन और चुनाव प्रचार में आसानी होगी।
राजस्थान में हाल ही में हुए शहरी निकाय चुनावों में कांग्रेस को कई जगह अपने ही नेताओं और पार्षदों के बीच मतभेदों का सामना करना पड़ा था। कुछ जगह कांग्रेस के टिकट पर जीते हुए पार्षदों पर भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में वोट देने के आरोप लगे थे। राजस्थान कांग्रेस ने इन मामलों की जांच के लिए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की अगुआई में 9 सदस्यीय कमेटी भी बनाई है। अब पंचायत चुनाव में कांग्रेस ऐसी स्थिति से बचना चाहती है।
पार्टी की कोशिश है कि उम्मीदवारों के चयन से पहले स्थानीय नेताओं की राय ली जाए। नाराज कार्यकर्ताओं को भी साथ लाया जाए। समन्वयकों की नियुक्ति को इसी तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी चाहती है कि चुनाव के समय आपसी विवाद की वजह से उसे नुकसान न उठाना पड़े।
बता दें कि राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 (Panchayat chunav 2026) चार फेज में कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने 3 अक्टूबर को चुनावों का शेड्यूल जारी किया था। हालांकि, आगामी त्योहारों को देखते हुए 6 अक्टूबर को पहले तीन चरणों की कुछ तारीखों में बदलाव किया गया था। संशोधित चुनाव शेड्यूल के मुताबिक, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 22 अक्टूबर, 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 14 नवंबर को मतदान होगा। वहीं, पंच और सरपंच के लिए 24 अक्टूबर, 30 अक्टूबर, 5 नवंबर और 16 नवंबर को वोट डाले जाएंगे।
राजस्थान की 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों में चुनाव कराए जाने हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के वोटों की गिनती 20 नवंबर को प्रस्तावित है। इसके बाद जिला प्रमुख और प्रधान चुने जाएंगे।
पंचायत चुनाव से ठीक पहले राजस्थान कांग्रेस के बड़े नेता एक मंच पर नजर आए हैं। हाल ही में जयपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot), सचिन पायलट, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा एक साथ दिखाई दिए थे। सभी नेताओं ने एक-दूसरे के साथ बातचीत की। इस मुलाकात के दौरान नेताओं ने हाथ मिलाकर और एक साथ खड़े होकर पार्टी में एकजुटता का संदेश दिया। इस मीटिंग के दौरान गहलोत ने एकजुटता को लेकर उठने वाले सवालों पर जवाब भी दिया था।
कांग्रेस के लिए यह इसलिए भी अहम है, क्योंकि प्रदेश में लंबे समय से बड़े नेताओं के बीच मतभेदों की चर्चा होती रही है। अब पंचायत चुनाव से पहले पार्टी सभी बड़े नेताओं को साथ लेकर चलने का संदेश देना चाहती है।
कांग्रेस की कोशिश पंचायत चुनाव 2026 में स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देने की होगी। गांवों में सड़क, पानी, बिजली, रोजगार और सरकारी योजनाओं से जुड़ी परेशानियों को चुनाव प्रचार का हिस्सा बनाया जा सकता। पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती सही उम्मीदवारों का चयन करना होगी। इसके लिए स्थानीय कार्यकर्ताओं से बातचीत और गांवों में नेताओं की पकड़ का पता लगाना जरूरी होगा।
कांग्रेस की तैयारी केवल उम्मीदवार चुनने तक सीमित नहीं है। पार्टी गांवों में अपने पुराने कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय करना चाहती है। समन्वयक पंचायत समिति स्तर पर बैठकों के जरिए कार्यकर्ताओं से संपर्क करेंगे। स्थानीय नेताओं की शिकायतें सुनेंगे और चुनाव की तैयारियों की जानकारी प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाएंगे। इससे पार्टी को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किस इलाके में कितनी तैयारी हुई है और कहां ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है।
अब पार्टी के सामने चुनौती यह होगी कि समन्वयकों की नियुक्ति के बाद जमीन पर कितना काम होता है। साथ ही, उम्मीदवारों के चयन के दौरान स्थानीय नेताओं को एकजुट रखना भी जरूरी होगा।
फिलहाल पंचायत चुनाव की तारीखें तय हो चुकी हैं। ऐसे में कांग्रेस के पास तैयारियों के लिए ज्यादा समय नहीं है। आने वाले दिनों में पार्टी की बैठकों, उम्मीदवारों के चयन और चुनाव प्रचार की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।
राजस्थान कांग्रेस इस बार नगरीय निकाय चुनाव में हुई गलतियों को दोहराना नहीं चाहती। यही वजह है कि पार्टी ने मतदान से पहले ही गांवों में अपनी टीम उतारनी शुरू कर दी।
डोटासरा के निर्देश पर समन्वयकों की नियुक्ति
किस क्षेत्र में कौन नेता सक्रिय है और किसकी जनता के बीच पकड़ है, इसकी जानकारी प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाएंगे। राजस्थान कांग्रेस की कोशिश है कि चुनाव से पहले हर पंचायत समिति में कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाए। इससे उम्मीदवारों के चयन और चुनाव प्रचार में आसानी होगी।
निकाय चुनाव की गलतियों से सबक लेने की तैयारी
Rajasthan Pradesh Congress Committee hereby appoints the following Coordinator for Panchayati Raj Elections–2026, with immediate effect.1/4 https://t.co/PMkJwmNTir
— Rajasthan PCC (@INCRajasthan) October 9, 2026
राजस्थान में चार चरणों में होंगे पंचायत चुनाव
राजस्थान की 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों में चुनाव कराए जाने हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के वोटों की गिनती 20 नवंबर को प्रस्तावित है। इसके बाद जिला प्रमुख और प्रधान चुने जाएंगे।
गहलोत-पायलट और डोटासरा एक साथ आए नजर
कांग्रेस के लिए यह इसलिए भी अहम है, क्योंकि प्रदेश में लंबे समय से बड़े नेताओं के बीच मतभेदों की चर्चा होती रही है। अब पंचायत चुनाव से पहले पार्टी सभी बड़े नेताओं को साथ लेकर चलने का संदेश देना चाहती है।
पंचायत चुनाव में कैसी रहेगी कांग्रेस की रणनीति?
कांग्रेस की तैयारी केवल उम्मीदवार चुनने तक सीमित नहीं है। पार्टी गांवों में अपने पुराने कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय करना चाहती है। समन्वयक पंचायत समिति स्तर पर बैठकों के जरिए कार्यकर्ताओं से संपर्क करेंगे। स्थानीय नेताओं की शिकायतें सुनेंगे और चुनाव की तैयारियों की जानकारी प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाएंगे। इससे पार्टी को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किस इलाके में कितनी तैयारी हुई है और कहां ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है।
अब पार्टी के सामने चुनौती यह होगी कि समन्वयकों की नियुक्ति के बाद जमीन पर कितना काम होता है। साथ ही, उम्मीदवारों के चयन के दौरान स्थानीय नेताओं को एकजुट रखना भी जरूरी होगा।
फिलहाल पंचायत चुनाव की तारीखें तय हो चुकी हैं। ऐसे में कांग्रेस के पास तैयारियों के लिए ज्यादा समय नहीं है। आने वाले दिनों में पार्टी की बैठकों, उम्मीदवारों के चयन और चुनाव प्रचार की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।
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