राजस्थान में राजेंद्र राठौड़ और सतीश पूनिया मंत्रिमंडल में हो सकते हैं शामिल
Rahul Garhwal | Dec 29, 2023, 24:00 IST
राजस्थान में राजेंद्र राठौड़ और सतीश पूनिया मंत्रिमंडल में हो सकते हैं शामिल
राजस्थान में राजेंद्र राठौड़ और सतीश पूनिया मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं।
मनीष गोधा, JAIPUR. राजस्थान में बीजेपी सरकार का मंत्रिमंडल शनिवार को शपथ ले सकता है। मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण से पहले नामों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक अहम संभावना ये भी बताई जा रही है कि चुनाव हारने के बावजूद पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और पूर्व उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया दोनों या दोनों में से एक को मंत्री बनाया जा सकता है।
संगठन के करीबी हैं राजेंद्र राठौड़
राजेंद्र राठौड़ 7 बार लगातार विधायक रह चुके हैं और संसदीय कार्यों का गहरा अनुभव रखते हैं। ऐसे में उनका हारना पार्टी के लिए इस बार काफी बड़ा धक्का माना जा रहा है। राठौड़ एक समय सीएम वसुंधरा राजे के सबसे नजदीकी लोगों में हुआ करते थे, लेकिन अब वे संगठन के करीबी हैं और मौजूदा सरकार के अहम फैसलों में उनकी भूमिका नजर आ रही है।
वसुंधरा के करीबियों को शामिल करना जरूरी
पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के करीबियों को शामिल करना जरूरी है। वहीं किरोड़ीलाल मीणा जैसे बड़े नेता भी मंत्री बनाए जा सकते हैं। वहीं खुद सीएम भजनलाल शर्मा पहली बार विधायक बने हैं। ऐसे में समन्वय बनाए रखने के लिए राजेंद्र राठौड़ जैसे नेताओं की जरूरत महसूस की जा रही है।
दोनों मंत्रिमंडल में आए तो क्या होगा ?
सतीश पूनिया हालांकि एक ही बार विधायक रहे हैं, लेकिन पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी है। इसके अलावा जाट समुदाय से होने के नाते भी उनका मंत्री बनने का दावा मजबूत माना जा रहा है। इन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया जाता है तो इन्हें 6 महीने में विधायक का चुनाव लड़कर जीतकर आना होगा। इसके लिए 2 सीट भी खाली करानी होगी। राजस्थान में राज्यसभा की 3 सीटों पर फरवरी-मार्च में चुनाव होना है। ऐसे में जिनसे सीट खाली कराई जाएंगी, उन्हें राज्यसभा या आगामी लोकसभा चुनाव लड़वाकर एडजस्ट किया जा सकता है।
संगठन के करीबी हैं राजेंद्र राठौड़
राजेंद्र राठौड़ 7 बार लगातार विधायक रह चुके हैं और संसदीय कार्यों का गहरा अनुभव रखते हैं। ऐसे में उनका हारना पार्टी के लिए इस बार काफी बड़ा धक्का माना जा रहा है। राठौड़ एक समय सीएम वसुंधरा राजे के सबसे नजदीकी लोगों में हुआ करते थे, लेकिन अब वे संगठन के करीबी हैं और मौजूदा सरकार के अहम फैसलों में उनकी भूमिका नजर आ रही है।
वसुंधरा के करीबियों को शामिल करना जरूरी
पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के करीबियों को शामिल करना जरूरी है। वहीं किरोड़ीलाल मीणा जैसे बड़े नेता भी मंत्री बनाए जा सकते हैं। वहीं खुद सीएम भजनलाल शर्मा पहली बार विधायक बने हैं। ऐसे में समन्वय बनाए रखने के लिए राजेंद्र राठौड़ जैसे नेताओं की जरूरत महसूस की जा रही है।
दोनों मंत्रिमंडल में आए तो क्या होगा ?
सतीश पूनिया हालांकि एक ही बार विधायक रहे हैं, लेकिन पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी है। इसके अलावा जाट समुदाय से होने के नाते भी उनका मंत्री बनने का दावा मजबूत माना जा रहा है। इन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया जाता है तो इन्हें 6 महीने में विधायक का चुनाव लड़कर जीतकर आना होगा। इसके लिए 2 सीट भी खाली करानी होगी। राजस्थान में राज्यसभा की 3 सीटों पर फरवरी-मार्च में चुनाव होना है। ऐसे में जिनसे सीट खाली कराई जाएंगी, उन्हें राज्यसभा या आगामी लोकसभा चुनाव लड़वाकर एडजस्ट किया जा सकता है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman