पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस का ‘एकजुटता’ संदेश, गहलोत बोले- कहते थे एकता नहीं, आज देख लीजिए हम सब साथ हैं
Raghvendra Singh Rathore | Oct 07, 2026, 16:28 IST
पंचायत चुनाव की रणनीति पर मंथन के लिए जयपुर में एक मंच पर जुटे कांग्रेस के दिग्गज नेता।
पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस ने जयपुर में शक्ति और एकजुटता दिखाने की कोशिश की। गहलोत-पायलट समेत प्रदेश के बड़े नेता एक साथ बैठे। निकाय चुनाव की क्रॉस वोटिंग और हार से सबक लेकर पंचायत चुनाव में वरिष्ठ नेताओं को प्रचार में उतारने और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने की रणनीति तैयार की गई।
जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव से पहले कांग्रेस ने बुधवार को जयपुर के पीसीसी वॉर रूम में करीब दो घंटे तक चुनावी रणनीति पर मंथन किया। बैठक की सबसे अहम सियासी तस्वीर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का एक साथ बैठना रही।
बैठक में पंचायत चुनाव की रणनीति के साथ हाल के निकाय चुनाव के नतीजों, क्रॉस वोटिंग, प्रत्याशी चयन, प्रचार और संगठन के भीतर बेहतर तालमेल पर चर्चा हुई।निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस में खींचतान की चर्चाओं के बीच पार्टी ने इस बैठक के जरिए पंचायत चुनाव से पहले एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की।
गहलोत ने भी इसी मुद्दे को सीधे उठाया। उन्होंने कहा कि आप सभी कहते हैं कि कांग्रेस में एकता नहीं है, लेकिन आज देख रहे हैं कि हम सभी एक साथ बैठे हैं। हमारी पार्टी में एकता की कोई कमी नहीं है।
गहलोत का यह बयान इसलिए भी अहम है, क्योंकि निकाय चुनाव के बाद पार्टी में क्रॉस वोटिंग, बगावत और चुनावी रणनीति को लेकर सवाल उठे हैं। कांग्रेस ने इन मामलों की जांच के लिए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी को सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है।
बैठक में कांग्रेस ने साफ किया कि पंचायत चुनाव में निकाय चुनाव वाली गलतियां नहीं दोहराई जाएंगी। पार्टी अब बड़े नेताओं को चुनाव प्रचार में उतारने की तैयारी कर रही है। गहलोत, पायलट, डोटासरा, जूली सहित वरिष्ठ नेताओं को प्रचार अभियान में सक्रिय रखने की रणनीति है। संभाग स्तर पर कैंपेन कमेटियां बनाने, रैलियां, रोड शो और सभाएं करने की तैयारी भी की जा रही है।
पंचायत चुनाव चार चरणों में 22 अक्टूबर से 16 नवंबर के बीच होने हैं। कांग्रेस की रणनीति स्थानीय स्तर पर प्रत्याशी चयन में सांसदों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाने की है। पार्टी पंचायत चुनाव के लिए घोषणा पत्र और स्थानीय मुद्दों पर भाजपा सरकार के खिलाफ अभियान की रूपरेखा पर भी काम कर रही है।
बैठक के बाद अशोक गहलोत ने निकाय चुनाव को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद राजस्थान में पहली बार गुंडागर्दी करके चुनाव जीते गए। कांग्रेस के चुने हुए पार्षदों को उठाकर ले जाने का आरोप लगाते हुए गहलोत ने कहा कि सरकार में ईमानदारी है तो पंचायत चुनाव में बाड़ेबंदी बंद होनी चाहिए और इस पर नया फैसला होना चाहिए।
गहलोत ने कांग्रेस के भीतर एकता के सवाल का भी जवाब दिया। उन्होंने सभी वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी की ओर इशारा करते हुए कहा कि कांग्रेस में एकता की कोई कमी नहीं है। पंचायत चुनाव से पहले गहलोत का यह बयान पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी की चर्चाओं के बीच राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पार्टी पंचायत चुनाव में सरकार की विफलताओं को लेकर मतदाताओं के बीच जाएगी। कांग्रेस सभी चुनाव एकजुट होकर लड़ेगी और जहां से नेताओं की मांग आएगी, वहां वरिष्ठ नेता प्रचार के लिए जाएंगे।
