जिला परिषद चुनाव को लेकर हो रहे वायरल वीडियो पर अब विश्वेंद्र सिंह ने तोड़ी चुप्पी, कहा - मेरा कोई वास्ता नहीं
Mukesh Sharma | Oct 07, 2026, 15:15 IST
विश्वेंद्र सिंह ने वायरल वीडियो पर दी सफाई
राजस्थान में भरतपुर के पूर्व महाराजा विश्वेंद्र सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। भरतपुर जिला परिषद चुनाव को लेकर वायरल वीडिओ पर उन्होंने कहा कि उनका नाम लेकर वायरल हो रहे वीडियो से उनका कोई सरोकार नहीं है। विश्वेंद्र सिंह डोटासरा विवाद के बाद उन्हें कांग्रेस अनुशासन समिति नोटिस मिला था।
राजस्थान में भरतपुर के पूर्व महाराजा और पूर्व कैबीनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह कई दिनों की चुप्पी के बाद एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने जिला परिषद चुनाव में उनका नाम लेकर वीडियो जारी करने वाले संभावित उम्मीदवारों को लेकर बयान दिया है।
विश्वेंद्र सिंह ने लिखा है कि ,आगामी जिला परिषद चुनाव में कोई भी उम्मीदवार किसी भी वार्ड से चुनाव की दावेदारी पेश कर सकता है। कुछ लोग अपने सोशल मीडिया पर मेरा नाम लेकर वीडियो वायरल कर रहे हैं,इस प्रकार की वीडियो से मेरा कोई सरोकार नहीं है। सभी चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को मेरी हार्दिक शुभकानाएं।
चुनाव में जो भी प्रत्याशी विजय हासिल करेंगे वो जनता जनार्दन के आर्शीवाद और सहयोग से करेंगे। लोकतंत्र में चुनाव लड़ने का अधिकार सबको है।
पूर्व कैबीनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने पिछले दिनों निकाय चुनाव के बाद अचानक भरतपुर और डीग के जिलाध्यक्षों पर कांग्रेस का बंटाधार करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर दोनों जिलाध्यक्षों को प्रश्रय देने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी थी कि यदि डोटासरा भरतपुर आए तो वह 2013 में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ.चंद्रभान से भी तगड़ा स्वागत करेंगे।
गौरतलब है कि 2013 में डॉ.चंद्रभान की मौजूदगी में चल रही कांग्रेस की मीटिंग में विश्वेंद्र सिंह ने अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर कांग्रेस नेताओं के साथ मारपीट कर दी थी।
डोटसरा पर दिए बयान के बाद भरतपुर और डीग जिलाअध्यक्षों सहित कांग्रेस के कुछ अन्य पदाधिकारियों ने विश्वेंद्र सिंह पर बयान दिए थे। इससे खफा होकर विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस को अलविदा करने का ऐलान कर दिया था। हालांकि डोटासरा ने उन्हें अपना बड़ा भाई बताया था। लेकिन,इसके बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन कमेटी के चेयरमैन उदयलाल आंजना ने 2 अक्टूबर को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करके 8 बिंदुओं पर सात दिन में जवाब देने को कहा था। विश्वेंद्र सिंह ने नोटिस को फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि वह अपनी कार्यवाही करने को स्वतंत्र हैं और उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें किसी की नसीहत की जरुरत नहीं है।
कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता पिछले करीब सात दिन से सांस थामे विश्वेंद्र सिंह के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं। वहीं डोटासरा समर्थकों को भी अपने नेता के अगले कदम का इंतजार है। लेकिन,विश्चस्त सूत्रों के अनुसार दोनों ही नेताओं को कांग्रेस आलाकमान की ओर से संयम बरतने की नसीहत दे दी गई है। आलाकमान के अलावा पूर्व सीएम अशोक गहलोत और कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने भी दोनों ही नेताओं को पंचायत चुनाव के ऐन मौके पर माहौल खराब करने से बचने की सलाह दी है। इसके बाद से ही दोनों ओर से फिलहाल युद्ध विराम की स्थिति है।
हाल ही के दिनों में पूर्व मंत्री ने अपने ही पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने डोटासरा को चेतावनी दी थी कि यदि भरतपुर आने की हिमाकत की तो डॉ.चंद्रभान से भी भारी स्वागत करुंगा। उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट में सवाल उठाया था कि भरतपुर-डीग में कांग्रेस का बंटाधार-जिम्मेदार कौन ?
इस के साथ उन्होंने नगर निकाय में कांग्रेस की हार पर दोनों जिलाध्यक्षों ने चहेतों को टिकट बांटे का भी आरोप लगाया था। पूर्व मंत्री ने कहा था कि असली कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया गया है। जनता ने सबक सिखा दिया। पहले निकाय चुनावों में जनता को इन लोगों ने कब्र में दफ़नाया था,लेकिन जनता भी तैयार बैठी है,इस बार चुनाव में जनता इन दोनों जिलाध्यक्षों और इनको बचाने वाले प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को उसी कब्र में दफनाने के लिए तैयार है।
ये CM का गृह जिला है, यहाँ कांग्रेस मजबूत होनी चाहिए थी, पर इन लोगों ने पार्टी को डुबो दिया और प्रदेश अध्यक्ष मूक-बधिर बना बैठा है। जब तक ये दोनों कुर्सी पर हैं, कांग्रेस का उठना नामुमकिन है। प्रदेश नेतृत्व होश में आओ!
विश्वेंद्र सिंह ने लिखा है कि ,आगामी जिला परिषद चुनाव में कोई भी उम्मीदवार किसी भी वार्ड से चुनाव की दावेदारी पेश कर सकता है। कुछ लोग अपने सोशल मीडिया पर मेरा नाम लेकर वीडियो वायरल कर रहे हैं,इस प्रकार की वीडियो से मेरा कोई सरोकार नहीं है। सभी चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को मेरी हार्दिक शुभकानाएं।
चुनाव में जो भी प्रत्याशी विजय हासिल करेंगे वो जनता जनार्दन के आर्शीवाद और सहयोग से करेंगे। लोकतंत्र में चुनाव लड़ने का अधिकार सबको है।
डोटासरा पर दिए बयान देकर मचाई हलचल
गौरतलब है कि 2013 में डॉ.चंद्रभान की मौजूदगी में चल रही कांग्रेस की मीटिंग में विश्वेंद्र सिंह ने अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर कांग्रेस नेताओं के साथ मारपीट कर दी थी।
अनुशासन समिति ने दे रखा है नोटिस
युद्ध विराम या मौके का इंतजार
हाल ही में सिंह ने खोला था अपनी पार्टी के खिलाफ मोर्चा
इस के साथ उन्होंने नगर निकाय में कांग्रेस की हार पर दोनों जिलाध्यक्षों ने चहेतों को टिकट बांटे का भी आरोप लगाया था। पूर्व मंत्री ने कहा था कि असली कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया गया है। जनता ने सबक सिखा दिया। पहले निकाय चुनावों में जनता को इन लोगों ने कब्र में दफ़नाया था,लेकिन जनता भी तैयार बैठी है,इस बार चुनाव में जनता इन दोनों जिलाध्यक्षों और इनको बचाने वाले प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को उसी कब्र में दफनाने के लिए तैयार है।
ये CM का गृह जिला है, यहाँ कांग्रेस मजबूत होनी चाहिए थी, पर इन लोगों ने पार्टी को डुबो दिया और प्रदेश अध्यक्ष मूक-बधिर बना बैठा है। जब तक ये दोनों कुर्सी पर हैं, कांग्रेस का उठना नामुमकिन है। प्रदेश नेतृत्व होश में आओ!
गई भैंस स्टेशन में, कर दिया गोबर, 450 करोड़ का वर्ल्ड क्लास रानी कमलापति स्टेशन बना तबेला! VIDEO वायरल
By Amresh Kushwaha
एक साल में दो बार MPPSC कैसे? जानें मोहन सरकार की प्लानिंग और परीक्षा शेड्यूल की पूरी कहानी
By Sourabh Bhatnagar
सरगुजा में नाबालिग छात्रा से गैंगरेप: लिफ्ट देने के बहाने स्कूटी पर बैठाकर सुनसान जगह ले गए दरिंदे
By Umeshwari Baghel
एमपी में 10 से ज्यादा जिलों के कलेक्टर बदलने की तैयारी, कमिश्नर भी बदलेंगे; अटक सकती है IPS लिस्ट
By Sourabh Bhatnagar
निजी कॉलेजों के 31 कोर्स की फीस अब AFRC तय करेगा, मंजूरी बिना काउंसलिंग-एडमिशन पर सरकार ने लगाई रोक
By VINAY VERMA
जंगल सफारी से आगे बढ़ेगा एमपी टूरिज्म: बांधवगढ़ से कान्हा तक बदलेगी तस्वीर, 520 करोड़ से बनेंगे लग्जरी रिजॉर्ट
By Arohi Raj
बैरवा का कांग्रेस पर तंज- चुनाव हारते ही कभी वोट चोरी तो कभी EVM पर सवाल उठाने लगती है पार्टी
By Jyoti Mahender Bhardwaj