पंचायत चुनाव से पहले गहलोत-पायलट में पिघल रही बर्फ? जयपुर की बैठक में दिखी कांग्रेस की नई केमिस्ट्री
राजस्थान पंचायत चुनाव से पहले अशोक गहलोत और सचिन पायलट एक साथ दिखे। दोनों नेताओं के बीच पांच साल की तल्खी के बाद दोनों की हंसी-मजाक वाली तस्वीर सामने आई है। इस मुलाकात ने राजस्थान कांग्रेस में नई सियासी चर्चा छेड़ रही है। इस केमिस्ट्री का पंचायत चुनाव में कितना असर पड़ेगा यह भविष्य निर्धारित करेगा।
गहलोत ने पायलट की चुटकी ली तो उन्होंने भी मुस्कुराते हुए ऐसा जवाब दिया कि पूरी बैठक में ठहाके लग गए। इससे पहले पायलट खुद कार चलाते दिखे। साथ में प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली बैठे थे। यानी पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस की गाड़ी में फिलहाल बड़े नेता एक साथ बैठे नजर आ रहे हैं। सवाल यही है कि क्या गहलोत-पायलट के बीच पुरानी बर्फ पिघल रही? या निकाय चुनाव में अंदरूनी खींचतान से नुकसान उठाने के बाद कांग्रेस अब पंचायत चुनाव से पहले एक जाजम पर बैठकर यह संदेश देना चाहती है कि पार्टी एक है?
गहलोत ने ली चुटकी, पायलट के जवाब पर लगे ठहाके
बात हल्की-फुल्की थी लेकिन राजस्थान कांग्रेस की पुरानी राजनीति को देखें तो तस्वीर मायने रखती। यही गहलोत और पायलट कई बार आमने-सामने रहे हैं। बयान ऐसे चले कि विरोधियों को ज्यादा मेहनत ही नहीं करनी पड़ी।
गहलोत और पायलट के बीच दिलचस्प बातचीत-गहलोत-और पंजाब इंचार्ज, पहले रंधावा आपके इंचार्ज थे अब आप (पायलट) रंधावा के हो...पायलट- आप हम सबके इंचार्ज हो, पंजाब और राजस्थान, क्या फर्क पड़ता है इससेगहलोत- हम तो परमानेंट इंचार्ज है #AshokGehlot #sachinpilot #rajasthan #congressparty https://t.co/n2qW5ARn7n
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पायलट ने संभाली स्टेयरिंग, डोटासरा-जूली साथ बैठे
राजस्थान में आगामी पंचायतीराज चुनावों की तैयारियों के मद्देनज़र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष @GovindDotasra जी की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में सम्मिलित हुआ।बैठक में चुनावी तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की तथा सुझाव दिए। इस दौरान प्रदेश प्रभारी @Sukhjinder_INC जी, पूर्व मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 जी एवं नेता प्रतिपक्ष @TikaRamJullyINC जी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर इस बैठक में महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।@Rutvik_Makwana_ @PunamPaswanINC @Chiranjeev_INC @INCRajasthan
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निकाय चुनाव में प्रचार से दूर रहे गहलोत-पायलट
राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों के बाद अंदरूनी खींचतान भी खुलकर सामने आई। कई जगह क्रॉस वोटिंग और पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ जाने की शिकायतें आईं। कांग्रेस ने इन मामलों की जांच के लिए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की अगुआई में 9 सदस्यीय कमेटी बनाई। 400 से ज्यादा कांग्रेस पार्षदों की भूमिका की जांच की बात सामने आई है।
राजस्थान के कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर रंधावा के पायलट बने सचिन। साथ में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी नजर आए। क्या पंचायत चुनाव से पहले एकजुटता दिखाने की कोशिश। #sachinpilot #ashokgehlot #rajasthan #congressparty https://t.co/HkYSBhIdQu
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गहलोत-पायलट के बीच पहला विवाद: 2018 में CM की कुर्सी
दूसरा विवाद: अपनी ही सरकार को घेरने लगे पायलट
पायलट-गहलोत के बीच तीसरा विवाद: 2020 में होटल तक पहुंची लड़ाई
चौथा विवाद: समझौता हुआ पर मन नहीं मिले
पांचवां विवाद: 2022 में 'गद्दार' तक पहुंची बात
कांग्रेस विधायकों की मांग थी कि 2020 में पायलट के साथ गए 19 विधायकों में से किसी को मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाए। इसके बाद गहलोत-पायलट के रिश्ते और बिगड़ गए। कुछ महीने बाद गहलोत ने पायलट को 'गद्दार' तक कह दिया।
2023 में पायलट ने पिछली वसुंधरा राजे सरकार के समय के कथित भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई नहीं होने पर अपनी ही सरकार को घेरा था। उन्होंने जयपुर में एक दिन का अनशन किया था और बाद में यात्रा भी निकाली। दूसरी तरफ गहलोत ने आरोप लगाया था कि 2020 के सियासी संकट के दौरान कांग्रेस के कुछ विधायकों ने भाजपा से पैसे लिए थे। पायलट ने इन आरोपों को गलत बताया। विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले तक दोनों नेताओं के बीच यह खींचतान जारी रही।
अब पंचायत चुनाव से पहले फिर 'हम साथ-साथ हैं'?
राजस्थान नगर निकाय चुनाव में क्रॉस वोटिंग और अंदरूनी नाराजगी के मामले कांग्रेस के सामने हैं। पार्टी उनकी जांच करा रही है। दूसरी तरफ पंचायत चुनाव का कार्यक्रम भी सामने आ चुका। ऐसे में कांग्रेस के लिए इस बार सिर्फ भाजपा से मुकाबला करना ही चुनौती नहीं। अपने घर को संभालना भी जरूरी। इसीलिए बुधवार की बैठक की तस्वीर सियासी तौर पर अहम है।
गहलोत, पायलट, डोटासरा, जूली और रंधावा एक जाजम पर बैठे। हंसी-मजाक हुआ। पुराने तल्ख रिश्तों के बीच सम्मान दिखा। पायलट की कार में डोटासरा और जूली बैठे तो वॉर रूम में गहलोत के साथ पायलट सहज दिखे।
कांग्रेस शायद पंचायत चुनाव से पहले यही तस्वीर नीचे तक पहुंचाना चाहती है कि पुराने हिसाब बाद में, फिलहाल चुनाव सामने है।अब यह मेल-मिलाप सिर्फ तस्वीरों और वीडियो तक रहता है या टिकट बांटने से लेकर प्रचार और मतदान तक भी दिखाई देता है, इसकी असली परीक्षा पंचायत चुनाव में होगी।
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