डोटासरा ने दावा किया कि निकाय चुनाव में कांग्रेस का मत प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने भाजपा सरकार पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत चुनाव में किसी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस का दावा है कि पंचायत चुनाव में जनता भाजपा सरकार के कामकाज का जवाब देगी।
सचिन पायलट ने बैठक के बाद कहा कि आगामी पंचायतीराज चुनाव की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई है और नेताओं ने अपने सुझाव रखे हैं। पायलट के मुताबिक रंधावा, गहलोत, जूली सहित वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव की तैयारियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी बात रखी।
बैठक से पहले गहलोत और पायलट के बीच हुई हल्की-फुल्की बातचीत भी सियासी चर्चा में आ गई। गहलोत ने पायलट के पंजाब प्रभारी और रंधावा के राजस्थान प्रभारी होने का जिक्र किया। इस पर पायलट ने मुस्कुराते हुए कहा कि कोई कहीं का भी इंचार्ज बने, लेकिन हम सबके असली इंचार्ज तो आप ही हैं। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बातचीत को भी कांग्रेस की ओर से एकजुटता के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंचायत चुनाव में संगठन को एकजुट होकर मैदान में उतरने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पंचायत चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेगी। पार्टी की रणनीति है कि चुनाव प्रचार में बड़े नेताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए और जिस क्षेत्र से जिस नेता की मांग आए, वहां उसे प्रचार में भेजा जाए।
रंधावा ने पंजाब में मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े सीबीआई छापे का जिक्र करते हुए भाजपा पर भी हमला बोला। उन्होंने पंजाब में कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे उठाते हुए भाजपा को घेरा।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी लगातार पंचायत चुनाव से पहले प्रशासन की निष्पक्षता का मुद्दा उठा रहे हैं। जूली ने इससे पहले आरोप लगाया था कि सरकार पंचायतीराज चुनाव के संभावित प्रत्याशियों और पूर्व व मौजूदा जिला प्रमुख, प्रधान, जिला परिषद सदस्य तथा पंचायत समिति सदस्यों से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है।
कांग्रेस ने अब जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और सह प्रभारियों को स्थानीय नेताओं के साथ समन्वय मजबूत करने का जिम्मा दिया है। प्रत्याशी चयन से लेकर चुनाव प्रचार तक संगठन और वरिष्ठ नेताओं को एक साथ लेकर चलने की रणनीति बनाई जा रही है।
बैठक में हाल के निकाय चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन पर भी चर्चा हुई। बीकानेर डिप्टी मेयर चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग का मामला भी बैठक में उठा। निकाय चुनाव में पार्टी के भीतर हुई क्रॉस वोटिंग और बगावत की शिकायतों की जांच अलग से चल रही है।
यही वजह है कि पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए भाजपा से मुकाबले के साथ अपने संगठन को एकजुट रखना भी बड़ी चुनौती है। बुधवार की बैठक में गहलोत, पायलट, डोटासरा, रंधावा और जूली का एक साथ बैठना इसी रणनीति का हिस्सा नजर आया। कांग्रेस अब पंचायत चुनाव में इस एकजुटता को जमीन पर वोट में बदलने की कोशिश करेगी।
बैठक में पंचायत चुनाव की रणनीति के साथ हाल के निकाय चुनाव के नतीजों, क्रॉस वोटिंग, प्रत्याशी चयन, प्रचार और संगठन के भीतर बेहतर तालमेल पर चर्चा हुई।निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस में खींचतान की चर्चाओं के बीच पार्टी ने इस बैठक के जरिए पंचायत चुनाव से पहले एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की।
गहलोत ने भी इसी मुद्दे को सीधे उठाया। उन्होंने कहा कि आप सभी कहते हैं कि कांग्रेस में एकता नहीं है, लेकिन आज देख रहे हैं कि हम सभी एक साथ बैठे हैं। हमारी पार्टी में एकता की कोई कमी नहीं है।
गहलोत का यह बयान इसलिए भी अहम है, क्योंकि निकाय चुनाव के बाद पार्टी में क्रॉस वोटिंग, बगावत और चुनावी रणनीति को लेकर सवाल उठे हैं। कांग्रेस ने इन मामलों की जांच के लिए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी को सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है।
मुझे एक बात कहनी है, आप हमेशा पूछते हो कि कांग्रेस में एकता नहीं है। आज आपने देख ली, सब एकता है, एकजुट है, और अगली बार कांग्रेस की सरकार बनेगी,कोई रोक नहीं सकता। अगली बार आप कोई नहीं पूछोगे कि कांग्रेस में एकता नहीं है, यह पूरी एकता खड़ी है आपके सामने। https://t.co/9QuluhjYlJ
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) October 7, 2026
निकाय चुनाव से सबक, पंचायत चुनाव में बदलेगी रणनीति
पंचायत चुनाव चार चरणों में 22 अक्टूबर से 16 नवंबर के बीच होने हैं। कांग्रेस की रणनीति स्थानीय स्तर पर प्रत्याशी चयन में सांसदों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाने की है। पार्टी पंचायत चुनाव के लिए घोषणा पत्र और स्थानीय मुद्दों पर भाजपा सरकार के खिलाफ अभियान की रूपरेखा पर भी काम कर रही है।
गहलोत ने भाजपा पर साधा निशाना
गहलोत ने कांग्रेस के भीतर एकता के सवाल का भी जवाब दिया। उन्होंने सभी वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी की ओर इशारा करते हुए कहा कि कांग्रेस में एकता की कोई कमी नहीं है। पंचायत चुनाव से पहले गहलोत का यह बयान पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी की चर्चाओं के बीच राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डोटासरा बोले- सरकार की विफलताओं को जनता के बीच ले जाएंगे
डोटासरा ने दावा किया कि निकाय चुनाव में कांग्रेस का मत प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने भाजपा सरकार पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत चुनाव में किसी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस का दावा है कि पंचायत चुनाव में जनता भाजपा सरकार के कामकाज का जवाब देगी।
पायलट बोले- चुनावी तैयारियों पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक से पहले गहलोत और पायलट के बीच हुई हल्की-फुल्की बातचीत भी सियासी चर्चा में आ गई। गहलोत ने पायलट के पंजाब प्रभारी और रंधावा के राजस्थान प्रभारी होने का जिक्र किया। इस पर पायलट ने मुस्कुराते हुए कहा कि कोई कहीं का भी इंचार्ज बने, लेकिन हम सबके असली इंचार्ज तो आप ही हैं। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बातचीत को भी कांग्रेस की ओर से एकजुटता के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
रंधावा का संदेश- सभी नेता मिलकर लड़ेंगे चुनाव
रंधावा ने पंजाब में मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े सीबीआई छापे का जिक्र करते हुए भाजपा पर भी हमला बोला। उन्होंने पंजाब में कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे उठाते हुए भाजपा को घेरा।
जूली ने सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने अब जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और सह प्रभारियों को स्थानीय नेताओं के साथ समन्वय मजबूत करने का जिम्मा दिया है। प्रत्याशी चयन से लेकर चुनाव प्रचार तक संगठन और वरिष्ठ नेताओं को एक साथ लेकर चलने की रणनीति बनाई जा रही है।
निकाय चुनाव की क्रॉस वोटिंग भी बनी चिंता
यही वजह है कि पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए भाजपा से मुकाबले के साथ अपने संगठन को एकजुट रखना भी बड़ी चुनौती है। बुधवार की बैठक में गहलोत, पायलट, डोटासरा, रंधावा और जूली का एक साथ बैठना इसी रणनीति का हिस्सा नजर आया। कांग्रेस अब पंचायत चुनाव में इस एकजुटता को जमीन पर वोट में बदलने की कोशिश करेगी।
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